Doosra Dashak

Doosra Dashak Doosra Dashak means the second decade.

A program of the Foundation for Education & Development, Doosra Dashak addresses the needs and aspirations of adolescents in some of the poorest villages in the state of Rajasthan in western India.

✨ नई सीख, नए अनुभव और आत्मविश्वास की नई उड़ान! बस्सी ब्लॉक युवा सलाहकार परिषद की 28 किशोरी लीडर्स की उदयपुर में क्रॉस लर...
09/10/2026

✨ नई सीख, नए अनुभव और आत्मविश्वास की नई उड़ान!

बस्सी ब्लॉक युवा सलाहकार परिषद की 28 किशोरी लीडर्स की उदयपुर में क्रॉस लर्निंग एवं एक्सपोज़र विजिट 💫

FED दूसरा दशक, बस्सी द्वारा EMpower के सहयोग से संचालित यूथ सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत युवा सलाहकार परिषद की 28 किशोरी लीडर्स ने 26–27 सितंबर 2026 को पहली बार दो दिवसीय क्रॉस लर्निंग एवं एक्सपोज़र विजिट में भाग लिया।

इस विजिट के दौरान किशोरियों ने विज्ञान समिति, उदयपुर की मेकर लैब एवं विज्ञान प्रयोगशाला का भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने वैज्ञानिक प्रयोगों, नवाचार और रचनात्मकता के माध्यम से सीखने का अनुभव प्राप्त किया। इस अवसर पर किशोरियाँ विज्ञान समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. के. एल. कोठारी से भी रूबरू हुईं। संस्था के विशेषज्ञों से संवाद और सवाल-जवाब ने उनकी जिज्ञासा एवं वैज्ञानिक सोच को नई दिशा दी।

इसके साथ ही किशोरियों ने उदयपुर के ऐतिहासिक एवं दर्शनीय स्थलों और हल्दीघाटी संग्रहालय का भ्रमण किया। इससे उन्हें मेवाड़ के इतिहास, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिला। 🏛️🌿

इस यात्रा ने किशोरियों को अपने गांव और क्षेत्र से बाहर निकलकर नई चीजों को देखने, समझने, सवाल पूछने, अनुभव साझा करने और नए विचारों से सीखने का अवसर दिया।

किशोरी लीडर कोमल सुलानिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह उनकी पहली और बेहद यादगार यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने टीमवर्क, नए लोगों से जुड़ने, एक-दूसरे को सिखाने और साथ मिलकर सीखने के महत्व को समझा। विज्ञान के प्रयोग करने तथा उदयपुर की खूबसूरत जगहों और संस्कृति को करीब से जानने का अनुभव उनके लिए विशेष रहा।

यह विजिट केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।

FED दूसरा दशक का प्रयास है कि किशोरियों को अपने गांव और क्षेत्र से बाहर निकलकर नए अवसरों को देखने, सवाल पूछने, अनुभवों से सीखने और अपने नेतृत्व को आगे बढ़ाने के अवसर मिलें।

इस यादगार अनुभव के लिए कोमल ने दूसरा दशक की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

युवा नेतृत्व कार्यशाला | किशनगंज ब्लॉककिशनगंज ब्लॉक में 13 गाँवों के 25 किशोर-किशोरियों की सहभागिता से दो दिवसीय युवा ने...
06/10/2026

युवा नेतृत्व कार्यशाला | किशनगंज ब्लॉक

किशनगंज ब्लॉक में 13 गाँवों के 25 किशोर-किशोरियों की सहभागिता से दो दिवसीय युवा नेतृत्व कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की शुरुआत प्रार्थना, गीत और परिचय सत्र के साथ हुई।

कार्यशाला के दौरान युवाओं ने समूह गतिविधियों के माध्यम से अभिव्यक्ति, सुनने, संवाद, टीमवर्क और नेतृत्व की समझ विकसित की। युवाओं ने अपने गाँवों से जुड़ी शिक्षा, मनरेगा, सड़क, पेयजल, बाल विवाह, शराब, शौचालय, आवास एवं विद्यालय जैसी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें समूहों में प्रस्तुत किया।

कार्यशाला में ग्राम सभा की भूमिका और महत्व पर विशेष चर्चा हुई। युवाओं ने समझा कि ग्राम सभा केवल एक बैठक नहीं, बल्कि गाँव की समस्याओं और विकास की प्राथमिकताएँ तय करने का महत्वपूर्ण मंच है। 2 अक्टूबर, 1 मई, 15 अगस्त और 26 जनवरी को होने वाली ग्राम सभाओं के महत्व पर चर्चा करते हुए युवाओं को 2 अक्टूबर की ग्राम सभा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

साथ ही, गाँव स्तरीय युवा मंच और ब्लॉक स्तरीय युवा मंच की भूमिका एवं दोनों के बीच के अंतर को समझा गया। गाँव, जाति और समुदाय के लोगों को एक मंच पर जोड़कर संवाद के माध्यम से समस्याओं की पहचान और सामूहिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर चर्चा हुई।

डिजिटल साक्षरता के अंतर्गत मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट के सही, सुरक्षित एवं समझदारीपूर्ण उपयोग की जानकारी दी गई। युवाओं ने मोबाइल से जानकारी खोजना, ऑनलाइन फॉर्म भरना तथा Kobo Collect के माध्यम से अपने गाँव का सामाजिक मानचित्रण और गाँव की स्थिति से जुड़ी जानकारी संकलित करना सीखा। साथ ही, मेरी पंचायत ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई।

कार्यशाला के अंत में युवाओं ने अपने-अपने गाँव की प्रमुख समस्याओं को चिन्हित करते हुए गाँव-स्तरीय कार्ययोजना तैयार की और उसका प्रस्तुतीकरण किया। युवा मंच एवं महिला समूह के साथ मिलकर समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करने को लेकर युवाओं में उत्साह दिखाई दिया।

यह कार्यशाला युवाओं को अपनी बात रखने, समस्याओं को समझने, सामूहिक रूप से समाधान खोजने और ग्राम सभा एवं समुदाय की प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी करने की दिशा में आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास रही।

EMpower Learning Visit: Learning from Youth Leadership and Community EngagementOn 23 September 2026, the Foundation for ...
29/09/2026

EMpower Learning Visit: Learning from Youth Leadership and Community Engagement

On 23 September 2026, the Foundation for Education and Development (FED) hosted a special learning visit for EMpower in Laxmangarh, Alwar, led by FED’s young leaders and staff members, along with participants.

It was a moment of pride and joy for FED that EMpower chose FED’s field area in Laxmangarh, Alwar, as part of its retreat visit. The visit was an opportunity for FED’s young leaders and staff members to share their experiences and processes around youth leadership, residential camps, community engagement and collective action with the EMpower team, while creating a space for mutual learning through dialogue and reflection.

The day began with a warm welcome by the girls, followed by a beautiful rendition of the song, “Tum Mujhko Vishwas Do, Main Tumko Vishwas Doon.”

A young leader from the Youth Forum then introduced the visitors to FED’s Youth Leadership Development Process, sharing insights into how young people develop leadership, engage with their communities and take collective action.

The participants also visited a residential camp, where they interacted with the girls and listened to their experiences, life journeys and learnings from the camp. These conversations offered an important opportunity to understand young people’s voices, aspirations and lived experiences.

The learning visit then moved to Kanwada, where participants interacted with members of the local Youth Group and Lok Biradari Manch and learned about the activities of Ikhwelo and its engagement with the community. The traditional welcome of the guests with safas by community members added warmth and a strong sense of connection to the interaction.

Young people also presented community challenges and possible solutions through Forum Theatre, followed by a panel dialogue where girls and boys from FED’s field areas of Bap, Pisangan, Desuri, Pindwara and Bassi shared their personal journeys and reflected on how Doosra Dashak has influenced their lives.

The visit concluded with a collective reflection on the experiences, ideas and key learnings from the day. The journey offered a meaningful space to learn directly from young people, communities and grassroots experiences, and to strengthen dialogue and mutual learning.

For FED, this learning visit was an opportunity not only to share our experiences, but also to listen, reflect and learn together.
A sincere thank you to The Emerging Markets Foundation (EMpower) for being part of this learning journey and for creating spaces that strengthen youth leadership and mutual learning.
It is a matter of great pride for us that EMpower staff from 13 countries had the opportunity to interact with FED’s young people and communities, listen to their experiences and learn from grassroots work.

प्रिय साथियों,नमस्कार।आप सभी को श्री अनिल बोर्डिया स्मृति व्याख्यानमाला के अंतर्गत आयोजित 12वें व्याख्यान में सादर आमंत्...
24/09/2026

प्रिय साथियों,
नमस्कार।

आप सभी को श्री अनिल बोर्डिया स्मृति व्याख्यानमाला के अंतर्गत आयोजित 12वें व्याख्यान में सादर आमंत्रित किया जाता है।

इस वर्ष व्याख्यान का विषय है:
“भारतीय सभ्यता में गुरु-शिष्य परंपरा”
Guru-Shishya Parampara in Indian Civilization

व्याख्यानकर्ता: श्री राम किशन
(आईपीएस (सेवानिवृत्त))

📅 दिनांक: 26 सितम्बर 2026
⏰ समय: प्रातः 10:45 बजे
📍 स्थान: राजस्थान प्रौढ़ शिक्षा समिति, जयपुर का सभागार
झालाना , जयपुर

आपकी गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर को और सार्थक बनाएगी।

सादर आमंत्रण।
Sandhan Jaipur

जागरूक युवा, सुरक्षित समाज | साइबर अपराध के खिलाफ दूसरा दशक बाप ब्लॉक की पहल“सतर्क रहें, सावधान रहें और साइबर ठगी से बचे...
19/09/2026

जागरूक युवा, सुरक्षित समाज | साइबर अपराध के खिलाफ दूसरा दशक बाप ब्लॉक की पहल

“सतर्क रहें, सावधान रहें और साइबर ठगी से बचें।”

डिजिटल दौर में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच दूसरा दशक परियोजना से जुड़े युवा शक्ति संगठन के साथियों ने तीन दिवसीय जन-जागरूकता अभियान के माध्यम से 18 गांवों और ढाणियों में 1,000 से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया।

अभियान के दौरान किशोर-किशोरियों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीण समुदाय के साथ संवाद करते हुए उन्हें साइबर ठगी से बचाव के आसान और जरूरी उपाय बताए गए।

फलोदी जिला क्राइम पुलिस के अधिकारियों ने भी किशोर-किशोरियों एवं महिलाओं के साथ संवाद कर साइबर ठगी के बदलते तरीकों और उनसे बचाव की जानकारी साझा की।

📌 क्या सावधानी रखें?
• अनजान कॉल और संदिग्ध संदेशों से सावधान रहें।
• किसी अनजान लिंक या APK फाइल को बिना जांचे न खोलें।
• OTP, PIN, Password और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
• पैसे दोगुने करने, लॉटरी या किसी अन्य लालच में न आएं।
• साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

अभियान सिर्फ साइबर सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा। युवा साथियों ने गांव-गांव पहुंचकर शिक्षा, राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल और नशामुक्ति से जुड़े संदेश भी साझा किए।

सबसे खास बात यह रही कि युवाओं ने केवल जागरूकता का संदेश नहीं दिया, बल्कि अपने अनुभव साझा करते हुए समुदाय के साथ संवाद किया। महिलाओं और ग्रामीणों ने भी अपने साथ हुए साइबर फ्रॉड के अनुभव साझा किए।

युवा शक्ति जब जागरूकता की जिम्मेदारी उठाती है, तो बदलाव का संदेश गांव-गांव तक पहुंचता है। ✊

📢 जागरूक बनें | सुरक्षित रहें | साइबर अपराध से बचें

Murari Lal Thanvi Doosra Dashak Phalodi

सीखने, समझने और स्वयं को पहचानने की यात्रा — जीवन कौशल प्रशिक्षण | आबूरोड ब्लॉकदूसरा दशक कार्यक्रम के अंतर्गत आबूरोड ब्ल...
10/09/2026

सीखने, समझने और स्वयं को पहचानने की यात्रा — जीवन कौशल प्रशिक्षण | आबूरोड ब्लॉक

दूसरा दशक कार्यक्रम के अंतर्गत आबूरोड ब्लॉक के चण्डेला गाँव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 8 सितम्बर से 10 सितम्बर 2026 तीन दिवसीय गैर-आवासीय जीवन कौशल प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें 67 किशोर-किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

ये तीन दिन केवल कुछ सत्रों में शामिल होने के नहीं थे, बल्कि खुद को जानने, अपनी बात कहने, दूसरों को समझने और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर सोचने की एक साझा यात्रा थे।

🎵 गीतों ने माहौल बनाया, खेलों ने सीखने को सहज किया और संवाद ने सवालों को आवाज़ दी।

पहले दिन संप्रेषण, संवाद और अभिव्यक्ति की गतिविधियों के माध्यम से सहभागियों ने समझा कि अपनी बात कहना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है दूसरे को सुनना और उसकी गरिमा का सम्मान करना। ‘मैं और मेरी पहचान’ के माध्यम से उन्होंने अपनी पसंद-नापसंद, मजबूती और कमजोरियों को पहचानने और स्वयं को बेहतर ढंग से समझने की कोशिश की।

दूसरे दिन बातचीत हुई उस दौर की, जिससे हर किशोर-किशोरी गुजरता है—किशोरावस्था। शरीर, मन और भावनाओं में होने वाले बदलावों को समझने के साथ माहवारी स्वच्छता और उससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों पर खुलकर संवाद हुआ। साथ ही नशे के कारणों और उसके दुष्परिणामों पर भी सोचने और समझ विकसित करने का अवसर मिला।

तीसरे दिन सवाल उठे अंधविश्वासों पर और चर्चा हुई कि बिना तर्क के किसी बात को मानने के क्या परिणाम हो सकते हैं। जेण्डर और जेण्डर समानता पर संवाद ने सहभागियों को समाज में मौजूद भेदभाव और समानता के सवालों पर सोचने का अवसर दिया।

🎶 “मैं तुमको विश्वास दूँ...” जैसे गीतों के साथ सीखने की यह यात्रा और भी जीवंत बनी।

💬 जीवन कौशल केवल जानकारी हासिल करने का नाम नहीं है। यह स्वयं को पहचानने, अपनी बात कहने, दूसरों की गरिमा का सम्मान करने, सवाल पूछने और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए खुद को तैयार करने की प्रक्रिया है।

✨ निर्भय मन, सिर ऊँचा करें।

शिक्षा — निर्भय मन, सिर ऊँचा करें।हमारे 4 माह के आवासीय शिविरों में पढ़ने वाली ये बेटियाँ सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं सी...
05/09/2026

शिक्षा — निर्भय मन, सिर ऊँचा करें।

हमारे 4 माह के आवासीय शिविरों में पढ़ने वाली ये बेटियाँ सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं सीख रहीं, बल्कि अपने सवाल पूछना, अपनी बात कहना, निर्णय लेना और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना भी सीख रही हैं।

एक शिक्षक का काम केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों में सोचने, सवाल करने और अपने सपनों को उड़ान देने का साहस पैदा करना भी है।

आज शिक्षक दिवस पर उन सभी शिक्षकों और शिक्षा साथियों को सलाम, जो हर बच्चे के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानते हैं और उन्हें निर्भय मन और सिर ऊँचा करके आगे बढ़ने का हौसला देते हैं। ❤️

शिक्षा से आत्मविश्वास | आत्मविश्वास से बदलाव | बदलाव से बेहतर समाज

#शिक्षकदिवस

स्मृति दिवस | शिक्षाविद् श्री अनिल बोर्दिया जी02 सितम्बर | सादर स्मरणदूसरा दशक के जनक, महान शिक्षाविद् एवं पद्मभूषण श्री...
02/09/2026

स्मृति दिवस | शिक्षाविद् श्री अनिल बोर्दिया जी

02 सितम्बर | सादर स्मरण

दूसरा दशक के जनक, महान शिक्षाविद् एवं पद्मभूषण श्री अनिल बोर्दिया जी को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन।

श्री बोर्दिया जी ने शिक्षा को केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति और समाज में परिवर्तन का साधन माना। उन्होंने शिक्षा, समानता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक बदलाव के लिए अपना जीवन समर्पित किया।

उनका विश्वास था कि शिक्षा व्यक्ति को सोचने, सवाल करने, निर्णय लेने और अपने अधिकारों एवं जिम्मेदारियों को समझने के लिए सक्षम बनाए।

FED - दूसरा दशक की सोच और कार्यप्रणाली में उनके विचारों की गहरी छाप है। उन्होंने केवल मूल्यों की बात नहीं की, बल्कि अपने जीवन और कर्म के माध्यम से उन मूल्यों को जिया और दूसरों को भी उन्हें जीने की प्रेरणा दी।

उनकी सीख और विचार आज भी हमें निर्भय होकर, मन सिर ऊँचा रखते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

श्री अनिल बोर्दिया जी को सादर नमन।

#निर्भयमनसिरऊँचा

🎓 दूसरा दशक कार्यक्रम के अंतर्गत 8 दिवसीय (30 मई से 06 जून 2026 तक) आवासीय प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक आयोजन...
15/06/2026

🎓 दूसरा दशक कार्यक्रम के अंतर्गत 8 दिवसीय (30 मई से 06 जून 2026 तक) आवासीय प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक आयोजन Institute of Leadership Development (ILD), जामडोली, जयपुर में किया गया। इस कार्यशाला में दूसरा दशक के सभी विकासखंडों से आए मास्टर ट्रेनर्स एवं समन्वयकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। 🤝

🎯 प्रशिक्षण का उद्देश्य—
• प्रशिक्षकों एवं शिविर समन्वयकों की क्षमता का विकास करना।
• दूसरा दशक कार्यक्रम की अवधारणा एवं उद्देश्यों पर साझा समझ विकसित करना।
• आंतरिक प्रशिक्षण संसाधन समूह को सशक्त बनाना।
• किशोर-किशोरियों के साथ प्रभावी, संवेदनशील एवं सहभागितापूर्ण कार्य के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं दृष्टिकोण विकसित करना।

💬 प्रशिक्षण के दौरान FED के अध्यक्ष श्री अभिमन्यु सिंह जी ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए दूसरा दशक कार्यक्रम की यात्रा, उद्देश्यों एवं आवासीय शिविरों में प्रशिक्षकों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए और सभी का उत्साहवर्धन किया।

🌟 श्री राजेन्द्र भाणावत जी ने कार्य के उद्देश्य की स्पष्टता, सतत सीखने की प्रक्रिया, आत्म-समीक्षा तथा किशोरों के साथ संवेदनशील कार्यशैली पर मार्गदर्शन देते हुए प्रतिभागियों को निरंतर सीखते रहने और स्वयं को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।

📚 प्रशिक्षण के दौरान संस्थागत विजन एवं मिशन, दूसरा दशक कार्यक्रम की कार्यदृष्टि, आवासीय शिविर संचालन, समाज एवं संविधान, भाषा एवं गणित, किशोरावस्था, जेंडर, जीवन कौशल, स्वास्थ्य, शिक्षा में रंगमंच, पुस्तकालय प्रबंधन, कम्युनिटी इंगेजमेंट, शिक्षण सहायक सामग्री निर्माण, RSOS परीक्षा प्रक्रिया, पाठ योजना, दस्तावेजीकरण, आकलन एवं मूल्यांकन सहित अनेक विषयों पर संवाद, अभ्यास एवं अनुभव साझा किए गए।

🤝 सहभागितापूर्ण एवं अनुभवात्मक शिक्षण प्रक्रिया इस प्रशिक्षण की प्रमुख विशेषता रही। खेल, समूह कार्य, दैनिक योग, पुनरावलोकन, चेतना सत्र एवं कोर ग्रुप बैठकों के माध्यम से प्रतिभागियों ने न केवल विषयगत समझ विकसित की, बल्कि नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और टीमवर्क को भी सशक्त बनाया।

🌱 हमें विश्वास है कि इस प्रशिक्षण से अर्जित ज्ञान, कौशल एवं अनुभव आगामी आवासीय शिविरों को और अधिक प्रभावी, समावेशी एवं अर्थपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






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