04/08/2026
श्रीमती संतरादेवी रैगर किशनगढ़ रेनवाल की निवासी है जिनके दो पुत्रियां ही है इनके पति तीन भाई थे जिनमे दो की मौत बीमारी से पहले हो गई थी । इनका पति जो सबसे छोटा था ने ही सभी परिवार को संभाल रखा था।
संस्थान सदस्य वीरेंद्रजी नेहरा ने बताया कि आज से लगभग तीन वर्ष पहले संतरा के पति गंगाराम जी के लकवा हो गया जिसमे उसके एक हाथ पैर रह गए कुछ दिन दवाइया दिलवाने और दिखाने से कुछ ठीक हुए ही थे की दुबारा लकवा मार गया और इस बार ब्रेन में नियंत्रण हटने से पूर्णत मानसिक नियंत्रण भी खो बैठे बार बार जांच और अलग अलग हॉस्पिटल में इलाज करवाने के बाद भी वे ठीक नहीं सके इसमें कमाने वाला मात्र उनका पति जी था जिससे काफी पैसे खर्च हो गए तो इन्होने कुछ अच्छे हॉस्पिटल में दिखाने के लिए अपना घर बेच दिया फिर भी गंगाराम जी तीन साल लंबे संघर्ष के बाद जीवन छोड़ दिया अब पीछे मात्र दो बच्ची जो पढ़ाई कर रही है और एक हताश पत्नी पीछे छोड़ गए । पत्नी अब अपने पति के बड़े भाई के मकान में साथ रहा है बच्चियां के लालन-पालन की भी समस्या आ रही है और ऊपर से पढ़ाई का खर्चा। स्थानीय लोगों ने परिवार को कुछ तात्कालिक सहायता के लिए बी-पॉजिटिव परिवार से आग्रह किया है।
बी-पॉजिटिव संस्थान ने पीड़ित परिवार की सहायता ले लिए 31000₹ का प्रस्ताव लिया। बी-पॉजिटिव संस्थान अध्यक्ष श्री रामगोपालजी गीला ने 11000₹ व सदस्य भागचंदजी यादव ने 1100₹ का अतिरिक्त सहयोग किया। आज संस्थान सदस्य महेशजी यादव व संतोषजी यादव ने स्थानीय लोगों की उपस्थिति में पीड़ित परिवार को 43100₹ की सहायता राशि का चैक सौंपा।
गौरतलब है कि बी -पॉजिटिव संस्थान पिछले 10 वर्षो से रक्तदान शिविरों के आयोजन,मोटिवेशन सेमिनार कार्यक्रम, प्रतिभाशाली जरूरतमंद विद्यार्थियों को स्कालरशिप ,गरीब जरूरतमंद लोगों के दुर्घटना,अग्निकांड, चिकित्सा व प्राकृतिक आपदा में आर्थिक सहयोग के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को निभाता आ रहा है।