24/02/2026
सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री महोदय
मध्य प्रदेश शासन, भोपाल
प्रतिलिपि:
माननीय स्वास्थ्य मंत्री महोदय
मध्य प्रदेश शासन, भोपाल
विषय: एम्बुलेंस माफिया, मरीजों की दलाली, क्वैकरी तथा जनस्वास्थ्य को हो रही गंभीर क्षति के संबंध में – EthicsCon 2026 में हुए मंथन के निष्कर्षों के आधार पर
महोदय,
सादर निवेदन है कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, जबलपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन EthicsCon 2026 में देश एवं प्रदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों, विशेषज्ञों और नीति विषयक जानकारों ने चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े अनेक गंभीर सामाजिक एवं नैतिक विषयों पर विस्तृत विचार-मंथन किया। यह सम्मेलन विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसमें उन कारणों पर गहन चर्चा हुई, जिनके कारण आम जनता का स्वास्थ्य और जीवन दोनों खतरे में पड़ रहे हैं।
सम्मेलन के दिनांक 22 फरवरी को विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई, जिनकी ओर आपका ध्यान आकृष्ट करना हम अपना नैतिक कर्तव्य समझते हैं:
1. चिकित्सा में नैतिकता (Ethics in Medical Practice):
डॉ. अमरेंद्र पांडेय द्वारा “रोल ऑफ एथिक्स इन प्राइवेट प्रैक्टिस ऑफ डॉक्टर्स” विषय पर चर्चा की गई, जिसमें सर्वसम्मति से यह निष्कर्ष निकला कि किसी भी डॉक्टर के सफल और सम्मानजनक करियर की नींव नैतिकता होती है। यदि यह नींव कमजोर होगी तो पूरी व्यवस्था डगमगा जाती है और उसका सीधा नुकसान मरीजों को होता है।
2. छिंदवाड़ा कफ सिरप त्रासदी और दवा प्रणाली की जवाबदेही:
डॉ. आदित्य परिहार द्वारा इस अत्यंत संवेदनशील विषय पर चर्चा कराई गई। इसमें यह स्पष्ट हुआ कि केवल डॉक्टरों को बलि का बकरा बनाकर समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि दवा निर्माण से लेकर बाज़ार में पहुँचने तक पूरी श्रृंखला की जवाबदेही तय करनी होगी। प्रशासनिक तंत्र को किसी भी त्रासदी से पहले ही सतर्क और सक्रिय होना होगा।
3. डॉक्टरों पर बढ़ती हिंसा और एकता की आवश्यकता:
तीसरे पैनल डिस्कशन में यह निष्कर्ष निकला कि आज डॉक्टरों को भी अधिवक्ताओं और प्रशासनिक सेवाओं की तरह संगठित और एकजुट रहने की आवश्यकता है, ताकि वे न केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें बल्कि समाज को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सेवा दे सकें।
4. चिकित्सा एवं सर्जरी में क्वैकरी (Quackery):
यह विषय अत्यंत गंभीर है। चर्चा में सामने आया कि अनेक झोलाछाप एवं अप्रशिक्षित लोग राजनीतिक संरक्षण के कारण खुलेआम इलाज कर रहे हैं, जिससे आम जनता का जीवन खतरे में पड़ रहा है। इससे न केवल गलत इलाज हो रहा है, बल्कि सुपरबग (एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस), टीबी और कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) जैसी बीमारियों का प्रसार भी बढ़ रहा है। यह एक प्रकार से आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
5. एम्बुलेंस माफिया और मरीजों की दलाली:
सम्मेलन में यह भी गंभीरता से सामने आया कि अनेक स्थानों पर एम्बुलेंस चालक मरीजों और उनके परिजनों को गुमराह कर, पैसे के लालच में उन्हें जबरन कुछ चुनिंदा अस्पतालों में ले जाते हैं। इससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि कुछ अस्पताल एम्बुलेंस चालकों को मरीज “चुराने” के लिए भुगतान करते हैं। यह प्रथा न केवल अनैतिक है, बल्कि सीधे-सीधे मरीजों की जान और उनके आर्थिक शोषण से जुड़ी हुई है। कई बार समय पर सही इलाज न मिलने के कारण मरीजों की हालत बिगड़ जाती है या जान तक चली जाती है। यह एक संगठित अपराध का रूप ले चुका है, जिसे तुरंत और सख्ती से रोकना अत्यंत आवश्यक है।
6. इंदौर में प्रदूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा:
डॉ. आदित्य परिहार द्वारा इस विषय पर चर्चा कराई गई, जिसमें यह निष्कर्ष निकला कि यदि समय रहते प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चेत जाता, पुराने पाइप कनेक्शन, क्लस्टर में बढ़ते मामलों और चेतावनी संकेतों पर ध्यान देता, तो इस त्रासदी को रोका जा सकता था। यह घटना प्रदेश की छवि को भी नुकसान पहुँचाने वाली रही है।
महोदय,
इन सभी चर्चाओं का सार यही है कि यदि समय रहते ठोस और निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो आम जनता का विश्वास चिकित्सा व्यवस्था से उठता चला जाएगा और जनस्वास्थ्य को अपूरणीय क्षति होती रहेगी।
अतः हम आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि:
एम्बुलेंस माफिया और मरीजों की दलाली पर सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाए।
क्वैकरी के विरुद्ध राज्य स्तर पर विशेष अभियान चलाकर ऐसे फर्जी चिकित्सकों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
दवा आपूर्ति श्रृंखला, अस्पताल व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की नियमित और सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए।
डॉक्टरों और मरीजों—दोनों की सुरक्षा और हित में स्पष्ट, पारदर्शी और कड़े नियम लागू किए जाएँ।
इन सभी विषयों पर EthicsCon 2026 में विस्तृत चर्चा हुई है, और इसकी जानकारी तथा सत्रों के वीडियो हम आपके अवलोकन हेतु YouTube लिंक के माध्यम से भी साझा कर रहे हैं (लिंक संलग्न/प्रेषित किया जा रहा है), ताकि आप स्वयं विशेषज्ञों के विचार और सुझाव सुन सकें।
हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में मध्य प्रदेश शासन इन गंभीर मुद्दों पर संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे प्रदेश की जनता को सुरक्षित, नैतिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।
सादर,
डॉ. अमरेंद्र पांडेय
आयोजक सचिव, EthicsCon 2026
डॉ. आदित्य परिहार
वैज्ञानिक सचिव, EthicsCon 2026
स्थान: जबलपुर / भोपाल
दिनांक: 23/02/2026
Pfa the link to the conference and Panel Discussions
https://www.youtube.com/live/MhOiCLKwLXk?si=DPvfAuXjqhuneCn5