16/02/2026
रीगल चौराहे पर गूंजती बच्चों की आवाज एक मजबूत संदेश दे रही थी—
पेड़ बचेंगे तो भविष्य बचेगा, प्रकृति बचेगी तो जीवन बचेगा।
रीगल चौराहे पर बच्चों की आवाज: “पेड़ बचाओ, भविष्य बचाओ”
इंदौर के रीगल चौराहे पर बच्चों ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी चिंता और पीड़ा को सशक्त तरीके से व्यक्त किया। हाथों में पोस्टर और आंखों में भविष्य की चिंता लिए बच्चों ने पेड़ों, पक्षियों और शुद्ध पर्यावरण की जरूरत को सामने रखा।
बच्चों ने सवाल उठाया कि आखिर पेड़ क्यों काटे जा रहे हैं और नदियां क्यों दूषित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ केवल लकड़ी नहीं, बल्कि हजारों पक्षियों का घर और इंसानों के जीवन का आधार हैं।
प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमें शुद्ध हवा, स्वच्छ पानी और सुरक्षित भोजन चाहिए। यदि प्रकृति का लगातार विनाश होता रहा, तो आने वाला भविष्य संकट में पड़ जाएगा।
रीगल क्षेत्र में मेट्रो परियोजना के लिए 200 से अधिक पेड़ों के कटने की संभावना ने बच्चों को और भी चिंतित कर दिया है। इन पेड़ों पर हजारों पक्षियों का बसेरा है, जो उनके जीवन का सहारा हैं।
बच्चों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से यह संदेश दिया कि पेड़ कटने से केवल हरियाली नहीं, बल्कि जीवन की धड़कन खत्म होती है। उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों कुएं और बावड़ियों को खत्म कर दिया गया और प्राकृतिक जल स्रोतों को नष्ट किया गया।
इस आयोजन में इंदौर की कई सामाजिक और पर्यावरणीय संस्थाओं ने भी भाग लिया और बच्चों का हौसला बढ़ाया। संस्थाओं ने कहा कि बच्चों की यह आवाज पूरे समाज के लिए चेतावनी है।
इस आयोजन में बस्ती फाउंडेशन के निरंजनपुर केन्द्र के बच्चों की की भागीदारी रही।