श्री पार्श्वनाथ वंदना

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श्री पार्श्वनाथ वंदना Dedicated to 23rd Jain Teerthankar Lord Parshvnath

15/09/2026

🙏🙏🙏Thanks to Rahul ji from Agra.

*जीवन में यदि किसी ने अपमान, उपेक्षा,तिरस्कार किया हो,उस जीव के प्रति प्रतिशोध,प्रतिकार के भाव उत्पन्न न करते हुए यह मान...
15/09/2026

*जीवन में यदि किसी ने अपमान, उपेक्षा,तिरस्कार किया हो,उस जीव के प्रति प्रतिशोध,प्रतिकार के भाव उत्पन्न न करते हुए यह मानना चाहिए कि पूर्व में मेरे द्वारा इस जीव के प्रति ऐसा ही किया गया होगा,अतः आज इसका प्रतित्तुर प्राप्त होने पर,account settle हो गया,तद्समय प्रतिशोध अथवा क्रोध की भावों को शांत करने में ही जीव का हित है,इससे संसार बढ़ाने वाली कषाय शांत होती है।*
*किसी जीव के द्वारा वित्तीय हानि नुकसान पहुंचाये जाने पर भी यही भाव उत्पन्न होने चाहिए,वास्तव में क्रोध मान माया लोभ के कषायिक भाव जब बाहर से व्यवहार रूप शांत होंगे,तभी अंतरंग से कषाय लुप्त अथवा मंद होगी। यदि व्यवहार रूप जीवन में शत्रु रूप दिखने वाले जीवो के साथ बैरभाव,वैमनस्य,शत्रुता,देष,प्रतिशोध के भाव समाप्त हो जाएंगे तब अंतरंग में भी ऐसी कषाय उत्पन्न नहीं हो सकती,तभी जीवन में सम्यकत्व का अंकुर प्रस्फुटित हो सकता है।*

🙏🙏🙏

जय जिनेन्द्र जय पारस साथियों।।आज हम आपको दर्शन करवा रहे हैं सुरुरपुर बागपत उत्तर प्रदेश के हमारे सावले सलोने पारस बाबा क...
15/09/2026

जय जिनेन्द्र जय पारस साथियों।।

आज हम आपको दर्शन करवा रहे हैं सुरुरपुर बागपत उत्तर प्रदेश के हमारे सावले सलोने पारस बाबा का।
यह प्रतिमा जी २०१५ में भूगर्भ से प्राप्त हुई थी।

*🙏🙏🙏🙏प्रणाम🙏🙏🙏🙏*

*कर्म और भाग्य* *लोग कहते हैं की*
*ईश्वर सबका भाग्य लिखता है.!*
*यदि ऐसा होता तो, परमात्मा सबका भाग्य बहुत ही अच्छा लिखता, और दुनिया में किसी को कोई दुःख नहीं होता.!* *पर ऐसा नहीं है- ईश्वर ने हर किसी को कर्म रूपी एक ऐसी कलम दी है, जिसके द्वारा वह अपना भाग्य स्वयं लिख सकता है.!!*

Heartily thanks to Shubham Jain ji New Delhi for this beautiful image.

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*Happy  Morning .**अक्सर वोही दीये हाथ जलाते हैं, जिन्हें हम हवाओं से बचाते हैं। भ्रम का बैंक बैलेंस: जब मन ही 'भटकता हु...
14/09/2026

*Happy Morning .*

*अक्सर वोही दीये हाथ जलाते हैं, जिन्हें हम हवाओं से बचाते हैं। भ्रम का बैंक बैलेंस: जब मन ही 'भटकता हुआ बाजार' बन जाए, तो जिंदगी में ठहराव कहाँ से आएगा? बाहरी दुनिया के सारे हिसाब-किताब लगाने के साथ-साथ कभी अपने भीतर के सुकून का भी ईमानदारी से ऑडिट करना होगा। अपनी अंतहीन इच्छाओं और इस मानसिक भागदौड़ पर थोड़ा ब्रेक लगाना होगा। याद रखना इस दुनिया की सबसे कीमती और सच्ची संपत्ति एक शांत दिमाग और सुकून भरी गहरी नींद ही है, बाकी सब तो सिर्फ इस भ्रम की दुनिया के अस्थाई खिलौने हैं।*

जय जिनेन्द्र जय पारस साथियों।।दर्शन करते है बैंगलोर साउथ में श्री 1008 पार्श्व नाथ दिगम्बर चैत्यालय बेगुर रोड जो की ecit...
14/09/2026

जय जिनेन्द्र जय पारस साथियों।।

दर्शन करते है बैंगलोर साउथ में श्री 1008 पार्श्व नाथ दिगम्बर चैत्यालय बेगुर रोड जो की ecity , बोमनहल्ली, hsr , बनरगट्टा रोड, जिगनी से पास है के पारस बाबा का।

*कर्म बढ़िया होने चाहिये क्योकि वक्त किसी का नहीं होता जरा सी बात से मतलब बदल जाते हैं,उंगली उठे तो बेइज्जती और अंगूठा उठे तो तारीफ अँगुठे से अँगुली मिले तो लाजबाब यही तो है जिंदगी का हिसाब।

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13/09/2026

Thanks to Rahul jain ji from Agra🙏🙏🙏

*निंदा यश का नाश करती है एवं निंदा पापी की जन्मदात्री भी है। इसीलिए विवेक गुण से विभूषित पुरुष कदापि अन्यों की निंदा नही...
13/09/2026

*निंदा यश का नाश करती है एवं निंदा पापी की जन्मदात्री भी है। इसीलिए विवेक गुण से विभूषित पुरुष कदापि अन्यों की निंदा नहीं करते। जो मनुष्य ईर्ष्या के कारण अन्यों की निंदा में प्रवृत्त रहते है, वह ऐसे पापकर्म का बंध करते है कि जिसके उदय के कारण परभव में स्वयं अपयश या निंदा का भाजन बनता है।*

ॐ ह्री श्री पार्श्वनाथ जिनेन्द्राय नम:🙏🙏🙏
13/09/2026

ॐ ह्री श्री
पार्श्वनाथ
जिनेन्द्राय
नम:🙏🙏🙏

 #श्री_दिगम्बर_जैन_अतिशय_क्षेत्र_वहलना_जी*कर्म निर्जरा का श्रेष्ठ पड़ाव पर्व पर्युषण**एक के साथ एक फ्री स्किम**जो हमारा ज...
12/09/2026

#श्री_दिगम्बर_जैन_अतिशय_क्षेत्र_वहलना_जी

*कर्म निर्जरा का श्रेष्ठ पड़ाव पर्व पर्युषण*

*एक के साथ एक फ्री स्किम*
*जो हमारा जीवन बदल देगी*,


*• उपवास में कमीं रह भी जाए तो..*
*• उपहास से अवश्य बचना,*

*• दर्शन में कमीं रह भी जाए तो...*
*• प्रदर्शन से अवश्य बचना ।*

*• वन्दन में कमीं रह भी जाए तो...*
*• बंधन से अवश्य बचना ।*

*• प्रवचन श्रवण में कमीं रह भी जाए तो...*
*• दुर्वचन से अवश्य बचना ।*

*• केश लोचन नहीं भी कर सकें तो..*
*• क्लेश लोचन अवश्य करना ।*

*• प्रतिकमण में कमीं रह भी जाए तो...*
*• अतिक्रमण से अवश्य बचना ।*

*• क्षमा मांगने में कमीं रह भी जाए तो..*
*• प्राणी मात्र को क्षमा अवश्य करना ।*

*सभी को पर्युषण पर्व की आग्रीम शुभकामनाएं*
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

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