24/12/2025
"महाराजा सूरजमल जाट एक ऐसे सूरमा थे जिनने मुगलिया सल्तनत की ईंट तै ईंट बजा दी थी। लोग उन्हें 'जाटों का प्लेटो' और 'जाट उलीसेस' भी कह्या करें क्योंकि उनकी बुद्धि चाणक्य तै कम कोनी थी। उनका जनम 13 फरवरी 1707 में होया था और वे भरतपुर रियासत के असली नीव धरन आले राजा थे। सूरजमल जी नै अपणी वीरता और सूझबूझ तै जाट साम्राज्य नै दिल्ली, आगरा, मथुरा और हरियाणा के रोहतक, गुड़गांवा और रेवाड़ी तांई फैला दिया था। वे खाली लड़ाके कोनी थे, बल्कि किसानों के सच्चे हमदर्द और न्यायप्रिय राजा थे। उनका लोहा अंग्रेज और अफगान भी मान्न्या करते।"
महाराजा सूरजमल की मुख्य उपलब्धियाँ (Achievements)
महाराजा सूरजमल ने अपने जीवन में कई महान कार्य किए:
लोहागढ़ किले का निर्माण: उन्होंने भरतपुर में लोहागढ़ किला बनवाया, जिसे दुनिया का 'अजेय किला' माना जाता है। इस किले को अंग्रेज भी 13 बार हमला करने के बाद नहीं जीत पाए थे।
साम्राज्य का विस्तार: उन्होंने जाट रियासत को बहुत विशाल बनाया, जिसमें आज का आगरा, मेरठ, मथुरा, अलीगढ़, रोहतक, गुरुग्राम और दिल्ली का इलाका शामिल था।
आगरा विजय: 12 जून 1761 को उन्होंने मुगलों को हराकर आगरा के किले पर कब्जा किया था।
किसानों के मसीहा: वे किसानों का बहुत सम्मान करते थे और कृषि में सुधार के लिए कई नीतियां लागू की थीं।
धार्मिक सहिष्णुता: वे सभी धर्मों का सम्मान करते थे और उन्होंने मानवता को ही सबसे बड़ा धर्म माना।Historical & Legendary
Community & Cultural Pride
Inspirational & Leadership