Ameen Foundation - Rahmat e Rabb

Ameen Foundation - Rahmat e Rabb Aameen Foundation: رحمۃ ربّ. Serving with Allah's Mercy. Empowering lives via Education, Health, Orphan care, & building Masjids/Madarsas. تعمیر اور تعلیم۔

Welcome to the official page of Aameen Foundation.
​Guided by the profound principle of "رحمۃ ربّ" (Rehmat E Rabb — Serving with Allah's Mercy), our mission is to uplift and empower vulnerable communities.
​ہم اللہ کی رحمت کے سائے میں دکھی انسانیت کی خدمت کے لیے وقف ہیں۔ ہمارا ماننا ہے کہ حقیقی خدمت وہ ہے جو بلا تفریق کی جائے۔
​We are working tirelessly on the ground to provide essential support a

nd build lasting infrastructure. Our core areas of focus are:
​📚 Education (تعلیم / शिक्षा): Lighting the path for a brighter future through knowledge.
​🏥 Healthcare (صحت / स्वास्थ्य): Ensuring basic medical care is accessible to the needy.
​🤲 Orphan Care (یتیموں کی کفالت): Providing love, shelter, and support to orphan children.
​🕌 Masjid Nirman (تعمیر مسجد / मस्जिद निर्माण): Building houses of Allah as centers for community worship and unity.
​🏫 Madarsa Nirman (تعمیر مدرسہ / मदरसा निर्माण): Constructing institutions for Islamic learning and Hifz.
​یہ صرف ایک فاؤنڈیشن نہیں، بلکہ امید کی ایک کرن ہے۔ Ye sirf ek foundation nahi, balki umeed ki ek kiran hai, jo gareeb aur kamzor tabqon ko mazboot banati hai.
​Join hands with us in this noble cause. آپ کا چھوٹا سا تعاون کسی کی زندگی بدل سکتا ہے اور صدقہ جاریہ بن سکتا ہے۔
​Empowering Communities. Spreading Mercy.

17/02/2026

क्या आप जानते हैं? इस मदरसे में 1000 से ज़्यादा यतीम बच्चे (Orphans) तालीम हासिल करेंगे। उनके पास न रहने का सही ठिकाना है, न पढ़ने की किताबें।
Quran For Everyone की इस मुहिम का हिस्सा बनें:
✅ ₹500 - तालीमी किताबें
✅ ₹1,000 - एक बच्चे का महीने भर का खर्च
✅ ₹2,000 - मदरसा निर्माण (सीमेंट/ईंटें)
✅ ₹5,000 - एक हाफ़िज़-ए-क़ुरआन को स्पॉन्सर करें
उनके चेहरे की मुस्कान और उनकी दुआएं ही आपकी असली दौलत हैं।

अस्सलाम वालेकुम नेक दिल साथियों,माह-ए-रमजान की बरकतों के बीच, हम आप सभी से एक नेक काम में जुड़ने की गुजारिश करते हैं। हम...
16/02/2026

अस्सलाम वालेकुम नेक दिल साथियों,
माह-ए-रमजान की बरकतों के बीच, हम आप सभी से एक नेक काम में जुड़ने की गुजारिश करते हैं। हम अपने प्रोजेक्ट के लिए 100 सीमेंट ईंटों का योगदान मांग रहे हैं, जिसकी कुल कीमत ₹7,200 है।
इस पाक महीने में आपका यह छोटा सा सदका-ए-जारिया आने वाली नस्लों के लिए तालीम और तरक्की का घर बनेगा।

"जो लोग अल्लाह की राह में अपना माल खर्च करते हैं, उनकी मिसाल उस दाने जैसी है जिससे सात बालियां उगें और हर बाली में सौ दाने हों..." (सूरह अल-बकरा, 2:261)
रमजान में एक नेकी का बदला 70 से 700 गुना तक मिलता है। आपका ₹7,200 का यह तावुन (योगदान) अल्लाह की बारगाह में कबूल हो और आपके लिए आखिरत का जखीरा बने।
आइये, इस रमजान 100 ईंटों की जिम्मेदारी उठाएं और खैर के काम में हिस्सा लें।
जजाकल्लाह खैर।
https://www.islamicrelief.online/ramzan

आपकी सेहरी और इफ़्तार की तैयारी तो हो गई, पर क्या आख़िरत (Afterlife) की तैयारी हुई? ⚖️📖17 फरवरी से रमज़ान की पहली सेहरी ...
15/02/2026

आपकी सेहरी और इफ़्तार की तैयारी तो हो गई, पर क्या आख़िरत (Afterlife) की तैयारी हुई? ⚖️📖

17 फरवरी से रमज़ान की पहली सेहरी होगी... 🌙

नया जा-नमाज़ (Prayer mat) तैयार है, तस्बीह हाथ में है, और घर में इफ़्तारी का सामान भी भर चुका है। माशाअल्लाह, आपकी तैयारी मुकम्मल है! ✅

लेकिन ज़रा रुकिए... क्या उस यतीम बच्चे या उस मजबूर बुज़ुर्ग की तैयारी के बारे में सोचा, जिसके पास अल्लाह का कलाम (क़ुरान) पढ़ने के लिए एक मुकम्मल नुस्ख़ा तक नहीं? 📖💔

हम हज़ारों रुपये इफ़्तारी और नए कपड़ों पर तो खुशी-खुशी खर्च कर देते हैं, क्या महज़ ₹500 का एक 'हदिय-ए-क़ुरान' किसी के हाथ में थमाने की तौफ़ीक़ नहीं हुई? 🥘❌📖
कहीं ऐसा न हो कि आप तो इबादत में मशगूल रहें, और कोई दूसरा सिर्फ इसलिए महरूम रह जाए क्योंकि आपने अपना हिस्सा अदा नहीं किया। इस रमज़ान, सिर्फ अपना घर रोशन न करें, किसी की रूह को भी मुनव्वर करें। ✨

महज़ ₹500 में किसी के हाथ में अल्लाह का कलाम थमाएं। रमज़ान का ये सवाब ज़ाया न होने दें! ✨🌙

अल्लाह का शुक्र अदा करें कि उसने आपको देने वालों में रखा है, लेने वालों में नहीं। 🤲✨

09/02/2026

Assalamu Alaikum Warahmatullahi Wabarakatuh. 🤲
लातूर (महाराष्ट्र) की एक बस्ती में अल्लाह के घर (मस्जिद) और मदरसे का काम पैसों की कमी की वजह से रुकने वाला है। 😢
हालात बहुत नाजुक हैं:
अगले 15 दिन में हमें ₹13 लाख की सख्त ज़रूरत है, वरना मस्जिद के बाजू वाली जगह हमारे हाथ से निकल जाएगी।
यह सिर्फ एक मस्जिद नहीं, बल्कि 500 यतीम और गरीब बच्चों का मुस्तकबिल है।
नबी करीम (ﷺ) ने फरमाया:
"जो अल्लाह के लिए मस्जिद बनाता है, अल्लाह उसके लिए जन्नत में घर बनाता है।"
आपसे गुज़ारिश है कि अपनी Zakat और Sadaqah से इस नेक काम में हिस्सा लें। चाहे ₹100 हो या ₹500, आपकी छोटी सी मदद भी बहुत मायने रखती है।
👇 Donate Now (Secure Link):
https://islamicrelief.online/masjid/masjid.html -box

🚨 ज़रूरी अपील: अल्लाह के घर का काम रुकने न दें! 🚨मस्जिद का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन अफ़सोस कि फ़ंड की कमी की वजह से ...
07/02/2026

🚨 ज़रूरी अपील: अल्लाह के घर का काम रुकने न दें! 🚨
मस्जिद का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन अफ़सोस कि फ़ंड की कमी की वजह से दीवारें अधूरी रह सकती हैं। हमें काम जारी रखने के लिए सीमेंट, ईंटें और मजदूरों की उजरत के लिए आपकी मदद चाहिए। 🏗️
क्या आप चाहेंगे कि अल्लाह का घर अधूरा रह जाए? नहीं ना?
तो आगे आएं! आपकी थोड़ी सी मदद (एक बोरी सीमेंट या 100 ईंटें) भी इस काम को पूरा करवा सकती है।
नबी (ﷺ) ने फरमाया: "सदाक़ा बलाओं को टालता है।" आज ही अपनी बलाएं टालें और सदका-ए-जारिया कमाएं। 🤲
👇 अभी डोनेट करें:
🔗 www.IslamicRelief.center/masjid.html? -box
✅ UPI / GPay / PhonePe Available

🧱 "मेरे थोड़े से देने से क्या होगा?" ... ऐसा मत सोचिये!बूँद-बूँद से ही दरिया बनता है। आप पूरी मस्जिद नहीं, तो कम से कम एक...
07/02/2026

🧱 "मेरे थोड़े से देने से क्या होगा?" ... ऐसा मत सोचिये!
बूँद-बूँद से ही दरिया बनता है। आप पूरी मस्जिद नहीं, तो कम से कम एक ईंट का खर्चा तो उठा ही सकते हैं? या एक बोरी सीमेंट स्पोंसर कर सकते हैं?
अल्लाह तादाद नहीं, नीयत देखता है। अपनी हलाल कमाई में से एक छोटा हिस्सा अल्लाह के घर के लिए ज़रूर निकालें।
आज ही अपना हिस्सा डालें और इस नेक काम में भागीदार बनें।
👇 Click to Donate:
www.IslamicRelief.center

अल्लाह के घर का काम रुका हुआ है और हमें आपकी सख्त ज़रूरत है। 🏗️आपकी 'पसंद' (Like) हमारे लिए मायने रखती है, लेकिन मजदूरों ...
07/02/2026

अल्लाह के घर का काम रुका हुआ है और हमें आपकी सख्त ज़रूरत है। 🏗️
आपकी 'पसंद' (Like) हमारे लिए मायने रखती है, लेकिन मजदूरों की उजरत और सामान के लिए 'दान' (Donation) की ज़रूरत है।
शर्माएं नहीं! चाहे ₹100 हों या ₹500, जो भी आपकी हैसियत हो, अल्लाह के खज़ाने में जमा कर दें। 🤲
अभी अपना हिस्सा डालें: 👇
🔗 https://www.IslamicRelief.center/masjid.html? -box

अल्लाह के घर का काम रुका हुआ है और हमें आपकी सख्त ज़रूरत है। 🏗️आपकी 'पसंद' (Like) हमारे लिए मायने रखती है, लेकिन मजदूरों ...
07/02/2026

अल्लाह के घर का काम रुका हुआ है और हमें आपकी सख्त ज़रूरत है। 🏗️
आपकी 'पसंद' (Like) हमारे लिए मायने रखती है, लेकिन मजदूरों की उजरत और सामान के लिए 'दान' (Donation) की ज़रूरत है।
शर्माएं नहीं! चाहे ₹100 हों या ₹500, जो भी आपकी हैसियत हो, अल्लाह के खज़ाने में जमा कर दें। 🤲
अभी अपना हिस्सा डालें: 👇
🔗

Islamic Relief Ameen Foundation - मस्जिद के लिए सदक़ा करें

🏠 एक ईंट दुनिया में, एक महल जन्नत में... क्या आप तैयार हैं? 🏠भाइयों और बहनों / अज़ीज़ दोस्तों,गौर से देखिये इन तस्वीरों/वी...
31/01/2026

🏠 एक ईंट दुनिया में, एक महल जन्नत में... क्या आप तैयार हैं? 🏠

भाइयों और बहनों / अज़ीज़ दोस्तों,
गौर से देखिये इन तस्वीरों/वीडियो को। यह सिर्फ मिट्टी और ईंटों से खड़ी हो रही दीवारें नहीं हैं; यह हमारे दीन की बुनियाद है, यह हमारे बच्चों का मुस्तक़बिल (भविष्य) है।
हम एक ऐसे इलाके में मदरसा तामीर (निर्माण) कर रहे हैं जहाँ के मासूम बच्चों की आँखों में कुरआन पढ़ने की तड़प तो है, लेकिन सर पर एक पक्की छत नहीं। आप देख सकते हैं कि काम शुरू हो चुका है, बुनियादें भरी जा चुकी हैं, मजदूर पसीना बहा रहे हैं, लेकिन मंज़िल अभी दूर है।

हमें क्यों सोचना चाहिए?

हम अपने रहने के लिए आलीशान घर बनाते हैं, दुनियावी चीज़ों पर हज़ारों खर्च कर देते हैं। लेकिन जब बात अल्लाह के घर की आती है, इल्म-ए-दीन के मरकज़ की आती है, तो हमारे हाथ क्यों रुक जाते हैं?
यह मदरसा इन गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि एक उम्मीद की किरण है। यहाँ से पढ़कर निकलने वाला हर एक 'हाफ़िज़-ए-कुरआन' आपके लिए, मेरे लिए और पूरी उम्मत के लिए 'सदक़ा-ए-जरिया' बनेगा। जब हम इस दुनिया में नहीं होंगे, तब भी इन बच्चों की तिलावत का सवाब हमारी कब्रों तक पहुँचता रहेगा।

🏗️ अभी मदद की सख्त ज़रूरत है:
काम को जारी रखने के लिए हमें सीमेंट, ईंटें, रेत, सरिया और मजदूरों की उजरत (मज़दूरी) के लिए फ़ंड की ज़रूरत है। अगर आज हमने हाथ पीछे खींच लिए, तो यह दीवारें अधूरी रह जाएंगी।

🤲 आपसे गुज़ारिश:
यह मत सोचिये कि "मेरे थोड़े से देने से क्या होगा"। बूँद-बूँद से ही दरिया बनता है।
आप एक ईंट का खर्चा उठा सकते हैं।
आप एक बोरी सीमेंट स्पोंसर कर सकते हैं।
या अपनी हैसियत के मुताबिक जो भी बन पड़े, अपना हिस्सा ज़रूर डालें।

अल्लाह के नबी (ﷺ) ने फरमाया है: "जिसने अल्लाह के लिए मस्जिद (या दीन का कोई घर) बनाई, अल्लाह उसके लिए जन्नत में घर बनाएगा।"
आइये, 'आमीन फाउंडेशन — इस्लामिक रिलीफ सेंटर' के साथ मिलकर इस नेकी के काम को पूरा करें। अपनी आख़िरत संवारने का यह सुनहरा मौका हाथ से जाने न दें।
👇 डोनेट करने के लिए यहाँ क्लिक करें / विवरण नीचे देखें 👇

https://www.islamicrelief.center/masjid.html

🏦 वेबसाइट को ओपन करके दान जरूर करें!

📱 UPI / Google Pay / PhonePe सभी तरीके से आप मदद कर सकते हैं!

(दान करने के बाद कृपया स्क्रीनशॉट ज़रूर भेजें ताकि हम रशीद अदा कर पाएं)

30/01/2026
दुनिया में अल्लाह का घर आबाद करें, आख़िरत में अपना घर बनाएँ।मस्जिद की तामीर में दिया गया आपका हर रुपया आपके लिए सदक़ा-ए-जा...
30/01/2026

दुनिया में अल्लाह का घर आबाद करें, आख़िरत में अपना घर बनाएँ।
मस्जिद की तामीर में दिया गया आपका हर रुपया आपके लिए सदक़ा-ए-जारिया बनेगा।
आइए, इस नेक काम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें और अल्लाह की रज़ा हासिल करें।
अल्लाह हू अकबर!

Address

B54, Hyderabad City Center
Hyderabad
500034

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