Sanyukt Abhibhavak Sangh, Rajasthan- SAS

Sanyukt Abhibhavak Sangh, Rajasthan- SAS Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Sanyukt Abhibhavak Sangh, Rajasthan- SAS, Community Service, Jaipur.

The vision of Sanyukt Abhibhavak Sangh is based on the pillars of "ACCESS, EQUITY, AFFORDABILITY with ACCOUNTABLITY" in the Education system with a mission to transform Rajasthan into a Vibrant Knowledge Hub.

यह संघर्ष ना मेरा है ना आपका यह संघर्ष हम सभी का है। बच्चों के बेहतर भविष्य का है।*आओ साथ मिलकर संघर्ष को आवाज दे बच्चों...
04/05/2026

यह संघर्ष ना मेरा है ना आपका यह संघर्ष हम सभी का है। बच्चों के बेहतर भविष्य का है।

*आओ साथ मिलकर संघर्ष को आवाज दे बच्चों का शैक्षणिक भविष्य का सपना साकार करे।*

राइट टू एजुकेशन मौलिक शिक्षा अधिकार अधिनियम कानून की पालना सुनिश्चित करवाने के लिए * #गुरुवार, 07 मई 2026 को प्रातः 11 बजे* शिक्षा संकुल, जेएलएन मार्ग में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पधारे।

*यह लड़ाई नहीं अधिकार यात्रा है केवल बच्चों की पढ़ाई के लिए।*



https://www.facebook.com/share/p/1JFJn3EQ9n/

✍🏻  #डॉ_दीपांशु_जैन की कलम सेअस्थमा एलर्जी एवं स्वांस रोग विशेषज्ञ1. इस तेज़ गर्मी के मौसम में छाती और सांस से जुड़ी समस...
30/04/2026

✍🏻 #डॉ_दीपांशु_जैन की कलम से
अस्थमा एलर्जी एवं स्वांस रोग विशेषज्ञ

1. इस तेज़ गर्मी के मौसम में छाती और सांस से जुड़ी समस्याएं क्यों बढ़ जाती हैं?

उत्तर - गर्मी के मौसम में वातावरण में धूल, परागकण (pollen), प्रदूषण और गर्म हवा अधिक हो जाती है। ये सभी चीज़ें श्वसन तंत्र को प्रभावित करती हैं। इसके कारण दमा, एलर्जी, ब्रोंकाइटिस और सांस फूलने की समस्याएं बढ़ जाती है। इसके अलावा तेज़ गर्मी में डिहाइड्रेशन और गर्म हवा (hot dry air) भी श्वसन मार्ग को irritate करती है, जिससे खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

2. आम लोगों को किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

उत्तर - यदि किसी व्यक्ति को निम्न लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

* लगातार सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई

* सीने में जकड़न या दर्द

* लगातार खांसी (खासकर 2–3 सप्ताह से अधिक)

* सीटी जैसी आवाज के साथ सांस लेना (wheezing)

* खांसी में खून आना या तेज बुखार के साथ खांसी

* ऐसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

3. गर्मी, धूल और प्रदूषण से बचाव के लिए आप क्या जरूरी सावधानियां सुझाते हैं?

उत्तर - बाहर जाते समय मास्क या रुमाल का उपयोग करें।

* तेज़ धूप और धूल वाले समय में अनावश्यक बाहर जाने से बचें।

* घर और कार्यस्थल को स्वच्छ और धूल-मुक्त रखें।

* पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।

* जिन लोगों को एलर्जी या दमा है, वे अपनी नियमित दवाएं और इनहेलर डॉक्टर की सलाह के अनुसार लेते रहें।

4. दमा (Asthma) या एलर्जी के मरीजों के लिए इस मौसम में क्या खास सलाह है?

उत्तर - अस्थमा और एलर्जी के मरीजों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

* अपना इनहेलर हमेशा साथ रखें।

* धूल, धुआं और तेज़ सुगंध वाले पदार्थों से बचें।

* डॉक्टर द्वारा दी गई preventive inhaler therapy नियमित रूप से लेते रहें।

यदि लक्षण बढ़ने लगें जैसे बार-बार खांसी, wheezing या सांस फूलना, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

5. अगर किसी व्यक्ति को अचानक सांस लेने में तकलीफ हो जाए, तो तुरंत क्या प्राथमिक कदम उठाने चाहिए?

मरीज को सीधा बैठाएं और शांत रखें।

* ताजी हवा वाली जगह पर ले जाएं।
* यदि मरीज को पहले से दमा है, तो तुरंत reliever inhaler (जैसे salbutamol) का उपयोग करवाएं।
* तंग कपड़े ढीले करें।

अगर कुछ ही मिनटों में आराम न मिले या स्थिति गंभीर लगे, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल या आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

प्रदेशभर सहित उत्तरी भारत वर्ष में भीष्म गर्मी का प्रकोप लगातार देखने को मिल रहा है ना केवल मासूम बच्चे इस गर्मी के प्रकोप का शिकार हो रहे अपितु हर वर्ग और प्रत्येक समुदाय का नागरिक भी भीष्म गर्मी का शिकार हो रहे है।

इस संदर्भ में संयुक्त अभिभावक संघ द्वारा डॉ दीपांशु जैन से भीष्म गर्मी को देखते हुए सलाह ली गई और चर्चा की गई।

आप सभी अभिभावकों और नागरिकों से अपील है भीष्म गर्मी के चलते उत्पन्न रोगों से किस प्रकार बचा जा सकता है, डॉक्टरी सलाह आप सभी समक्ष उपलब्ध है फिर भी हम निवेदन करेंगे को किसी को कोई भी तकलीफ हो तो तत्काल नज़दीकी डॉक्टर के पास अवश्य जावे जिससे तुरंत स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो सके।

🙏 अभिषेक जैन बिट्टू
राजस्थान प्रदेश प्रवक्ता & मीडिया प्रभारी
संयुक्त अभिभावक संघ

Dharmendra Pradhan Bhajanlal Sharma MADAN DILAWAR Government of Rajasthan Department for Education

  संयुक्त अभिभावक संघ और अभिभावकों ने साथ मिलकर जिला शिक्षा अधिकारियों को विभिन्न मांगों के साथ मांग पत्र सौंपा
30/04/2026

संयुक्त अभिभावक संघ और अभिभावकों ने साथ मिलकर जिला शिक्षा अधिकारियों को विभिन्न मांगों के साथ मांग पत्र सौंपा

राजधानी जयपुर के मानसरोवर स्थित सेंट असलम स्कूल में पढ़ने वाले 9 कक्षा के छात्र पर फीस के अभाव के स्कूल प्रशासन द्वारा अ...
23/04/2026

राजधानी जयपुर के मानसरोवर स्थित सेंट असलम स्कूल में पढ़ने वाले 9 कक्षा के छात्र पर फीस के अभाव के स्कूल प्रशासन द्वारा अनैतिक दबाव बनाकर स्कूल से धमकियां देने के संदर्भ में स्कूल प्रशासन, राजस्थान शिक्षा विभाग और सीबीएसई बोर्ड इत्यादियों को ईमेल के जरिए पत्र भेजकर शिकायत दर्ज करवाई।

  - पाठयपुस्तकों के नाम पर स्कूलों में अभिभावकों संग खुली लुट, स्कूल - वेंडर कमीशन सिस्टम पर नहीं लग रही रोक - https://x...
07/04/2026

- पाठयपुस्तकों के नाम पर स्कूलों में अभिभावकों संग खुली लुट, स्कूल - वेंडर कमीशन सिस्टम पर नहीं लग रही रोक -

https://x.com/i/status/2041345272140452244

🤔 अभिभावकों के नाम जागरूकता संदेश👉🏻 निजी स्कूल फीस वसूली पर सख्त कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे हर साल नए सत्र की शुरुआत में...
03/04/2026

🤔 अभिभावकों के नाम जागरूकता संदेश

👉🏻 निजी स्कूल फीस वसूली पर सख्त कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे हर साल नए सत्र की शुरुआत में सुनने को मिलते हैं। बयान दिए जाते हैं, चेतावनी दी जाती है, मीडिया में सुर्खियां बनती हैं—लेकिन हकीकत क्या है? वही पुरानी कहानी… नतीजा शून्य।

🙏 सच्चाई यह है कि जब निजी स्कूल संचालक अभिभावकों से मनमानी फीस, महंगी ड्रेस, किताबों और अन्य मदों के नाम पर खुली लूट करते हैं, तब शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारी केवल कागजी कार्यवाही में उलझे रहते हैं। शिकायत करने वाला अभिभावक दर-दर भटकता है, लेकिन न्याय नहीं मिलता।

👉🏻 #याद_रखिए:
* फीस एक्ट 2016 में बना और 2017 में लागू हुआ

* राजस्थान हाईकोर्ट (19 दिसंबर 2020) और सुप्रीम कोर्ट (03 मई 2021, पुनः 01 अक्टूबर 2021) ने अभिभावकों के पक्ष में स्पष्ट निर्णय दिए

* इसके बावजूद आज तक यह कानून जमीनी स्तर पर लागू क्यों नहीं हुआ?

क्योंकि— न तो सरकारों में इच्छाशक्ति है और न ही अभिभावकों में एकजुटता।

📺 हर साल यही खेल दोहराया जाता है—

* बयानबाजी, आश्वासन, और फिर चुप्पी।
* और इस चुप्पी की कीमत केवल और केवल अभिभावक ही चुका रहा है।

*अब समय है खुद से सवाल करने का:*
* क्या केवल घर बैठकर महंगाई का रोना रोने से समस्या हल होगी?
* क्या अकेले-अकेले लड़कर कोई न्याय पा सकता है?
* जब दूसरे अभिभावक संघर्ष कर रहे होते हैं, तब आपकी खामोशी क्या सही है?

✍🏻 #कटु_सत्य:
जब आप एकजुट नहीं होते—
तब सिस्टम आपको नजरअंदाज करता है।
जब आप दूसरों के संघर्ष में साथ नहीं देते— तब आपके संघर्ष में भी कोई साथ नहीं देता।

👉🏻 #एकजुटता ही समाधान है अगर आप चाहते हैं कि—
1. फीस एक्ट सही मायनों में लागू हो
2. निजी स्कूलों की मनमानी बंद हो
3. बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो
4. तो अब चुप्पी तोड़नी होगी, एकजुट होना होगा।

🙏 #अंतिम_संदेश:
आज अगर आप केवल अपने बच्चे तक सीमित रहेंगे, तो कल सिस्टम आपको भी अकेला छोड़ देगा।
जब आपने अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दी, तो अब दूसरों ने भी वही रास्ता अपना लिया है।
*इसलिए जागिए… संगठित होइए…*
क्योंकि अधिकार मांगने से नहीं,
एकजुट होकर लड़ने से मिलते हैं।

✍🏻
राजस्थान प्रदेश प्रवक्ता & मीडिया प्रभारी
संयुक्त अभिभावक संघ, जयपुर

👉🏻 चैनल लिंक - https://whatsapp.com/channel/0029Vb5w1VC17Emt1XgQmR3r

MADAN DILAWAR Department for Education Department of Education, Rajasthan Dharmendra Pradhan Government of Rajasthan

स्कूलों में शिक्षा तो मिल नहीं रही है। #राज्य_सरकार और  #शिक्षा_विभाग ड्रेस को एक सामान बनाने के चलते लुट रहे हैऔर #निजी...
03/04/2026

स्कूलों में शिक्षा तो मिल नहीं रही है।
#राज्य_सरकार और #शिक्षा_विभाग ड्रेस को एक सामान बनाने के चलते लुट रहे है
और
#निजी_स्कूल संचालक खुलेआम ड्रेस, किताब, कॉपी, फ्रीस, स्टेशनरी आइटम, बेकरी, ड्रग्स, गाजा, चरस इत्यादियों के नाम पर लुट रहे है।

बेचारा #अभिभावक खुद को लुटवा भी रहा है और घटना होने पर जिम्मेदार भी कहलवा रहा है।

यही वह अभिभावक है जिसे खुद बच्चे की प्रवाह तो है लेकिन दूसरे के बच्चे की मौत पर एक आंसू नहीं।

हम भी गजब के पगले है मूर्खों के चलते, मूर्खों से लड़ते फिरते है।

फिर सुनेगा कौन ?

MADAN DILAWAR Department for Education Department of Education, Rajasthan Arvind Agarwal Amit Chhangani Saint Xavier's School, Jaipur Sanjay Goyal Saurabh Choudhary Sanjay Bapna Government of Rajasthan

पुरानी   प्रक्रिया अधूरी रहते नई प्रक्रिया जारी करना हजारों बच्चों के भविष्य से खुला खिलवाड़ — संयुक्त अभिभावक संघजयपुर।...
15/02/2026

पुरानी प्रक्रिया अधूरी रहते नई प्रक्रिया जारी करना हजारों बच्चों के भविष्य से खुला खिलवाड़ — संयुक्त अभिभावक संघ

जयपुर। संयुक्त अभिभावक संघ ने शिक्षा विभाग द्वारा RTE के अंतर्गत सत्र 2026-27 हेतु नई प्रवेश प्रक्रिया की विज्ञप्ति जारी किए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। संघ का कहना है कि पिछले एक वर्ष से RTE की पुरानी प्रवेश प्रक्रिया आज तक पूर्ण नहीं हुई, हजारों पात्र बच्चों को अब तक विद्यालयों में प्रवेश नहीं मिल पाया, इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने बिना पूर्व लंबित मामलों का निस्तारण किए नई प्रक्रिया लागू कर दी, जो पूर्णतः असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना कदम है।
संघ के अनुसार, सत्र 2025-26 में चयनित हजारों बच्चों के प्रवेश अब तक लंबित हैं। कई अभिभावक महीनों से शिक्षा विभाग, ब्लॉक व जिला कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन न तो निजी विद्यालयों द्वारा प्रवेश दिया गया और न ही विभाग ने कोई प्रभावी कार्रवाई की। ऐसे में नई प्रक्रिया की घोषणा करना पुराने बच्चों को पूरी तरह हाशिये पर धकेलने जैसा है।

#मुख्य_मांगें

1) सत्र 2025-26 के सभी लंबित RTE प्रवेश तत्काल पूरे किए जाएं
2) प्रवेश न देने वाले निजी विद्यालयों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो
3)नई RTE प्रक्रिया को तब तक स्थगित किया जाए जब तक पुराने मामलों का निस्तारण न हो
4)बच्चों के शैक्षणिक नुकसान की जिम्मेदारी तय की जाए

संयुक्त अभिभावक संघ ने स्पष्ट किया कि बच्चों का भविष्य किसी फाइल या लापरवाही का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा और इस लड़ाई को हर स्तर पर लड़ा जाएगा।

10/01/2026

RTE राईट टू एजुकेशन अधिनियम 2009 को लेकर विगत 5 वर्षों से राजस्थान उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन था, 5 नवंबर 2025 को 5 वर्षों के कड़े संघर्ष और चर्चाओं के बाद उच्च न्यायालय ने अपना #आदेश रिजर्व कर लिया था, उसके दो महीने बाद अच्छी न्यायालय को ध्यान आया कि अब अगला सत्र प्रारंभ होने वाला है इसलिए आदेश जारी किया जाए और 08 जनवरी 2026 को आदेश सुनाया।

इस आदेश से संयुक्त अभिभावक संघ काफी हद तक संतुष्ट है किंतु संशय आज भी बरकरार है क्योंकि अभिभावक आज भी अधर झूल में है कारण अब तक के निजी स्कूल संचालक पिछले आठ महीने से यह कहकर RTE में चयनित विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दे रहे थे कि मामला #कोर्ट में चल रहा है हालांकि इस दौरान कड़े संघर्ष और अभिभावकों की एकजुटता से लगातार किए गए #जनांदोलन की वजह से आठ महीनों में लगभग 16 हजार से अधिक बच्चों को दाखिला दिलवा दिया था, केवल मलाल इस बात का था कि जो 44 हजार विद्यार्थियों के दाखिले पेडिंग पड़े है उन बच्चों के भविष्य का क्या होगा ? केवल यही संशय आज भी बरकरार है।

माननीय उच्च न्यायालय ने को लेकर जो आदेश दिया है यह आदेश उन गरीब, जरूरतमंद और वंचित परिवारों के बच्चों के लिए संजीवनी है क्योंकि इस वर्ग के परिवार बच्चों को अच्छी शिक्षा तो दिलवाना चाहते है जिसके लिए एकमात्र जरिए केवल #आरटीई है जिस पर सरकार ने कड़े और अच्छे नियम बनाए हुए है इसके बावजूद प्रदेश के #निजी_स्कूल_माफिया_गैंग इनकेन प्रोपोगेंड रचकर, अभिभावकों में भेदभाव का रंग भरकर ना एकजुट होने देते है और ना ही उन्हें शिक्षा उपलब्ध करवाते है।

किंतु जैसे जैसे अब अभिभावक ना केवल जागरूक हो रहा है बल्कि एकजुट भी हो रहा है तो निजी स्कूलों पर भी लगाम लगनी शुरू हो गई है।

विगत 5 वर्षों में संयुक्त अभिभावक संघ ने हर मोर्चे पर अभिभावकों और विद्यार्थियों की अगवानी कर निजी स्कूलों की हर स्तर पर पोल खोली है, संयुक्त अभिभावक संघ आप सभी #अभिभावकों से केवल यही अपील करता है कि अपना व्यक्तिगत हित छोड़कर सभी बच्चों के बेहतर भविष्य की कल्पना करे और एकजुटता बनाएं। हम सभी की एकजुटता ही बच्चों को अच्छी शिक्षा और माहौल उपलब्ध करवा सकती है और #निजी_स्कूल_माफियाओं की #मनमानी पर लगाम लगाई जा सकती है।

जिस किसी भी अभिभावक या विद्यार्थी को एकुजेशन से संबंधित कोई भी समस्या आ रही हो वह बेहिचक #संयुक्त_अभिभावक_संघ से संपर्क कर सकता है उसके लिए अपनी शिकायत [email protected] पर या #9772377755 पर व्हाट्सएप/कॉल के जरिए भेज सकते है। संयुक्त अभिभावक संघ प्रत्येक अभिभावक और विद्यार्थी की शतप्रतिशत मदद करने का हरसंभव प्रयास करेगा।


राजस्थान प्रदेश प्रवक्ता

संयुक्त अभिभावक संघ का संघर्ष  #अभिभावकों और  #विद्यार्थियों के साथ है खिलाफ नहीं है।  अपनी मान्यता रद्द होने से बौखला च...
05/01/2026

संयुक्त अभिभावक संघ का संघर्ष #अभिभावकों और #विद्यार्थियों के साथ है खिलाफ नहीं है।

अपनी मान्यता रद्द होने से बौखला चुका है इसलिए अन्य निजी स्कूलों और अभिभावकों भ्रमित करने के लिए प्रोपोगंडा फैला रहा है।

आप सभी अभिभावकों और विद्यार्थियों से आग्रह है #नीरजा_मोदी_स्कूल, #निजी_स्कूल_संगठनों और #शिक्षा_के_व्यापारियों के भ्रामक प्रचार प्रसार का हिस्सा बिल्कुल भी ना बने।

संयुक्त अभिभावक संघ की प्रदेश के सभी अभिभावकों और विद्यार्थियों से सार्वजनिक अपील #पत्र_नंबर_2     #स्कूल_पर_चले_बुलडोजर
03/01/2026

संयुक्त अभिभावक संघ की प्रदेश के सभी अभिभावकों और विद्यार्थियों से सार्वजनिक अपील
#पत्र_नंबर_2


#स्कूल_पर_चले_बुलडोजर

Address

Jaipur
302018

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sanyukt Abhibhavak Sangh, Rajasthan- SAS posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Sanyukt Abhibhavak Sangh, Rajasthan- SAS:

Share