29/07/2026
नामसङ्कीर्तनं यस्य
सर्वपापप्रणाशनम् ।
प्रणामो दु:खशमनस्तं
नमामि हरिं परम् ॥
"मैं उन भगवान् हरि को सादर नमस्कार करता हूँ जिनके पवित्र नामों का सामूहिक कीर्तन सारे पापों को नष्ट करता है और जिनको नमस्कार करने से सारे भौतिक कष्टों से छुटकारा मिल जाता है।"
–श्रीमद् भागवतम 12.13.23