03/08/2026
"5. परमेश्वर कबीर साहेब जी ने कुटिया में जाकर स्वामी जी के चरण छूकर कहा कि "गुरुदेव, दिल्ली का बादशाह आपकी दर्शनार्थ आया है। कृपया दर्शन दें।" इतने में स्वामी रामानंद जी का कटा हुआ शीश उनके धड़ पर जुड़ गया और स्वामी रामानंद जी जीवित हो गए। स्वामी जी के शरीर से दूध और खून की 2 अलग अलग धारा निकली थीं। दूध इसलिए क्योंकि स्वामी जी हिंदुओं की छोटी बड़ी जातियों को तो प्रेम करने लगे थे, किंतु मुसलमानों से अभी भी घृणा करते थे इसलिए खून निकला था। यह सब परमेश्वर कबीर साहेब जी की लीला थी। परमेश्वर कबीर साहेब जी स्वामी रामानंद जी के हृदय से धर्म भेदभाव की भावना समाप्त करना चाहते थे।"
Spiritual Leader Saint Rampal Ji SA News Channel sa news Rajasthan channel सतलोक के राही Geeta Meena ज्योत्सना चरण दास महंत Laxman Singh Rawat