औषधि जागरूक समाज एवं स्वस्थ्य भारत

  • Home
  • India
  • Jabalpur
  • औषधि जागरूक समाज एवं स्वस्थ्य भारत

औषधि जागरूक समाज एवं स्वस्थ्य भारत Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from औषधि जागरूक समाज एवं स्वस्थ्य भारत, Non-Governmental Organization (NGO), Jabalpur (MP), Jabalpur.

दृष्टि (Vision):
औषधि जागरूकता के माध्यम से स्वस्थ, सशक्त, और जागरूक समाज का निर्माण।

मिशन (Mission):
सभी के लिए औषधियों की सही जानकारी और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित कर, भारत को रोगमुक्त और स्वास्थ्य-समृद्ध बनाना।

🚨 भारत में डाइमेथोएट अब भी क्यों बिक रहा है?क्या यह हमारी सेहत, किसानों और आने वाली पीढ़ियों के DNA के लिए खतरा बन सकता ...
21/06/2026

🚨 भारत में डाइमेथोएट अब भी क्यों बिक रहा है?
क्या यह हमारी सेहत, किसानों और आने वाली पीढ़ियों के DNA के लिए खतरा बन सकता है? 🧬☠️🌾

डाइमेथोएट (Dimethoate) एक पुराना ऑर्गेनोफॉस्फेट कीटनाशक है, जिसका उपयोग एफिड्स, माइट्स और थ्रिप्स जैसे कीटों को मारने के लिए दशकों से किया जा रहा है।
चिंता की बात यह है कि दुनिया के कई देशों में इसे DNA क्षति, न्यूरोटॉक्सिसिटी और पर्यावरणीय नुकसान के कारण प्रतिबंधित या सीमित किया जा चुका है, लेकिन भारत में यह अब भी कई फसलों के लिए बिक रहा है। 🇮🇳⚠️

आखिर क्यों?

💰 सस्ता है – छोटे किसानों के लिए यह कम लागत वाला विकल्प माना जाता है।
🌱 व्यापक असर – कई प्रकार के कीटों पर काम करता है।
🏛️ नीतिगत ढील – भारत में पूर्ण प्रतिबंध की बजाय आंशिक प्रतिबंध और फसल-विशिष्ट अनुमति का रास्ता अपनाया गया है।

लेकिन खतरा कितना बड़ा है?

डाइमेथोएट सिर्फ कीटों को नहीं मारता, यह मानव शरीर के तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है।
अध्ययनों में इसके बारे में कई गंभीर चिंताएँ सामने आई हैं:

🧬 DNA Damage / Genotoxicity – कोशिकाओं में DNA ब्रेक, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और कोशिका क्षति
🧠 न्यूरोटॉक्सिसिटी – तंत्रिका तंत्र पर असर
🩺 किडनी व अन्य अंगों पर प्रभाव
👶 प्रजनन स्वास्थ्य पर खतरा
🐝 मधुमक्खियों, जलजीवों और पर्यावरण के लिए हानिकारक

सबसे ज्यादा जोखिम किसे?

🚜 किसानों और खेत मजदूरों को – जो सीधे स्प्रे करते हैं
🥬 उपभोक्ताओं को – यदि फल-सब्जियों में अवशेष (residue) रह जाएं
👨‍👩‍👧‍👦 बच्चों और गर्भवती महिलाओं को – क्योंकि इनके शरीर पर विषाक्त प्रभाव ज्यादा गंभीर हो सकते हैं

भारत को क्या करना चाहिए?

✅ डाइमेथोएट जैसे खतरनाक कीटनाशकों की स्वतंत्र वैज्ञानिक समीक्षा
✅ कड़े residue testing और MRL की सख्त निगरानी
✅ किसानों को सुरक्षित विकल्प और सब्सिडी
✅ PPE, safe spraying और waiting period पर अनिवार्य प्रशिक्षण
✅ IPM (Integrated Pest Management) और जैविक विकल्पों को बढ़ावा

किसानों के लिए अपील 🙏

यदि आप या आपके परिवार में कोई कीटनाशक का उपयोग करता है, तो कृपया:
🧤 दस्ताने, मास्क, चश्मा और पूरे कपड़े पहनें
💨 हवा की दिशा देखकर ही छिड़काव करें
🚫 बच्चों और पशुओं को स्प्रे क्षेत्र से दूर रखें
🥦 कटाई से पहले सुरक्षित अंतराल (waiting period) का पालन करें
🧼 स्प्रे के बाद स्नान करें और कपड़े अलग धोएं

सवाल हम सबको पूछना चाहिए:

जब दुनिया के कई देश डाइमेथोएट पर सख्त कदम उठा चुके हैं, तो भारत में अब भी यह खुले बाजार में क्यों बिक रहा है?
क्या सस्ती कीमत के बदले हम किसानों की सेहत, जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण को जोखिम में डाल रहे हैं? 🤔

🌿 अन्नदाता की सुरक्षा ही देश की सुरक्षा है।
अब समय है कि भारत “सस्ता ज़हर” नहीं, “सुरक्षित खेती” चुने। 🇮🇳💚

✒️ Dr-Anurag Sahu
Health Institute of Medicine Sciences

#औषधिजागरूकसमाज #स्वस्थभारतमिशन

जेनेरिक दवाएँ बनाम ब्रांडेड दवाएँ: एक शोध-आधारित विश्लेषणआधुनिक चिकित्सा में दवाओं का महत्व अत्यधिक है, लेकिन दवाओं के प...
23/04/2026

जेनेरिक दवाएँ बनाम ब्रांडेड दवाएँ: एक शोध-आधारित विश्लेषण

आधुनिक चिकित्सा में दवाओं का महत्व अत्यधिक है, लेकिन दवाओं के प्रकारों को समझना उतना ही आवश्यक है। जेनेरिक दवाएँ (Generic Medicines) और ब्रांडेड दवाएँ (Brand Medicines) स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह लेख शोध-आधारित जानकारी पर आधारित है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और अन्य अध्ययनों से प्रेरित है। हम इनके पर्यायवाची शब्दों, विशेषताओं, लाभों और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।

जेनेरिक दवा:
जेनेरिक दवाएँ, जिन्हें गैर-मालिकाना दवाएँ (Non-Proprietary Drugs), अनब्रांडेड दवाएँ (Unbranded Medicines) और जैव-समान दवाएँ (Bioequivalent Drugs) भी कहा जाता है, वे दवाएँ हैं जो सक्रिय घटकों के आधार पर निर्मित होती हैं। इनका कोई विशेष व्यापारिक नाम नहीं होता। WHO के अनुसार, जेनेरिक दवाएँ मूल ब्रांडेड दवा के समान सक्रिय तत्व रखती हैं और जैव-समानता परीक्षणों से गुजरती हैं, जिससे इनकी प्रभावकारिता मूल दवा के बराबर सिद्ध होती है।

शोध अध्ययनों (जैसे FDA और ICMR के डेटा) से पता चलता है कि जेनेरिक दवाएँ ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 30-80% सस्ती होती हैं। उदाहरणस्वरूप, भारत में जेनेरिक दवाओं का बाजार 2023 में 1.5 लाख करोड़ रुपये का था, जो स्वास्थ्य पहुंच को बढ़ाने में सहायक रहा। लाभ: कम लागत, आसान उपलब्धता। चुनौतियाँ: गुणवत्ता नियंत्रण की कमी, जिसके लिए भारत सरकार ने 2012 के दवा गुणवत्ता नियंत्रण नियम लागू किए।

ब्रांडेड दवा:
दूसरी ओर, ब्रांडेड दवाएँ, जिन्हें व्यापारिक नाम वाली दवाएँ (Trade Name Drugs), मालिकाना दवाएँ (Proprietary Medicines), पेटेंटेड दवाएँ (Patented Medicines) और नैतिक दवाएँ (Ethical Medicines) कहा जाता है, वे दवाएँ हैं जो किसी कंपनी के विशेष ब्रांड नाम से बिकती हैं। ये दवाएँ अनुसंधान और विकास (R&D) के बाद पेटेंट प्राप्त करती हैं, जो आमतौर पर 20 वर्ष तक चलता है।

अध्ययनों (जैसे नेक्स्टबायोफार्मा के ग्लोबल रिपोर्ट) के अनुसार, ब्रांडेड दवाएँ उच्च गुणवत्ता और नवीनतम तकनीक का प्रतीक होती हैं, लेकिन इनकी कीमत अधिक होती है। भारत में, ब्रांडेड दवा बाजार 2023 में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का था। लाभ: मजबूत ब्रांड विश्वास, अतिरिक्त सुरक्षा परीक्षण। चुनौतियाँ: उच्च कीमत के कारण गरीब वर्ग की पहुंच सीमित, जो स्वास्थ्य असमानता को बढ़ावा देती है।

-आधारित तुलना और सिफारिशें
एक अध्ययन (Journal of Generic Medicines, 2022) से पता चलता है कि जेनेरिक दवाएँ 90% मामलों में ब्रांडेड दवाओं के समान प्रभावी सिद्ध हुईं, लेकिन ब्रांडेड दवाएँ नई बीमारियों (जैसे कैंसर या दुर्लभ रोग) के लिए अधिक नवीन होती हैं। भारत में, जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा देने के लिए 'जन औषधि' योजना चला रही है, जो 8,000 से अधिक केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएँ उपलब्ध कराती है।

चिकित्सकों और फार्मासिस्टों के अनुसार, दवा चयन रोगी की स्थिति, बजट और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है। शोध सुझाव देते हैं कि जेनेरिक दवाओं का उपयोग बढ़ाने से स्वास्थ्य व्यय 50% तक कम हो सकता है, बिना प्रभावशीलता प्रभावित किए।

जेनेरिक और ब्रांडेड दवाएँ दोनों ही स्वास्थ्य प्रणाली के अभिन्न अंग हैं। जेनेरिक दवाएँ पहुंच और किफायतीपन प्रदान करती हैं, जबकि ब्रांडेड दवाएँ नवाचार को प्रोत्साहित करती हैं। सही जानकारी के साथ, हम भ्रमित हुए बिना सशक्त निर्णय ले सकते हैं। अधिक जागरूकता के लिए, ड्रग अवेयर सोसाइटी जैसे संगठन कार्यरत हैं।

Dr-Anurag Sahu
फार्माकोथेरेपिस्ट
औषधि जागरूक समाज एवं स्वस्थ्य भारत
Awaken India Movement

 #अनैतिकड्रगक्लिनिकलट्रायल रोकने में  👩⚕️ डॉक्टरों की भूमिका, मरीज सुरक्षा🛡️ और भारत🇮🇳 के उदाहरणभारत में क्लिनिकल ट्रायल...
30/04/2025

#अनैतिकड्रगक्लिनिकलट्रायल रोकने में 👩⚕️ डॉक्टरों की भूमिका, मरीज सुरक्षा🛡️ और भारत🇮🇳 के उदाहरण

भारत में क्लिनिकल ट्रायल्स का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन साथ ही अनैतिक प्रथाओं🚫 के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे में PharmD (डॉक्टर ऑफ फार्मेसी) डॉक्टरों की विशेषज्ञता न केवल ट्रायल्स को नैतिक⚖️ बनाने बल्कि मरीजों को दुष्प्रभावों से बचाने में महत्वपूर्ण है। आइए, इसके पीछे के कारणों और भारतीय उदाहरणों को समझें👇:

1. PharmD डॉक्टर क्यों हैं बेहतर? 🌟
) दवा विज्ञान🧪 और सुरक्षा🛡️ में विशेषज्ञता
PharmD पाठ्यक्रम में फार्माकोविजिलेंस (दवा सुरक्षा निगरानी), ड्रग इंटरेक्शन्स💊⚡, और टॉक्सिकोलॉजी☠️*, फार्माकोथेरप्यूटिक्स पर गहन प्रशिक्षण शामिल है। ये डॉक्टर ट्रायल्स के दौरान दवा की खुराक📊, प्रतिकूल प्रभावों की पहचान🔍, और आपातकालीन प्रबंधन🚨 में सक्षम होते हैं।
उदाहरण: यदि ट्रायल में शामिल दवा का लीवर🫀 पर विषैला प्रभाव होता है, तो PharmD डॉक्टर प्रारंभिक लक्षणों को पहचानकर ट्रायल रोक सकते हैं।

) नैतिक मानकों⚖️ की गहरी समझ
PharmD डॉक्टरों को ICMR📜 और हेलसिंकी घोषणा🌍 के दिशानिर्देशों की विस्तृत जानकारी होती है। वे **इनफॉर्म्ड कंसेंट✍️** की प्रक्रिया को सख्ती से लागू करते हैं, जिससे मरीजों को ट्रायल के जोखिमों की पूरी जानकारी🔍 मिलती है।
) रोगी-केंद्रित देखभाल❤️
PharmD डॉक्टर मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री📋 (जैसे एलर्जी🤧, पुरानी बीमारियाँ🩺) का विश्लेषण करके यह सुनिश्चित करते हैं कि ट्रायल में शामिल होने वाले प्रतिभागी उस दवा के लिए उपयुक्त हैं। इससे गलत लक्ष्य समूह🎯 चुनने की समस्या कम होती है।

2. मरीजों को साइड इफेक्ट्स⚠️ से कैसे बचाते हैं PharmD डॉक्टर?
रियल-टाइम मॉनिटरिंग📱: ट्रायल के दौरान मरीजों की नियमित जाँच🔍 करके प्रतिकूल प्रभावों (जैसे किडनी डैमेज🫀, एलर्जिक रिएक्शन🤧) की शीघ्र पहचान।
डेटा ट्रैकिंग📊: दवा के प्रभावों को सांख्यिकीय रूप से विश्लेषित करके असुरक्षित खुराक💉 या अंतःक्रियाओं⚡ को चिह्नित करना।
मरीज शिक्षा🎓: ट्रायल के दौरान होने वाले संभावित दुष्प्रभावों (जैसे चक्कर आना🌀, त्वचा पर रैशेज🔴) के बारे में मरीजों को पहले से अवगत कराना।

http://hiimsvopd.blogspot.com/2025/04/blog-post.html पूरा पढ़ें..

"महत्वपूर्ण औषधि सूचना - सावधान रहें, सुरक्षित रहें!"औषधि जागरूक समाज एवं स्वास्थ्य भारत मिशन (DASHI) की ओर से एक महत्वप...
16/04/2025

"महत्वपूर्ण औषधि सूचना - सावधान रहें, सुरक्षित रहें!"

औषधि जागरूक समाज एवं स्वास्थ्य भारत मिशन (DASHI) की ओर से एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता संदेश

दिनांक 15 अप्रैल 2025 को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना अनुसार, Chlorpheniramine Maleate + Phenylephrine Hydrochloride की संयोजन दवा अब चार वर्ष से कम आयु के बच्चों में उपयोग के लिए प्रतिबंधित की गई है।

क्यों? यह संयोजन दवा छोटे बच्चों के लिए स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है और इसके सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं।

अब से सभी निर्माता कंपनियों को दवा के पैक, लेबल और पर्चियों पर यह स्पष्ट रूप से चेतावनी देनी होगी:
"यह संयोजन चार वर्ष से कम आयु के बच्चों में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।"

हम सभी माता-पिता, अभिभावकों, और स्वास्थ्यकर्मियों से निवेदन करते हैं कि वे बच्चों को यह दवा देने से पूर्व डॉक्टर की सलाह अवश्य लें और लेबल की जानकारी ध्यानपूर्वक पढ़ें।

हमारा लक्ष्य: सुरक्षित औषधि उपयोग, स्वस्थ भारत निर्माण।
DASHI - औषधि जागरूक समाज एवं स्वास्थ्य भारत मिशन

#औषधिजागरूकता #स्वास्थ्यभारत

"औषधि जागरूक समाज" और "स्वास्थ्य भारत मिशन" दवा बेअसर होने से हर साल 30 लाख मासूमों की मौत – अब जागने का समय आ गया है!दव...
14/04/2025

"औषधि जागरूक समाज" और "स्वास्थ्य भारत मिशन"

दवा बेअसर होने से हर साल 30 लाख मासूमों की मौत – अब जागने का समय आ गया है!

दवाओं खासकर एंटीबायोटिक्स का गलत या अधिक उपयोग आज मानवता के लिए एक गंभीर संकट बन चुका है। हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार, हर साल 7.5 लाख से अधिक मौतें सिर्फ एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) की वजह से हो रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण — अनुचित, अति, और बिना जरुरत के दवा उपयोग।

अब समाधान क्या है?

PharmD डॉक्टरों (फार्माकोथेरपिस्ट) की भूमिका को मान्यता दें — दवा विशेषज्ञ होने के नाते, PharmD डॉक्टर सही दवा, सही मात्रा और सही समय तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

दवाओं का उपयोग PharmD डॉक्टर (फार्माकोथेरपिस्ट) या क्लिनिकल फार्मासिस्ट की सलाह से ही करें।

एंटीबायोटिक्स को अधूरा न छोड़ें – पूरा कोर्स पूरा करें।

स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं।

"औषधि जागरूक समाज" और "स्वास्थ्य भारत मिशन" से जुड़ें – एक सुरक्षित और स्वस्थ भारत के लिए। एकीकृत और कार्यात्मक चिकित्सा पद्धति से

हम सबकी एक छोटी सी जागरूकता, लाखों जिंदगियां बचा सकती है।

#औषधि_जागरूक_समाज #स्वस्थ_भारत_मिशन #दवा_का_सही_उपयोग #स्वास्थ्य_ही_धन_है
️‍⚕️‍PharmD = Drug Expert Doctor= Life Saver Doctor

🛑 कोविड-19 के बाद बढ़ते हार्ट अटैक और साइलेंट डेथ के मामलों पर जागरूकता ज़रूरी! 🛑कोविशील्ड वैक्सीन निर्माता ने स्वीकार क...
29/03/2025

🛑 कोविड-19 के बाद बढ़ते हार्ट अटैक और साइलेंट डेथ के मामलों पर जागरूकता ज़रूरी! 🛑

कोविशील्ड वैक्सीन निर्माता ने स्वीकार किया है कि वैक्सीन से ब्लड क्लोटिंग का खतरा किसी को भी सकता है। क्योंकि क्लिनिकल ट्रायल हुआ ही नहीं कोविड के बाद ब्लड गाढ़ा होना, हाई बीपी, हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर जैसे मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि साइलेंट हार्ट अटैक और अचानक मृत्यु के केस बढ़ते जा रहे हैं।

💡 समाधान क्या है?

✔️ मरीजों को सही दवा के साथ उचित परामर्श मिलना बेहद ज़रूरी है।
✔️ PharmD डॉक्टर्स को अपॉइंट किया जाना चाहिए, ताकि वे फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन के तहत मरीजों को सटीक दवा, डोज़ और ड्रग इंटरैक्शन की जानकारी देकर सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
✔️ फार्माकोथेरपिस्ट की भागीदारी से एंटीकोएगुलेंट थेरेपी, दवा मॉनिटरिंग और काउंसलिंग में सुधार होगा, जिससे जान बचाई जा सकेगी।

⚠️ मांग करें – मरीजों के हित में कानून बने:

मरीज को दवा के साथ फार्माकोथेरपिस्ट से परामर्श का अधिकार मिले।

फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन को कड़ाई से लागू किया जाए।

PharmD डॉक्टर्स को स्वास्थ्य सेवाओं में उचित स्थान दिया जाए।

🙏 आपकी जागरूकता ही सुरक्षा है – सही परामर्श, सही दवा, सुरक्षित जीवन! 💙

डॉ.अनुराग साहू
PharmD, MS (Pharm), PGDAMN (Malaysia)

Modern Medicine Causes MORE Liver Damage Than Alternative Medicines – Here’s the PROOF! 🚨For years, some "experts" have ...
26/03/2025

Modern Medicine Causes MORE Liver Damage Than Alternative Medicines – Here’s the PROOF! 🚨

For years, some "experts" have been bashing Integrated & Functional Medicine claiming it damages your liver and kidneys, and has "no role" in treating diseases. But why are they SILENT about the harm caused by modern medicine? 🚨

A study published in the Journal of Clinical and Experimental Hepatology (May-June 2021) reveals the REAL culprit behind liver injury:

💥💥 74.8% of liver injuries are caused by MODERN MEDICINES (your so-called "evidence-based science").

💥Only 13.9% of liver injuries are linked to alternative medicines like Ayurveda.

💥💥Here’s the breakdown of the top causes of drug-induced liver injury (DILI):

Anti-TB drugs (ATD): 46.4%

Anti-epileptic drugs (AED): 8.1%

Non-ATD antimicrobials: 6.5%

Anti-metabolites: 3.8%

Anti-retroviral drugs (ART): 3.5%

NSAID: 2.6%

Hormones: 2.5%

Statins: 1.4%

Integrated Functional,Complementary & Alternative Medicines (CAM): 13.9%

✅✅FACT: Modern medicine is 5X more likely to harm your liver than Integrated & Functional medicines! Yet, some doctors and influencers are obsessed with spreading negativity about PharmD Doctor's on social media. Why the double standards? 🚨

This study, conducted on 1288 patients by the Indian Network of Drug-Induced Liver Injury, exposes the truth. Stop the bias. Stop the hate. Let’s talk about the REAL risks!

💥💥 GIVE RESPECT,TAKE RESPECT💥💥

 Read the full study here: sciencedirect.com/science/articl…

01/02/2025

*2.5 month old baby died following vaccination*

Date: January 24th 2025
Place: Sathyamangalam, Tamil Nadu

Per immunization schedule, Pentavalent, oral polio, rotavirus vaccines are administered at this age







Awaken India Movement Doctor Of Pharmacy



























Address

Jabalpur (MP)
Jabalpur
482002

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when औषधि जागरूक समाज एवं स्वस्थ्य भारत posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share