28/09/2024
सरकार टूटी हुई सड़को के लिए ठेकेदारों को दोष दे रही है और कार्यवाही की बात करती है जबकि ठेकेदारों का सालो तक भुगतान बकाया रहता है। सड़के सालो पहले की तकनीकी स्पेसिफिकेशन के आधार पर बनवाती है और उसे अधिकारी जांच कर पास करते है। हर स्तर पर कमीशन लिया जाता है हालात तो यहां तक है की पिछली सरकार के विधायको ने भी ठेकेदारों से सड़क में कमीशन खाया है। अधिकारी और विधायक तो खा पी के निकल लिए पर ठेकेदारों के भुगतान रोक हुए है अब उप्पर से कार्यवाही की जा रही है। सरकार को ये चेतावनी है की जल्द से जल्द बकाया भुगतान दिया जाए और ठेकेदारों के साथ साथ अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाए। ठेकेदार खराब काम करके राज़ी नहीं है पर उसे मजबूर किया जाता है कमीशन के लिए और कमीशन की कोई सीमा नहीं रह गई है। हालात यहां तक हो गए है की ठेकेदार आत्महत्या को मजबूर हो गए है।
8 अक्टूबर से ठेकेदार संघ राजस्थान के अध्यक्ष रामसिंह शेखावत जी पीडब्ल्यूडी हेड ऑफिस जयपुर में आमरण अनशन पर बैठेंगे।