03/03/2026
होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारी सनातन संस्कृति के उस ओज और तेज का प्रतीक है जो अधर्म पर धर्म की विजय की घोषणा करता है।आईये होली के इस महापर्व पर नशे की 'होलिका' जलाएं, लक्ष्य का 'गुलाल' उड़ाएं
'विदेशी संस्कृतियों के अंधानुकरण में आज का युवा नशे और फूहड़ता को' कुल समझने लगा है। लेकिन याद रखिए जो अपनी जड़ों को काट देता है, वह पेड़ कभी फल नहीं देता।"
होली पर भांग या शराब का नशा करना वीरता नहीं है। असली नशा तो 'राष्ट्र निर्माण' और 'स्वयं के विकास' का होना चाहिए। इस बार संकल्प लें कि हम अपने भीतर के आलस्य, नशे और सोशल मीडिया की लत जैसी 'होलिका' को जलाकर खाक कर देंगे।
होली की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।