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आखिर पुरुष आंदोलन सफल क्यों नहीं हो पा रहे!   सबसे बडा कारण है खुद पुरुषों का विरोध।जिनमें महिला लंपट पुरुष,  जज वकील,  ...
15/05/2026

आखिर पुरुष आंदोलन सफल क्यों नहीं हो पा रहे!
सबसे बडा कारण है खुद पुरुषों का विरोध।
जिनमें महिला लंपट पुरुष, जज वकील, पुलिस, मीडिया, जैसे लोग शामिल होते है, क्यों विरोध करते हैं इसे सभी जानते हैं और शहीद भगतसिंह की कहानी से समझा जा सकता है
जिस प्रकार मात्र 10 हजार अंग्रेज 33 करोड भारतीयों पर राज कर गये, वही कारण देश में आज भी व्यापत है, और शुरू से रहा है, यही कारण देश की बर्बादी का जिम्मेदार बनेगा।।

नोट - सभी भारतीय नाम Google से लिए गये हैं, फिर भी कोई विवादित या गलत हो तो क्षमा।

पति की हत्या और पत्नि पर जुर्माना सिर्फ 500 रूपए!  सुनकर अजीब नहीं लगना चाहिए, एक और घटना में पति की हत्या करने वाली पत्...
14/05/2026

पति की हत्या और पत्नि पर जुर्माना सिर्फ 500 रूपए!
सुनकर अजीब नहीं लगना चाहिए, एक और घटना में पति की हत्या करने वाली पत्नि को बरी कर दिया गया था,
दोनों ही फैसलों में कारण बताया गया झगडा।
क्या एक मामूली झगडे में हत्या करना माफ है?
जी नही, लेकिन महिला के लिए सब कुछ माफ है कोई भी बहाना बनाकर।।
आपको शायद गुस्सा भी आए, लेकिन इसकी पटकथा पहले ही तैयार कर ली गई थी #मेरिटल_रेप कानून के रूप में,
कुछ समय बाद शायद 500 रूपए का जुर्माना भी लगना बंद हो जाएगा, मेरिटल रेप कानून के बाद।
Justice 4 MEN ने पहले ही मेरिटल रेप कानून के असली को बेनकाब कर दिया था (10 अप्रैल आर्टिकल), लेकिन लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया,
जजों का असली मकसद एक महिला/पत्नि को पति /पुरुष की हत्या के आरोप से बरी करना है, सजा से बिल्कुल बचाना है,
मेरिटल रेप भी इसी रास्ते की मंजिल है,

04/05/2026
दो विभाग, दोनों ही पुरुष समाज के दुश्मन, दोनों ही विभागों के अधिकारी खुद महिला आतंकवाद के चपेट में आ रहे हैं, आत्महत्या ...
04/05/2026

दो विभाग, दोनों ही पुरुष समाज के दुश्मन, दोनों ही विभागों के अधिकारी खुद महिला आतंकवाद के चपेट में आ रहे हैं, आत्महत्या तक कर रहे हैं लेकिन महिलावाद नहीं छोड रहे हैं,
हाल ही दो मामलो में,
ऐसे ही एक मामले में दिल्ली स्थित कडकडडुमा कोर्ट में विधिक सहायता के सचिव जज अमन कुमार शर्मा ने अपनी जज पत्नि और IAS साली से परेशान होकर आत्महत्या कर ली,
वहीं राजस्थान के IG किशन सहाय मीना( पुलिस विभाग) पर एक महिला के द्वारा बलात्कार का पत्र द्वारा दर्ज कराया गया है,जिसके बाद IG मीना को APO कर दिया गया ।
बात यहाँ आती है कि जब खुद जज, वकील, पुलिस अधिकारी,IAS, सांसद, मंत्री खुद और बेटे तक नहीं बच रहे हैं लेकिन ठरक और पद, पैसे का लालच मुक्त नहीं होने देता,
ऐसे ही हालातों में मेरठ के कलेक्टर मुकेश पाण्डेय और कानपुर के SP सुरेंद्र कुमार दास ने भी पत्नि से प्रताड़ित होकर आत्महत्या कर ली थी,
वैसे भी बात सोचने की यह है कि ये ही लोग हैं जो कितने ही बेकसूर पुरुषों को आत्महत्या के लिए मजबूर करते हैं, कितने ही बेकसूर पुरुषों की जिंदगी को बोझ बना देते हैं, घुट घुटकर जीने को मजबूर कर देते हैं, वैसे ही हालात इनके सामने आ जाते हैं,तो ऐसे में इनकी मौत पर दुख महसूस होना चाहिए या आत्मसंतोष।।
ये लोग सिर्फ कहने के लिए पुरुष हैं जबकि ये पुरुष समाज के दुश्मन हैं।।

फैसला करने की अवधि 6 महीने है, यदि आप में समय पर फैसला करने की क्षमता नहीं है, तो जज नहीं बनना चाहिए ।  फिर तो-मजदूर वर्...
22/04/2026

फैसला करने की अवधि 6 महीने है, यदि आप में समय पर फैसला करने की क्षमता नहीं है, तो जज नहीं बनना चाहिए ।
फिर तो-
मजदूर वर्ग को शादी नहीं करनी चाहिए । दुकानदार वर्ग को शादी नहीं करनी चाहिए । छोटी प्राइवेट नौकरी वाले को शादी नहीं करनी चाहिए। संविदा कर्मियों को शादी नहीं करनी चाहिए। प्रेक्टिस शुरू करने वाले वकीलों को भी 5-7 साल तक शादी नहीं करनी चाहिए। ठेले, फुटपाथ, कुली, फेरी वालों को भी शादी नहीं करनी चाहिए। टेम्पो, रिक्सा चलाने वालो को भी शादी नहीं करनी चाहिए। यही तो इनका मकसद है देश में शादी रोकना और तोडना ।
सच्चाई अब तो मुंह से भी निकल गई।।

 #मेरिटल रेप  सुनने में जितना अजीब हकीकत में उतना ही घातक, अब तक मेरिटल रेप जैसा कोई शब्द कानून में नहीं है लेकिन पिछले ...
10/04/2026

#मेरिटल रेप
सुनने में जितना अजीब हकीकत में उतना ही घातक,
अब तक मेरिटल रेप जैसा कोई शब्द कानून में नहीं है लेकिन पिछले कुछ सालों से लगातार यह शब्द महिलावादीयों के द्वारा गुनगुनाया जा रहा है,
मेरिटल रेप का मतलब है किसी पति के द्वारा अपनी ही पत्नि के साथ असहमति के बावजूद संबंध बनाना, लेकिन भारतीय समाज और वैवाहिक संस्कारों में यह अपराध नहीं माना गया है, जबकि हकीकत में ऐसे मामले बहुत ही कम देखने को मिलते हैं,
#कानूनी षड्यंत्र
अब इसे अपराध बनाया जा रहा है इसके पीछे भी बहुत ही भयानक षड्यंत्र है जिसे कानूनी रूप पहनाकर कानूनी षड्यंत्र बनाया जा रहा है, आमजन में सिर्फ यही धारणा है कि इसका प्रयोग भी दहेज, DV, कई तरह ही झूठे केसों के रूप में किया जाएगा जबकि इसके पीछे का षड्यंत्र बहुत ही बडा है,
इसे कानूनी रूप में समझते हैं,
BNS की धारा 67 (बलात्कार) में इसे अपवाद संख्या 2 में परिभाषित किया गया है जिसके अनुसार "अपनी पत्नि के साथ जबरन बनाए संबंध बलात्कार की श्रेणी में नहीं आता जिसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है,
अब महिलावादीयों के द्वारा इस अपवाद को हटाने की सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है क्योंकि कोई भी कोर्ट कानून बना नहीं सकता सिर्फ संशोधन या हटा सकता है,
इस अपवाद के हटते ही एक पत्नि को सामान्य महिला का दर्जा मिल जाएगा, जिसके लिए बलात्कार, छेडछाड व अन्य महिला कानूनों तक पहुंच बन जाएगी,
ऐसे में जिन महिलाओं के अवैध संबंध हैं या जो पति की दौलत हड़पना चाहती हैं उनके लिए अपने पति को रास्ते से हटाना बहुत ही आसान हो जाएगा, क्योंकि अब तक अवैध संबंध में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या हो रही हैं जिसमें पत्नि को तो हालांकि 3-4 साल बाद बरी कर दिया जाता है लेकिन प्रेमी को सजा हो जाती है ऐसे में पत्नि -प्रेमी का जोडा बिछड जाता है,
लेकिन मेरिटल रेप कानून के बाद, पत्नि रात में कभी भी अपने सोते हुए पति की आराम से हत्या कर सकती है।
जिसका कोई सबूत, कोई गवाह नहीं होगा।
फिर वही पत्नि हत्या करने के बाद BNS की धारा 38 (बचाव में हत्या) की उपधारा (ग) व (घ) के द्वारा खुद को बलात्कार से बचने के लिए हत्या करने जैसे कानूनी बहाने से आराम से बच जाएगी,
उपधारा(ग) - बलात्कार की कोशिश में हत्या माफ है।
उपधारा (घ) अप्राकृतिक संबंध में हत्या माफ है।
फिर हिंदू एक्ट के तहत अपने पति की सारी संपत्ति पर अधिकार मिल जाएगा, जिसके बाद वह अपने प्रेमी के साथ आराम से रह सकती है।
#मकसद
मकसद साफ है पत्नि के अवैध संबंध में रोया बने पति को कानूनी रूप से हटाना व पत्नि को सजा से बचाना, साथ ही पत्नि के प्रेमी को भी सजा से बचाना,
मेरिटल रेप जैसे घिनौने कानून की बदौलत भारतीय समाज में पत्नि के अवैध संबंध व पति की हत्या आम बात हो जाएगी,
यानि एक पति अपनी जान से भी गया, अपनी दौलत से भी गया और एक महिला पत्नि ने हत्या भी कर दी और दौलत भी मिल गई और प्रेमी भी मिल गया और सजा भी नहीं मिली।
मेरिटल रेप एक सोचा समझा षड्यंत्र है जिसे महिलावादी और जज लोग बाखूबी जानते हैं,
समझा जा सकता है कि भारतीय समाज के साथ भारत को खत्म करने के लिए ऐसे लोगों के द्वारा भयानक षड्यंत्र का खेल रहा जा रहा है, ऐसे में यदि लोग विरोध नहीं करते हैं तो अंजाम भुगतना पडेगा।।
संबंधित किसी भी जानकारी के लिए कमेंट्स करें।।

आखिर कब तक?
09/04/2026

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