Sadbhavana Lok Foundation

Sadbhavana Lok Foundation Its mission is to foster harmony, peace, and free humanity from scarcity mindset.

Sadbhavana Lok Foundation is a socio organization promoting quality education, accessible health, environmental protection and sustainable development for public prosperity. Sadbhavana Lok Foundation is a social and spiritual organization dedicated to spreading public prosperity and goodwill through education, health, environmental protection, and sustainable development. Its mission is to bring l

asting change in human life and inspire every individual to move beyond the mindset of scarcity towards prosperity. The foundation believes that social development is impossible without peace and goodwill. Therefore, it promotes not only material growth but also internal spirituality and cultural values. Through programs in yoga, meditation, health services, and environmental conservation, the foundation reaches out to all sections of society. Sadbhavana Lok Foundation’s mission is to ensure access to education, health, and environment for all, while fostering mutual respect, cooperation, and love among people. This initiative opens pathways for lasting harmony and development, aiming to build a prosperous and healthy India. The foundation holds the belief that true prosperity of society is possible only when every individual becomes self-reliant, aware, and a promoter of goodwill. For this reason, it continuously works to unite communities and bring positive change in all areas of life.

विकास की राख और बिहार का भविष्य!बिहार अब “रोशन” होने जा रहा है —हर घर में राख उड़ रही है, हर साँस में कोयला घुल रहा है,व...
23/10/2025

विकास की राख और बिहार का भविष्य!

बिहार अब “रोशन” होने जा रहा है —
हर घर में राख उड़ रही है, हर साँस में कोयला घुल रहा है,
विकास के नाम पर हर खेत में राख का लेप चढ़ चुका है!

अदानी पावर प्लांट कमाल कमाल करने वाला है
जिससे बिजली आए या न आए, पर आसमान ज़रूर काला होने वाला है।
और गांव वाले यह कहने के लिए मजबूर होने वाले हैं कि

“पहले हम अंधेरे से डरते थे, अब रोशनी से।”

जल्द ही पानी में जहर, हवा में धुआँ, और प्रशासन के कानों में “कॉर्पोरेट साइलेंसर” लगा हुआ होगा।
यही “नए भारत का विकास मॉडल”होगा
जहाँ खेत नहीं जलते, बल्कि जलाकर विकास बोया जाता है।

यही चलता रहा, तो आने वाले बच्चे पूछेंगे —
“दादी, पेड़ कैसे होते थे?” 🌳
“और पानी का रंग नीला क्यों कहते थे?” 💧

बधाई हो बिहार!
आपने भविष्य के लिए बिजली तो बचा ली,
बस जीवन खत्म होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

क़रीब एक हज़ार एकड़ ज़मीन और सालाना किराया सिर्फ़ एक रुपये. देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में से एक गौतम अदानी की क....

21/10/2025
Reform in PhD Selection Process — A Step Toward Academic IntegrityThe Government of India has initiated a review of the ...
20/10/2025

Reform in PhD Selection Process — A Step Toward Academic Integrity

The Government of India has initiated a review of the PhD admission process in universities amid UGC’s strict stance on irregularities and quality issues. This marks a major move toward transparency and academic reform.

Dr. Sagar Kachhawa, representing Sadbhavana Lok Foundation, Jaipur, has consistently advocated for fairness and accountability in PhD admissions. The recent government and UGC action reflects the same vision.

A policy-level change that will restore trust in higher education and strengthen India’s research ecosystem.

🙏 Sadbhavana Lok Foundation, Jaipur
“Ethics in Education — Harmony in Society”

🌸 दीपावली शुभकामना संदेश 🌸> दीपावल्याः सहस्रदीपाः भवतः जीवनं सुखेन, सन्तोषेण, शान्त्या आरोग्येण च प्रकाशयन्तु।प्रकाश पर्...
20/10/2025

🌸 दीपावली शुभकामना संदेश 🌸

> दीपावल्याः सहस्रदीपाः भवतः जीवनं सुखेन, सन्तोषेण, शान्त्या आरोग्येण च प्रकाशयन्तु।

प्रकाश पर्व दीपावली आप सभी के जीवन में सद्भाव, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति के नवदीप प्रज्वलित करे।
अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य, और वैर पर प्रेम की विजय का यह पर्व हम सबके जीवन में नव आशा, नव ऊर्जा और नव सृजन का संदेश लेकर आए।

सद्भावना लोक फाउंडेशन का संकल्प है —
“सद्भाव, सेवा और शिक्षा के दीप से समाज को आलोकित करना।”

आप सभी को सागर कछावा एवं सद्भावना लोक फाउंडेशन परिवार की ओर से दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ।
✨शुभ दीपावली!✨

📚 शिक्षा की बदली का काला सच ❗राजस्थान में शिक्षा की पवित्रता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।एक ओर झुंझुनूं की जेजेटी यूनि...
09/10/2025

📚 शिक्षा की बदली का काला सच ❗

राजस्थान में शिक्षा की पवित्रता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक ओर झुंझुनूं की जेजेटी यूनिवर्सिटी द्वारा जारी की गई 400 से अधिक नर्सिंग पीएचडी डिग्रियों की वैधता पर भारतीय नर्सिंग काउंसिल ने ही सवाल उठा दिए,
तो दूसरी ओर राज्य सरकार ने ओपीजेएस यूनिवर्सिटी, चूरू में नए प्रवेशों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

👉 फर्जी डिग्रियाँ,
👉 शैक्षणिक फर्जीवाड़ा,
👉 और मान्यता रहित कोर्सों की डिग्रियाँ —
अब हमारे उच्च शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भीतर से खोखला कर रहे हैं।

राज्य सरकार ने कार्रवाई की शुरुआत करते हुए कहा है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फर्जी संस्थानों पर शिकंजा कसने और शिक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।

अब वक्त है कि
🎓 शिक्षा को धंधा नहीं, साधना समझा जाए।
🎓 डिग्रियों की नहीं, ज्ञान की कद्र हो।
🎓 और विश्वविद्यालयों में जवाबदेही तय हो।

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🔍 शिक्षा की बदली रोकने का समय आ गया है। सच्ची शिक्षा वही है जो समाज और विद्यार्थी दोनों को उजाला दे — न कि भ्रम और धोखा।

Sagar Kachhwa gave a message against injustice.
29/09/2025

Sagar Kachhwa gave a message against injustice.

शहीद भगत सिंह जयंती पर शिक्षा के व्यापारीकरण से युवाओं को बचाने की प्रेरणा — डॉ. सागर कछावा ने दिया अन्याय के खिलाफ संघर...
28/09/2025

शहीद भगत सिंह जयंती पर शिक्षा के व्यापारीकरण से युवाओं को बचाने की प्रेरणा — डॉ. सागर कछावा ने दिया अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश

झुंझुनू, 28 सितंबर।
सर्वहार एकता मंच, झुंझुनू द्वारा शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक समारोह में सद्भावना लोक फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. सागर सिंह कछावा ने युवाओं और समाज के सामने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों को उजागर करते हुए अन्याय के खिलाफ संघर्ष का आह्वान किया।

डॉ. कछावा ने अपने वक्तव्य में कहा, ‘‘आज देश के अनेक निजी शिक्षण संस्थान डिग्री के व्यापार केंद्र बन गए हैं। युवा पीढ़ी ऐसी ‘लंगड़ी शिक्षा’ के साथ आगे बढ़ने को विवश है, जिसमें ना दक्षता है, ना समाज और राष्ट्र निर्माण की शक्ति।’’ उन्होंने जिले के एक प्रमुख निजी विश्वविद्यालय की अनियमितताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब डिग्रियों का व्यापार होने लगे और शिक्षा व्यवस्था बाजार की वस्तु बन जाए, तो उसका प्रभाव पूरे समाज और राष्ट्र पर पड़ता है।

डॉ. कछावा ने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘भगत सिंह ने शिक्षा को केवल नौकरी या निजी लाभ का साधन नहीं, बल्कि विवेक, जिम्मेदारी और समाज सुधार का जरिया बताया था। वे बार-बार चेताते थे कि अगर शिक्षा व्यवस्था युवाओं में जागृति और बदलाव की सोच न पैदा करे, तो ऐसा शिक्षा तंत्र निकम्मा और समाज के लिए खतरनाक है। आज भगत सिंह के विचार अधिक प्रासंगिक हो गए हैं, जब शिक्षा का व्यापारीकरण चरम पर है।’’

समारोह में उपस्थित युवाओं और नागरिकों ने भगत सिंह के विचारों को अपने जीवन में उतारने का प्रण लिया। डॉ. कछावा ने कहा, ‘‘अन्याय के विरुद्ध संघर्ष कभी नहीं रुकेगा। शिक्षा का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण, संस्कृति और सामाजिक चेतना को मजबूत करना होना चाहिए, न कि केवल डिग्री बांटना।’’

कार्यक्रम में भगत सिंह जी के जीवन और आदर्शों पर आधारित विचार गोष्ठी, समाज के विविध वर्गों की भागीदारी और सद्भावना लोक फाउंडेशन की ओर से शिक्षा में शुचिता की मांग को सर्वसम्मति से समर्थन मिला।

समाज के लिए संदेश देते हुए डॉ. कछावा और आयोजकों ने कहा—
‘‘शहीद भगत सिंह की प्रेरणा अब भी जीवित है; अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और सही शिक्षा का मार्ग चुनना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।’’

https://www.interviewerindia.com/2025/09/28/dr-sagar-kachhawa-gave-the-message-of-struggle-against-injustice/

सागर कछावा और सोनम वाँचू — न्याय, शिक्षा और सामाजिक बदलाव के लिए दो ज़बरदस्त संघर्षजब समाज के सच्चे रक्षक शिक्षा और अधिक...
27/09/2025

सागर कछावा और सोनम वाँचू — न्याय, शिक्षा और सामाजिक बदलाव के लिए दो ज़बरदस्त संघर्ष

जब समाज के सच्चे रक्षक शिक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ उठाते हैं, तो उनका मार्ग आसान नहीं होता।

डॉ. सागर सिंह कछावा ने श्री जगदीशप्रसाद झाबरमल तिबड़ेवाला विश्वविद्यालय की शिक्षा की पवित्रता बचाने के लिए गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया, जिसके कारण विश्वविद्यालय पर UGC ने PhD प्रवेश पर पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया। इसके बाद डॉ. कछवा ने झूठी FIR, उत्पीड़न और दबाव के बावजूद लड़ाई जारी रखी।

वहीं, सोनम वाँचू ने लद्दाख में समानता, अधिकार और पर्यावरण की रक्षा के लिए वर्षों से संघर्ष किया। उन्होंने अपने शांतिपूर्ण आंदोलन और भूख हड़ताल के माध्यम से व्यापक आवाज़ उठाई, बावजूद इसके उनकी असंख्य मुश्किलें और गिरफ्तारी भी हुई।

दोनों व्यक्तित्वों ने दिखाया कि चाहे स्थिति कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो, सच्चाई और न्याय के लिए कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।

आइए, इन दोनों साहसी हस्तियों के संघर्ष को सलाम करें, जो शिक्षा, समाज और पर्यावरण के लिए लड़ते हुए हमें प्रेरणा देते हैं।

#सागरकछावा #सोनमवाँचू #शिक्षाकीपवित्रता #सामाजिकन्याय #संघर्ष #न्यायकीआवाज

नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ। विद्यार्थियों की व्यापक...
27/09/2025

नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ। विद्यार्थियों की व्यापक सहयोग व भागीदारी। नवरात्रि केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि यह सद्भाव, सहयोग और संस्कारों के संवर्धन का भी प्रतीक है। हमारा आह्वान है कि आदर्श समाज निर्माण हेतु एकता और संस्कारों का संकल्प लें।

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