31/05/2026
मेरे काउंसलिंग अनुभव में इसका उत्तर है — नहीं।
हाल ही में एक ऐसे दंपति का केस मेरे पास आया, जहाँ रिश्ते में तनाव, गलतफहमियाँ और अलगाव की स्थिति बन चुकी थी। परिवार भी चिंतित था। परिस्थितियाँ ऐसी थीं कि संबंध टूटने की ओर बढ़ रहा था।
लेकिन एक महत्वपूर्ण बात थी—पति-पत्नी दोनों अपने परिवार को बचाना चाहते थे। उन्होंने काउंसलिंग प्रक्रिया को समझा, धैर्य रखा और सहयोग किया। परिवार के सदस्यों ने भी सकारात्मक भूमिका निभाई।
धीरे-धीरे संवाद पुनः स्थापित हुआ, गलतफहमियाँ कम हुईं और रिश्ते में विश्वास लौटने लगा।
यह केस हमें सिखाता है कि जब परिवार के सभी सदस्य रिश्ते के प्रति गंभीर हों और सही मार्गदर्शन स्वीकार करें, तो कई वैवाहिक विवादों का समाधान संभव है।
काउंसलिंग कोई जादू नहीं है, लेकिन सही समय पर किया गया ईमानदार प्रयास रिश्तों को नई दिशा दे सकता है।
इस विषय पर मेरी विस्तृत चर्चा और केस स्टडी सुनने के लिए पॉडकास्ट अवश्य देखें।
— पवन रावत
Advocate | EDishaa by Pawan Rawat Marriage Counsellor and Psychologist in Jaipur Counsellor
eDishaa Foundation