05/08/2026
इथेनॉल ब्लेंडिंग: भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय और MSME उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण विषय
इथेनॉल ब्लेंडिंग केवल ईंधन नीति का विषय नहीं है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय, विदेशी मुद्रा की बचत, पर्यावरण संरक्षण तथा औद्योगिक विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दा है।
भारत में इथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) की शुरुआत वर्ष 2001 में हुई थी और समय के साथ इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया है। इस नीति का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध कराना तथा स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है।
विश्व के अनेक देशों, जैसे ब्राज़ील, अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में भी विभिन्न स्तरों पर इथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि यह केवल भारत की नीति नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा एक ऊर्जा विकल्प है।
उद्योग जगत का मानना है कि किसी भी नीति पर चर्चा और समीक्षा वैज्ञानिक तथ्यों, तकनीकी परीक्षणों तथा प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर होनी चाहिए। यदि कहीं तकनीकी चुनौतियाँ या उपभोक्ता संबंधी समस्याएँ सामने आती हैं, तो उनका समाधान अनुसंधान, गुणवत्ता मानकों और बेहतर तकनीक के माध्यम से किया जाना चाहिए।
भारत के MSME क्षेत्र, कृषि आधारित उद्योगों और ऊर्जा क्षेत्र के लिए यह आवश्यक है कि ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद तथ्यों, संतुलित दृष्टिकोण और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए किया जाए।
FORTI का मानना है कि ऐसी प्रत्येक नीति, जो किसानों की आय बढ़ाए, ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करे, आयात पर निर्भरता घटाए और उद्योगों के लिए नए अवसर उत्पन्न करे, उस पर रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए। साथ ही, यदि किसी पक्ष की वास्तविक चिंताएँ हैं, तो उनका समाधान वैज्ञानिक और संस्थागत तरीके से किया जाना चाहिए।
आइए, हम तथ्यों पर आधारित संवाद को बढ़ावा दें और भारत के कृषि, उद्योग एवं ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएँ।
सुरेश अग्रवाल
प्रेसिडेंट FORTI
Call now to connect with business.