राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद

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राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद कायस्थ सभाओं / संस्थाओं / मंदिरों / धर्मशालाओं / शिक्षा संस्थाओं / पत्र पत्रिकाओं का परिसंघ

Common plateform for those who believe that God lives in every body as soul and practice human equity, tolrence, co-operation, goodwill & equity of all religions.

19/08/2025

विश्व वाणी हिंदी संस्थान अभियान जबलपुर (भारत)
आग विशिष्ट रचना संकलन 'हिंदी सॉनेट साधना' तथा 'बचपन'
संपर्क- ४०१ विजय अपार्टमेंट, नेपियर टाउन, जबलपुर ४८२००१
विश्व की सभी भाषाओं/बोलिओं की रचनाओं का स्वागत है।
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विश्ववाणी हिंदी संस्थान अभियान जबलपुर (भारत) द्वारा विश्व कीर्तिमान स्थापित करते काव्य संकलनों 'दोहा दोहा नर्मदा', 'दोहा सलिला निर्मला', 'दोहा दिव्य दिनेश' (दोहा का रचना विधान, इतिहास, प्रकार, ५०० वर्ष के प्रतिनिधि दोहे, विविध भाषाओं व रस के दोहे, ३४ दोहाकार, लगभग ५००० दोहे) , 'हिंदी सॉनेट सलिला' (३२ सॉनेटकार, ३२१ सॉनेट) तथा 'चंद्र विजय अभियान' (५ देश, ५१ भाषा-बोलियाँ, २१३ रचनाकार) की शृंखला में अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरणीय काव्य संकलन 'फुलबगिया' (१२१ फूल, ७ रचनाकार, २७ रचनाएँ) प्रकाशित और चर्चित हो चुके हैं। इस क्रम में अगले रचना संकलन हैं 'हिंदी सॉनेट साधना' तथा 'बचपन के दिन'।

मिल्टनी/इतालवी शैली के सॉनेटों का संकलन 'हिंदी सॉनेट साधना' में हर सॉनेटकार के १२ प्रतिनिधि सॉनेट, चित्र, परिचय, संपादकीय टिप्पणी तथा संपर्क सूत्र ८ पृष्ठों पर प्रकाशित किए जाएँगे। हर सहभागी को संग्रहणीय-पठनीय संकलन की ४ प्रतियाँ तथा सहभागिता प्रमाण पत्र मिलेगा। सहभागिता निधि २५००/- वाट्सऐप ९४२५१ ८३२४४ पर भेजें। हर सहभाग को सॉनेट लिखना सिखाकर २५ सॉनेट लिखवाए जाएँगे जिनमें से १२ संकलन में प्रकाशित होंगे।

'बचपन के दिन' संस्मरण संग्रह में बचपन का संस्मरण, रचनाकार का चित्र, कृतित्व परिचयव संपर्क सूत्र प्रकाशित किया जाएगा। हर सहभागी को ३५०/- प्रति पृष्ठ सहभागिता निधि + २००/- पैकिंग व डाक व्यय अग्रिम ९४२५१८३२४४ पर जमा करना होगा। न्यूनतम ४ पृष्ठ लेना अनिवार्य है। हर सहभागी को २ प्रति निशुल्क तथा अतिरिक्त प्रतियाँ ५०% रियायती दर पर मिलेंगी। निम्न बिंदुओं पर गद्य-पद्य लेखन कर जुड़िए 'बचपन के दिन' में- ० शरारतें ० पारिवारिक वातावरण ० पर्व-उत्सव ० दुर्घटना, रोग, चोट ० बाल मित्र प्रेरक व्यक्तित्व ० संघर्ष और उपलब्धि ० पड़ोसी / संबंधी ० शिक्षक ० अन्य।
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11/05/2025

विश्व वाणी हिंदी संस्थान अभियान जबलपुर (भारत)
अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरणीय काव्य संकलन 'फुलबगिया'
संपर्क- ४०१ विजय अपार्टमेंट, नेपियर टाउन, जबलपुर ४८२००१
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विश्ववाणी हिंदी संस्थान अभियान जबलपुर (भारत) द्वारा दो विश्व कीर्तिमान स्थापित करते काव्य संकलनों 'हिंदी सॉनेट सलिला' (३२ सॉनेटकार, ३२१ सॉनेट) तथा 'चंद्र विजय अभियान' (५ देश, ५१ भाषा-बोलियाँ, २१३ रचनाकार) की शृंखला में अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरणीय काव्य संकलन 'फुलबगिया' हेतु सामग्री जुटाई जा रही है। वाट्स ऐप पर अभियान समूह में हर सप्ताह एक पुष्प पर काव्य रचनाएँ की जाती हैं। अब तक जासौन, मोगरा, गेंदा, सदा सुहागन, गुलाब, कमल, चंपा, चमेली, हरसिंगार, कनेर कचनार कपास, अमलतास, रजनीगंधा, डहलिया, पलाश, रातरानी, शमी, सूरजमुखी, ब्रह्मकमल, बोगनबेलिया, गुलमोहर, शिरीष, मधुकामिनी, अपराजिता, कदंब, वैजयंती, शेवन्ती, मधुमालती, लिली, कुमिदिनी, कौरव-पांडव आदि पुष्पों पर काव्य रचना की जा चुकी है। यह क्रम निरंतर जारी है। आप अपनी पसंद के फूल/फूलों को केंद्र में रखकर पद्य रचना भेजें। अपना नाम निम्न सूची में जोड़ते जाइए। पुष्प के रूप-रंग, उपदेयता, वानस्पतिक महत्व, आयुर्वेदिक उपयोग अथवा उसे रूपक या उपमा के रूप में प्रयोग कर अथवा शिव-काम प्रसंग, पार्वती अपर्णा प्रसंग, कैकेयी-दशरथ प्रसंग, राम-सीता फुलवारी प्रसंग, कृष्ण-राधा कुंज वन प्रसंग, मेघदूत प्रसंग, दुष्यंत-शकुंतला प्रसंग, रानी दुर्गावती-दलपतिशाह प्रसंग, विवाह संस्कार में जयमाल आदि में बाग-पुष्प,मिलन-विरह शृंगार आदि को लेकर भी काव्य रचना की जा सकती है।

'फुलबगिया' संग्रह में २ पृष्ठ पर रचनाकारों का चित्र, संक्षिप्त परिचय व गीतों पर संपादकीय टिप्पणी होगी। शेष पृष्ठों पर गीत होंगे। हर सहभागी को ३००/- प्रति पृष्ठ सहभागिता निधि तथा १००/- पैकिंग व डाक व्यय अग्रिम ९४२५१८३२४४ पर जमा करना होगा। न्यूनतम ४ पृष्ठ लेना अनिवार्य है। हर सहभागी को १ प्रति निशुल्क तथा अतिरिक्त प्रतियाँ ४०% रियायती दर पर मिलेंगी।

अब तक सम्मिलित साथी- सर्व श्री/श्रीमती/सुश्री
००१. इं. संजीव वर्मा 'सलिल' जबलपुर, ००२. सरला वर्मा भोपाल, ००३. डॉ. रेखा श्रीवास्तव अमेठी, ००४. वसुधा वर्मा मुंबई, ००५. पुष्पा वर्मा हैदराबाद, ००६. डॉ. संगीता भारद्वाज भोपाल, ००७. भावना पुरोहित हैदराबाद, ००८. डॉ. शोभा सिंह जबलपुर, ००९. डॉ. अनामिका तिवारी जबलपुर, ०१०. वर्तिका वर्मा भोपाल, ०११. खंजन सिन्हा भोपाल, ०१२. छाया सक्सेना जबलपुर, ०१३. डॉ. नीलिमा रंजन भोपाल, ०१४. डॉ. सुरेन्द्र साहू जबलपुर, ०१५. इंदिरा गुप्ता रायपुर।

प्रधान संपादक- आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'
संपादक- डॉ. मुकुल तिवारी - सरला वर्मा 'शील'

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03/04/2025

साहित्यिक-सांस्कृतिक शोध संस्था उल्हास नगर, मुंबई
९७६४०११७९० / ८५९१५०९४४३ E-mail : [email protected]
सहयोग - विश्ववाणी हिंदी संस्थान जबलपुर
९४२५१८३२४४ E-mail : [email protected]
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मारीशस भ्रमण २ मई २०२५ - ८ मई २०२५ - व्ययानुमान - १,१३,९९०/-, स्थानीय टिकिट अतिरिक्त स्वयं वहाँ करें। वीसा शामिल है।
सभी सहभागी १ मई की शाम तक मुंबई एयरपोर्ट पहुँचें। २ मई सुबह १.४५ मुंबई से मॉरीशस उड़ान। हवाई यात्रा- एयर मारीशस।

BOM-MRU-BOM MK749 / 02MAY25 BOM-MRU 0245: 0730 MK748 / 08MAY25 MRU-BOM 1705: 0100+1E0 Flight No.-: MK749 Date-: 02MAY’25 Route-: BOM-MRU Time-: 0245: 0730 Flight No.-: MK748 Date-: 08 MAY’25 Route-: MRU-BOM Time-:1705: 0100+1E0 mukhay karykrm adikari Dr. satish kanojiya- 9764011790

वापसी ८ मई को शाम ५ बजे मॉरीशस से मुंबई के लिए उड़ान। मुंबई से ट्रेन या फ्लाइट से घर वापसी हेतु ९ मई का टिकिट कराएँ।

कार्यक्रम विवरण - कार्यक्रम अधिकारी - डॉ.सतीश कन्नौजिया
* व्याख्यान - विश्व हिंदी सचिवालय, मॉरीशस * हिन्दी प्रचारिणी सभा, मॉरीशस * महात्मा गांधी संस्थान, मॉरीशस
* सहभागिता - वृहद पुरोहित संघ, मॉरीशस के मंच पर सांस्कृतिक-साहित्यिक कार्यक्रम में
गुरुवार १ मई - शाम तक मुंबई एयर पोर्ट पहुँचें। व्यवस्था स्वयं करें।
शुक्रवार २ मई - हवाई अड्डा - होटल मनीषा, फ्लिक एंड फ़्लैक समुद्र तट - म. गाँधी संस्थान - वापिसी
शनिवार ३ मई - होटल - हिंदी प्रचारिणी सभा (अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी हिंदी भाषा एवं रामकथा), आप्रवासी घाट, चौदान वाटर फ्रंट, सिलादेले फोर्ट - वापिसी
रविवार ४ मई - होटल - ट्राउ औक्स सर्फ़स ज्वालामुखी, ग्रांड बेसिन, ब्लैक रिवर गोरजेस, लेक्जेन्ड्रा प्रपात- होटल
शाम - वृहद पुरोहित संघ, मॉरीशस के मंच पर सांस्कृतिक-साहित्यिक कार्यक्रम में सहभागिता
उत्तर मॉरीशस- विशाल जल लिली के लिए प्रसिद्ध पैम्पले मॉसस गार्डन, राजधानी पोर्ट लुईस
सोमवार ५ मई - होटल - ग्लास बॉटम ब्लू बे, ब्लू सफारी सब मेरिन, संग्रहालय, स्थानीय बाजार माहेबोर्ग - होटल
मंगलवार ६ मई - ले मोरने, मेकॉनडे, डेस गेलेट्स नदी, ग्रिस ग्रिस, विश्व हिंदी सचिवालय - होटल
बुधवार ७ मई - होटल - विश्व हिंदी सचिवालय (संगोष्ठी हिंदी के बढ़ते कदम), ग्रिस ग्रिस - होटल
गुरुवार ८ मई - होटल - कैसकवेल - हवाई अड्डा।
शुक्रवार - ९ मई - मुंबई - गृह वापिसी - स्वव्यवस्था।
(कार्यक्रम परिस्थितियों अनुसार परिवर्तनशील)
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13/03/2025

जोगी जी

सदाचार का डालिए,
चौक रंगीला द्वार।
सद्भावों की फाग गा,
मेटें सब तकरार।।
जोगी जी सा रा रा रा

बाधाओं की लकड़ियाँ,
दें होरी में बार।
पीर गुलेरी सब जलें,
बचे न एकऊ खार।।
जोगी जी सारा रा रा

राजनीति की होलिका,
करे नहीं तकरार।
नेता-अफसर कर सकें,
लोकनीति से प्यार।।
जोगी जी सारा रा रा

भुज भरकर मिलिए गले,
बढ़े खूब अपनत्व।
संसद से दूरी मिटे,
बढ़े खूब बंधुत्व।।
जोगी जी सा रा रा रा

सुख पिचकारी दें भिगा,
रंग हर्ष का, डाल।
मस्तक पर शोभित रहे,
यश का लाल गुलाल।।
जोगी जी सा रा रा रा

हिंदी मैदा माढ़िए,
उर्दू मोयन डाल।
देशज मेवाएँ भरें,
गुझिया बने कमाल।।
जोगी जी सा रा रा रा

परंपरा बेसन बने,
नवाचार हो तेल।
खांय-खिलाएँ पपड़ियाँ,
जी भर होली खेल।।
जोगी जी सा रा रा रा

कविता पिचकारी बना,
भरें छंद का रंग।
रस-लय की ठण्डाई पी,
करें गीत गा जंग।।
जोगी जी सा रा रा रा

फाग कबीरा गाइए,
भर मस्ती में झूम।
ढोल-मँजीरा बजाएँ,
खूब मचाएँ धूम।।
जोगी जी सा रा रा रा
१३.३.२०२५
०००

09/11/2024

विश्ववाणी हिंदी संस्थान अभियान : जबलपुर समन्वय प्रकाशन जबलपुर
४०१ विजय अपार्टमेंट नेपियर टाउन जबलपुर ४८२००१
चंद्र विजय अभियान साझा काव्य संकलन
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हिंदी साहित्येतिहास में पहली बार देश को गौरवान्वित करनेवाली वैज्ञानिक परियोजना पर बहुदेशीय, बहुभाषीय साझा काव्य संकलन 'चंद्र विजय अभियान' मुद्रण हेतु तैयार है। अब तक ४ देश (अमेरिका, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत), १९० कवि, ४२ भाषा/बोलियाँ (अंगिका २, अंग्रेजी ५, अवधी १, असमी १, उर्दू ४, ओड़िया १, कन्नड़ १, कन्नौजी १, कुमायूनी ३, गढ़वाली १, गुजराती १, छत्तीसगढ़ी ४, डोगरी १, तेलुगु १, निमाड़ी १, पंजाबी १, पचेली, पाली १, प्राकृत १, बघेली २, बज्जिका १, ब्रज ३, बांग्ला २, बुंदेली ५, भुआणी १, भोजपुरी ४, मगही १, मराठी १, मारवाड़ी १, मालवी २, मैथिली १, राजस्थानी २, रुहेली १, वागड़ी १, संताली १, संबलपुरी १, संस्कृत २, सरगुजिहा १, सिंधी १, हलबी १, हाड़ौती १, हिंदी), सबसे वरिष्ठ कवि ९४ वर्ष, सबसे कनिष्ठ कवि १२ वर्ष, महिलाएँ १०२, पुरुष ८१ । सम्मिलित विधाएँ: गीत, नवगीत, बाल गीत, कजरी गीत, पद, मुक्तक, गीतिका, मुक्तिका, पूर्णिका, गजल, हाइकु, माहिया, दोहे, सोरठे, कुण्डलिया, कहमुकरी आदि। हमारी मूल संकल्पना से लगभग चार गुना आकार ग्रहण कर चुका यह संकलन। संकलन में ९४ वर्ष से लेकर १२ वर्ष तक की आयु के ३ पीढ़ियों के रचनाकार सम्मिलित हैं। सहभागिता हेतु रचनाकार अपनी रचना, चित्र, परिचय (जन्म तिथि-माह-वर्ष-स्थान, माता-पिता-जीवनसाथी, शिक्षा, संप्रति, प्रकाशित पुस्तकें, डाक पता, ईमेल, चलभाष/वाट्स एप) तथा सहभागिता निधि (१ पृष्ठ ४००/-, २ पृष्ठ ७००/- ३ पृष्ठ १०००/-, ४ पृष्ठ १२००/-) वाट्स ऐप ९४२५१८३२४४ पर अविलंब भेजें। अंतिम तिथि १५ नवंबर २०२४। सस्नेह आमंत्रण जुड़िए और जोड़िए। सभी भाषाओं और पद्य विधाओं का स्वागत है। ऐसा मौका फिर कहाँ मिलेगा?
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Address

Samanvayam, 204 Vijay Apartment, Napier Town
Jabalpur
482002

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