19/12/2025
ओबीसी महासभा रजि. करणी सेना के आंदोलन का समर्थन नही करती!
आगामी 21 दिसंबर 2025 को करणी सेना द्वारा प्रस्तावित आंदोलन के संदर्भ में यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि उसमें शामिल कुछ माँगें भारत के संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत हैं।
ओबीसी महासभा यह स्पष्ट रूप से कहना चाहती है कि
👉 लोकतंत्र में आंदोलन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है,
किन्तु
👉 संविधान के विरुद्ध किसी भी माँग या विचारधारा का समर्थन नहीं किया जा सकता।
ओबीसी महासभा संविधान, सामाजिक न्याय एवं समान अवसर की अवधारणा में पूर्ण आस्था रखती है। इसी कारण ओबीसी महासभा करणी सेना द्वारा उठाई गई निम्नलिखित माँगों का समर्थन नहीं करती—
1. आर्थिक आधार पर आरक्षण —
आरक्षण की अवधारणा संविधान द्वारा सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर स्थापित की गई है, न कि केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर।
2. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के विरोध का समर्थन —
यह कानून ऐतिहासिक रूप से शोषित एवं वंचित वर्गों की संवैधानिक सुरक्षा हेतु बनाया गया है, इसका विरोध सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।
3. पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की माँग का समर्थन —
पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान समान अवसर एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक रूप से मान्य है।
स्पष्ट करती है कि वह किसी भी संविधान-विरोधी, सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँचाने वाली या वंचित वर्गों के अधिकारों को कमजोर करने वाली माँग का समर्थन नहीं करती।
हमारा संघर्ष सदैव
✔️ संविधान के भीतर
✔️ लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुसार
✔️ सामाजिक न्याय एवं समता के लिए
जारी रहेगा।
#ओबीसी महासभा रजि.