श्री गाजण माता यूथ ब्रिगेड राजस्थान

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श्री गाजण माता यूथ ब्रिगेड राजस्थान इस पेज का मुख्य उद्देश्य राजपूतों को इतिहास के प्रति जागरूक करना और प्रतिहार वंश का उत्थान करना🙏

संस्थापक- भरतसिंह पड़िहार
राष्ट्रीय अध्यक्ष- सत्यपालसिंह पड़िहार
प्रदेशाध्यक्ष- उम्मेदसिंह पड़िहार
The Voice Of Pratihar Rajput Dynasty

*सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार शोध केंद्र में विचार गोष्टी व सम्मान समारोह आयोजित*जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के सम...
27/07/2026

*सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार शोध केंद्र में विचार गोष्टी व सम्मान समारोह आयोजित*
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के सम्राट मिहिर भोज प्रतिहार शोध संस्थान में रविवार को विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित हुआ शोध समिति के डॉ रघुवीर सिंह बेलवा राणाजी ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो.मदन सिंह राठौड़ कुलगुरु, बृज विश्वविद्यालय भरतपुर अध्यक्षता प्रो.रिशपाल सिंह राठौड़ महामंत्री ABRSM,
विशिष्ट अतिथि प्रो. वीरेंद्र सिंह जैतावत कुलगुरु कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर की गरिमामय में उपस्थित रही समारोह में राजस्थान प्रशासनिक सेवा में नवचयनित RAS चंदन सिंह इंदा बालेसर, परमवीर सिंह इंदा, सेजल कंवर इंदा को सम्मानित किया गया
कार्यक्रम में प्रो. रिशपाल सिंह राठौड़ ने सम्राट मिहिर भोज के गौरवशाली व्यक्तित्व प्रतिहार साम्राज्य में ऐतिहासिक योगदान पर विचार व्यक्त किये कुलगुरू प्रो.मदन सिंह ने सम्राट मिहिर भोज की युद्ध नीति, सैन्य ताकत और न्याय व्यवस्था के संबंध ऐतिहासिक कार्यों को लेकर विचार रखें
इस अवसर पर प्रो. ज्ञान सिंह शेखावत, प्रो.उम्मेद सिंह रिनिया, डॉ राजश्री राणावत, प्रो सुमन परिहार,
श्री चंद्रवीर सिंह देणोक संभाग प्रमुख श्रीक्षत्रिय युवक संघ प्रो कमल सिंह राठौड़, श्री जसवंत सिंह इंदा जिला उपाध्यक्ष भाजपा जोधपुर
श्रीनरपत सिंह बस्तवा प्रो. राम सिंह इन्दा दिल्ली विश्वविद्यालय, राजेंद्र सिंह लीलिया भेरू सिह इंदा तिरसिंगड़ी, भेरू सिंह भाटी चाबा,नाथू सिंह नांदड़ा, दलपत सिंह नांदड़ा, मनोहर सिंह बस्तवा, विक्रम सिंह गोपालसर, चक्रवर्ती सिंह, सोईतरा भवानीपाल सिंह नगड़ी सुमेर सिंह छायन हिम्मत सिंह जोलियाली भगवान सिंह बेलवा सवाई सिंह खरीबेरी महिपाल सिंह बस्तवा अनोप सिंह कल्याणपुर डॉ सवाई सिंह सारुंडा जसवंत सिंह पाटोदी,भंवर सिंह बालेसर मोती सिंह जोधा सहित सैकड़ो लोक उपस्थित रहे

लुलावत पड़िहारो का जागीरी ठिकाना सुरधना पड़िहारान बीकानेर जिले से मात्र 15 km दूरी पर स्थित लुलावत पड़िहार राजपूतों का ज...
10/07/2026

लुलावत पड़िहारो का जागीरी ठिकाना

सुरधना पड़िहारान बीकानेर जिले से मात्र 15 km दूरी पर स्थित लुलावत पड़िहार राजपूतों का जागीर का ठिकाना है मंडोर के शासक राणा रूपडोजी पड़िहार 6 भाई थे जिसमें 2 नंबर पर भाई राणा बलूजी पड़िहार थे राणा बलूजी पड़िहार राणा रूपडोजी के साथ मंडोर दहेज में देने के बाद वहां पलायन कर छायण गांव आ गए थे और वहां से पलायन कर बीकानेर की तरफ आ गए थे इनके 9 पुत्र थे जिनमें से 2 का विवाह हुआ और बाकी युद्ध में काम आ गए जिनमें एक का नाम राणा उदोजी पड़िहार और दूसरे का नाम राणा बिदोजी पड़िहार था और इनके वंशज यहां से कतरियासर पलायन कर गए और वहां से वापस आकर उदासर बस गए और राणा उदोजी ने उदासर बसाया जो बीकानेर के निकट स्थित है और उदोजी पड़िहार के वंशज वहां पलायन कर गांव सुरधना पड़िहारान बसाया इस गांव की स्थापना लगभग सन 1636 में की गई थी और यह यह जागीरी ठिकाना था इस जागीर के अंतर्गत लगभग 12 गांव आते थे और इस ठिकाने के पास लगभग 8 हजार बीघा भूमि थी और और यहां के बुजुर्ग व्यक्तियों द्वारा बताया जाता है कि महाराजा गंगासिंह जी बीकानेर से चलकर यहां शिकार करने के लिए आते थे और अपने घोड़े यहां छोड़ते थे और बताया जाता है कि यहां पर एक महल था जिसे आम लोग महलायात कहकर पुकारते थे और दीपावली के दिन इस महलायत और जूनागढ़ किले पर दीपक जलते थे तो दिखाई देते थे क्योंकि यह महल और जूनागढ़ दोनो एक ही रेखा में स्थित है और यह पहले बड़ा महल था उसके बाद जब छपनिया अकाल पड़ा तब यहां के जागीरदार पड़िहार सरदारों ने प्रजा से कहा अब अन्न समाप्त हो गया है और आप इस महल की ईंट निकालकर बच दो और आप भी खाओ और हमें भी खिलाओ तब इस किले की ईंटें निकालकर बेची गई और जिनका उपयोग रामपुरिया हवेली बीकानेर में किया गया और अभी भी इस महल का कुछ भाग बचा हुआ जिसमें आज भी निवास करते है और एक साइड का भाग देखरख नहीं करने के कारण खंडहर बन चुका है इस ठिकाने में पुराने समय में कई व्यक्ति सरकारी पदों पर भी रहे चुके है और आज भी यहाँ की धरती बताती है कि यहां पर कई सतीया और जुझार भी हुए जिनकीआज भी मूर्तियां निकली हुई है जिनकी देखरख नहीं होने के कारण मिट रही है और यहां पर पानी की कमी आने पर यहां से कुछ पड़िहार भाई पलायन कर गये जिन्होंने आगे जाकर दुलचासर, सूरतसिंहपुरा, कोटासर, खारड़ा, गांव बसाए और बिदोजी पड़िहार के वंशज उदासर,राजपुरिया,मेहरासर, कुंपालसर गांव बसाए और आज भी यहाँ काफी संख्या में निवास करते है अब सुरधना पड़िहारान में मीठा पानी है और यहां के पड़िहार कृषि कार्य पर निर्भर है

प्रतिहार राजवंश इतिहास संरक्षक संस्था
श्री गाजण माता यूथ ब्रिगेड राजस्थान

प्रतिहार वंश कुलदेवी श्री गाजणाराय
20/06/2026

प्रतिहार वंश कुलदेवी श्री गाजणाराय

17/06/2026

प्रतिहार राजवंश (राज्य ध्वज,लोगो,कुलदेवी,मंदिर)
16/06/2026

प्रतिहार राजवंश (राज्य ध्वज,लोगो,कुलदेवी,मंदिर)

14/06/2026
इला पड़िहारां ऊजळी, सम्मान री सिरमोड़।बळिहारी पड़िहारां तणी, राखी अटल मरोड़।।इला पड़िहारां ऊजळी, सम्मान री सिरमोड़।बळिहा...
10/06/2026

इला पड़िहारां ऊजळी, सम्मान री सिरमोड़।

बळिहारी पड़िहारां तणी, राखी अटल मरोड़।।

इला पड़िहारां ऊजळी, सम्मान री सिरमोड़।
बळिहारी पड़िहारां तणी, राखी अटल मरोड़।।

18/10/2025

सभी भाई राजपूत सम्राट मिहिरभोज प्रतिहार जयंती की पोस्ट अवश्य डाले...🙏

दो तरफ समुद्र एक तरफ हिमालय चौथी और स्वयं राजपूत प्रतिहार थे, हर बार हर युद्ध मे अरबो को हराया प्रतिहार मिहिर भोज ऐसे प्...
18/10/2025

दो तरफ समुद्र एक तरफ हिमालय
चौथी और स्वयं राजपूत प्रतिहार थे,
हर बार हर युद्ध मे अरबो को हराया
प्रतिहार मिहिर भोज ऐसे प्रहार थें।
महान चक्रवर्ती राजपूत सम्राट मिहिरभोज प्रतिहार की जन्मजयंती पर कोटि कोटि वन्दन

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