15/03/2025
○आज एक साधारण से प्रयोग से आपको दिव्य दृष्टि की शक्ति को प्राप्त करने का तरीका बताने जा रहा हूँ।
○ये साधना रात्रि 10:30 बजे के बाद सुबह भोर तक की
जा सकती है और इसे करने में कोई भय भी नहीं है ये
पूरी तरह से सुरक्षित है
○घर के एकान्त कमरे में एक ऐसे स्थान का चुनाव करें
जहाँ साधना करते समय आपको कोई परेशानी न हो।
साथ ही उस समय आपको कोई बुलाये या कोई और
ध्वनि आपके कानों में ना जाये।
शुभ मुहूर्त में पूर्वाभिमुख होकर घर के एक एकान्त कोने में एक आम की पटरी जो बनने के बाद धोकर सुखा ली गयी हो।स्थापित करें और उस पर लाल रंग का सवा मीटर कपड़ा बिछाकर माता दुर्गा जी का एक चित्र स्थापित करें और कलश स्थापित कर दें मा के चित्र के सामने संकल्प लें और धूप दीप फल पुष्प इत्यादि अर्पित करें तदुपरान्त नैवेद्य में बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। एक जल का पात्र पास में रख लें।जाप के अंत में वो जल आपको पीना है।
○लाल चंदन, रुद्राक्ष,या लाल हक़ीक़ की 108 दानों की माला लें फिर गुरु के चरणों का ध्यान करें और गुरु मंत्र का जाप करें उसके उपरांत श्री गणेश जी और श्री गौरी का सामान्य पूजा करें और 5 माला ॐ गं गणपते नमः का जाप करें।
फिर आपको एक ही बैठक में "ॐ ह्रोम नमः शिवाय"
51 माला नित्यप्रति जाप करना है।
और निम्न मंत्र का 5 माला जाप करना है
*"कोट कोट पे खेले डाल डाल पर झूले ताल ताल को सुखाये भूत भविष्य को बताए तीर पे तीर चलाये चलाये के पूर्व जन्म को ना बताये तो दृष्टि पिसाच ना कहाये बंद खुली आँखन से बताये सही गाँव संवत जात धर्म गैल को नेत्रन से न बताये तो अपनी माँ की सैय्या तोड़े वा के चीर पे चोट करे आन कालिका की बंदगी महाकाल शंकर की मेरी भगती गुरु की शक्ति मन्त्र साँचा फूरो मन्त्र ईश्वरी वाचा"।।*
○ये दृष्टि पिसाच का मंत्र है एक बार अगर इससे आपकी नजर या दिव्य दृष्टि खुल जाती है दोबारा बन्द नही होगी इस मन्त्र की कर्णपिशाचिनी के मंत्र की शक्ति के बराबर है लेकि कर्ण पिशाचिनी की साधना में आने वाले खतरे जैसे खतरे इसमे नही आते।
कुछ ही दिनों में आपके सपनो में और आंख बंद करने
के बाद आपको बहुत सारे सर्पों और साधुओं के दर्शन
होंगे साथ ही बहुत सारी विचित्र अनुभूतिया होगी जो
कि बहुत विस्मय करी होंगी जाप के समय आपकी
दोनों भौहो के बीच स्पंदन या खिचाव महसूस होगा।
आपके ध्यान में जाते ही आपके सामने चलचित्र की
तरह आकृतियां आने लगेगी आप इतने सक्षम हो
जाएंगे कि कोई भी आदमी या ईत्तरयोनि का जीव भी
आपसे कुछ छिपा नहीं पायेगा
आप जिस भी वस्तु या प्राणी का ध्यान करेंगे वो आंखे
बंद करके ध्यान में जाते ही वास्तविक रूप से आपके
सामने आ जायेगा।
सोमवार को शिव उपासना करें और व्रत धारण करें
आप महीने कि दोनों त्रयोदसी का व्रत हर हाल मे करें।भले दुनिया पलट जाये लेकिन व्रत का नियम ना टूटे अन्यथा इससे नुकसान होता है.
सभी साधना विषयक नियमों का सख्ती से पालन करें। यानी ब्रह्मचारी रहे मांस मदिरा से बचे. सत्य बोले क्रोध ना करें.
💯बिना गुरु के न करे गुरु का होना अनिवार्य है
○शुद्धता का विशेष ध्यान देवे, संबव हो तो घर से बाहर करे साधना
🌹जय श्री महाकाल🌹