21/08/2026
धरती के सुहाग और स्वातन्त्र्य की लाज
मैंने मारवाड़ और मेवाड़ को ही एक सूत्र में नहीं बांधा, मैं तो मरहठों से भी मिलने के लिये दक्षिण में गया था। मैं धरती का पुत्र था और मैंने इस धरती के सुहाग और स्वातन्त्र्य की लाज रखी।