18/08/2026
एक टांग पर खड़े होकर मस्जिद की हिफ़ाज़त करने वाले नेपाली शख़्स को सऊदी अरब में मिला एहतराम! 🕋✨
नेपाल के रौतहट ज़िले के रामपुर निवासी शेख़ रहीमउल्लाह (32 वर्ष) ने अपनी हिम्मत और ईमान की एक अनोखी मिसाल पेश की है। इस साल जनवरी में जब एक भीड़ ने स्थानीय मस्जिद को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, तो एक टांग से महरूम रहीमउल्लाह अपनी लाठी के सहारे मस्जिद के दरवाज़े पर अकेले डट गए और मस्जिद का नज़राना-ए-दिफ़ा किया।
सोशल मीडिया पर उनकी यह वीडियो वायरल होने के बाद सऊदी कार्यकर्ताओं ने उन्हें तलाशा और 5 अगस्त को उन्हें और उनके माता-पिता को उमराह के लिए मक्का मुकर्रमा बुलाया। वहाँ उनका ख़ास एहतराम किया गया और एक चैरिटेबल संस्था द्वारा उनकी सहूलियत के लिए नक़ली टांग (Prosthetic Limb) का इंतज़ाम भी किया जा रहा है।
इबादतगाह की हिफ़ाज़त से मक्का के मुक़द्दस सफ़र तक: शेख़ रहीमउल्लाह की साहसी दास्तान! ❤️🤲
ईमान और हौसले की कोई उम्र या शारीरिक सीमा नहीं होती। नेपाल के रहने वाले 32 साल के शेख़ रहीमउल्लाह ने यह साबित करके दिखा दिया।
जब एक उग्र भीड़ ने उनकी स्थानीय मस्जिद को निशाना बनाने की कोशिश की, तो रहीमउल्लाह अपनी शारीरिक शारीरिक अक्षमता की परवाह किए बिना, एक टांग और लाठी के सहारे मस्जिद के आगे दीवार बनकर खड़े हो गए। उनकी इस बहादुरी का वीडियो देखते ही देखते पूरी दुनिया में वायरल हो गया।
इस जज़्बे को सलाम करते हुए सऊदी अरब के ख़ैरख़वाहों ने रहीमउल्लाह का सुराग़ लगाया और 5 अगस्त को उन्हें और उनके वालिदैन को उमराह की सआदत हासिल कराने के लिए मक्का मुकर्रमा बुलाया। सिर्फ़ इतना ही नहीं, एक फ़लाही इदारे की जानिब से उनके लिए एक अत्याधुनिक नक़ली टांग (Prosthetic Limb) लगाने की तैयारियाँ भी जारी हैं।
जिस शख़्स ने अल्लाह के घर की हिफ़ाज़त के लिए अपनी जान दांव पर लगाई, अल्लाह तआला ने उसे अपने मुक़द्दस घर का मेहमान बना लिया! ✨🕋
▫️ Ameen Foundation
▫️ Islamic Relief Centre