16/06/2026
उत्तर प्रदेश के कासगंज में आशीष पांडे और उनके परिवार का मामला गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।
बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय विवादों के चलते कुलदीप पांडे एवं उनके भाइयों पर अनेक मुकदमे दर्ज किए गए। इसके बाद गैंगस्टर और NSA जैसी कठोर धाराओं में कार्रवाई की गई। लगभग 8 महीने जेल में रहने के बाद कुलदीप पांडे दो दिन पूर्व ही रिहा होकर बाहर आए थे।
परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि कल शाम उन्हें पुनः पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया और उनके विरुद्ध फिर से कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन यदि निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है तो यह लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है।
प्रशासन का दायित्व समाज को सुरक्षा और न्याय देना है, भय का वातावरण बनाना नहीं। किसी भी नागरिक की आवाज को दबाने या उसे अनावश्यक रूप से प्रताड़ित करने की धारणा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है।
मैं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करता हूं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो उसे न्याय दिलाया जाए।
न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ
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