31/05/2023
देश के लिए एक मैडल की कीमत
क्या कीमत होती होगी एक मैडल की?? थोड़ा बैठकर सोचना। बचपन से कहानी शुरू होती है। अपना बचपन मारकर अखाड़े में शुरू होती है जिंदगी। अनगिनत सपने, दिन-रात मेहनत और एक महिला के लिए तो पहलवानी का सोचना भी इतना कठिन है कि देश की लाखों बेटियां तो यह सोच भी नहीं पाती। फिर साक्षी मलिक जैसी एक बेटी, विनेश फोगाट जैसी एक बहन सब कुछ छोड़कर दंगल के अखाड़े में उतरती है और पूरा बचपन व जवानी समर्पित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अखाड़े में प्रतिद्वंद्वी को पटक पटक कर तिरंगा दुनिया के पटल पर लहराती है, भारत के राष्ट्रगान की धुन सुनाई देती है। पूरा देश तालियां बजाता हैं, बोलता है बेटी ने हमारा सीना चौड़ा कर दिया, पहलवानी का मैडल भारत को मिला है। उस मैडल की कीमत और उसके पीछे खिलाड़ी की भावना को दो कौड़ी के टपोरी क्या समझेंगे जो व्हाट्स अप पर ज्ञान पेल रहे हैं। कितना मुश्किल निर्णय होता है एक खिलाड़ी अपना मैडल अपने से अलग करें। उन्हीं खिलाड़ियों ने WFI के अध्यक्ष पर यौन उत्पीडन के गंभीर आरोप लगाए तो इस बात को गंभीरता से लेने के बजाए लोग जाति के हिसाब से, पार्टी के हिसाब से बचाव में उतर गये। आईटी सेल लग गई काम पर फोटो एडिट करने पर, बदनाम करने पर, एक जाति व क्षैत्र का तमगा देने पर।
WFI के अध्यक्ष ने मैडल की कीमत 15 रूपये बताई। इसका भी तात्पर्य सोचना , जो देश का मैडल है वो 15 रूपये का है तो देश की कीमत भी वही है , क्योंकि मैडल भारत के पहलवान को मिला था। 38 गंभीर मुकदमों के आरोपी का लोग कैसे समर्थन कर देते हैं। अगर समाज के किसी व्यक्ति का समर्थन करना है तो रविन्द्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों का करो वो गौरव है देश का। शूरवीर महाराणा प्रताप का करो और करना चाहिए। ये 38 मुकदमों वाला रोल मॉडल हैं क्या आपका?? जब तो मुबारक हो आपको। हम तो देश के पहलवानों के साथ हैं।