10/04/2026
#मेरिटल रेप
सुनने में जितना अजीब हकीकत में उतना ही घातक,
अब तक मेरिटल रेप जैसा कोई शब्द कानून में नहीं है लेकिन पिछले कुछ सालों से लगातार यह शब्द महिलावादीयों के द्वारा गुनगुनाया जा रहा है,
मेरिटल रेप का मतलब है किसी पति के द्वारा अपनी ही पत्नि के साथ असहमति के बावजूद संबंध बनाना, लेकिन भारतीय समाज और वैवाहिक संस्कारों में यह अपराध नहीं माना गया है, जबकि हकीकत में ऐसे मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं,
#कानूनी षड्यंत्र
अब इसे अपराध बनाया जा रहा है इसके पीछे भी बहुत ही भयानक षड्यंत्र है जिसे कानूनी रूप पहनाकर कानूनी षड्यंत्र बनाया जा रहा है, आमजन में सिर्फ यही धारणा है कि इसका प्रयोग भी दहेज, DV, कई तरह ही झूठे केसों के रूप में किया जाएगा जबकि इसके पीछे का षड्यंत्र बहुत ही बडा है,
इसे कानूनी रूप में समझते हैं,
BNS की धारा 67 (बलात्कार) में इसे अपवाद संख्या 2 में परिभाषित किया गया है जिसके अनुसार "अपनी पत्नि के साथ जबरन बनाए संबंध बलात्कार की श्रेणी में नहीं आता जिसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है,
अब महिलावादीयों के द्वारा इस अपवाद को हटाने की सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है क्योंकि कोई भी कोर्ट कानून बना नहीं सकता सिर्फ संशोधन या हटा सकता है,
इस अपवाद के हटते ही एक पत्नि को सामान्य महिला का दर्जा मिल जाएगा, जिसके लिए बलात्कार, छेडछाड व अन्य महिला कानूनों तक पहुंच बन जाएगी,
ऐसे में जिन महिलाओं के अवैध संबंध हैं या जो पति की दौलत हड़पना चाहती हैं उनके लिए अपने पति को रास्ते से हटाना बहुत ही आसान हो जाएगा, क्योंकि अब तक अवैध संबंध में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या हो रही हैं जिसमें पत्नि को तो हालांकि 3-4 साल बाद बरी कर दिया जाता है लेकिन प्रेमी को सजा हो जाती है ऐसे में पत्नि -प्रेमी का जोडा बिछड जाता है,
लेकिन मेरिटल रेप कानून के बाद, पत्नि रात में कभी भी अपने सोते हुए पति की आराम से हत्या कर सकती है।
जिसका कोई सबूत, कोई गवाह नहीं होगा।
फिर वही पत्नि हत्या करने के बाद BNS की धारा 38 (बचाव में हत्या) की उपधारा (ग) व (घ) के द्वारा खुद को बलात्कार से बचने के लिए हत्या करने जैसे कानूनी बहाने से आराम से बच जाएगी,
उपधारा(ग) - बलात्कार की कोशिश में हत्या माफ है।
उपधारा (घ) अप्राकृतिक संबंध में हत्या माफ है।
फिर हिंदू एक्ट के तहत अपने पति की सारी संपत्ति पर अधिकार मिल जाएगा, जिसके बाद वह अपने प्रेमी के साथ आराम से रह सकती है।
#मकसद
मकसद साफ है पत्नि के अवैध संबंध में रोया बने पति को कानूनी रूप से हटाना व पत्नि को सजा से बचाना, साथ ही पत्नि के प्रेमी को भी सजा से बचाना,
मेरिटल रेप जैसे घिनौने कानून की बदौलत भारतीय समाज में पत्नि के अवैध संबंध व पति की हत्या आम बात हो जाएगी,
यानि एक पति अपनी जान से भी गया, अपनी दौलत से भी गया और एक महिला पत्नि ने हत्या भी कर दी और दौलत भी मिल गई और प्रेमी भी मिल गया और सजा भी नहीं मिली।
मेरिटल रेप एक सोचा समझा षड्यंत्र है जिसे महिलावादी और जज लोग बाखूबी जानते हैं,
समझा जा सकता है कि भारतीय समाज के साथ भारत को खत्म करने के लिए ऐसे लोगों के द्वारा भयानक षड्यंत्र का खेल रहा जा रहा है, ऐसे में यदि लोग विरोध नहीं करते हैं तो अंजाम भुगतना पडेगा।।
संबंधित किसी भी जानकारी के लिए कमेंट्स करें।।