18/10/2026
पहली फोटो दलजीत सिहाग की है जो झूठे आरोप में दस साल जेल में रहने के बाद अपने बच्चों के साथ लगभग दस सालों के बाद घर पर आराम कर पा रहे हैं | | दूसरी फोटो विष्णु तिवारी की जिन्होंने झूठे आरोपों के चलते अपना सब कुछ खो दिया |
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जब जाट समाज के युवा आंदोलन कर रहे थे तब विपक्षी पार्टी के नेताओं ने आंदोलन को हिंसक बनाने के लिए अपने गुर्गे छोड़ कर उपद्रव करवा दिया |
दुनिया जानती है कि उपद्रव तब की विपक्ष में बैठी पार्टी के गुंडों ने करवाया था लेकिन भुगतना जाट समाज के सैकड़ों लोगों को पड़ा |
दुनिया यह भी जा तो है कि जाट समाज ऐसा समाज तो बिल्कुल नहीं जो गरीबों के घर लूट ले या किसी महिला के साथ झुंड में आकर बर्बरता कर दे |
लेकिन आंदोलन के दौरान यह सब कुछ हुआ था जिसको करने वाले जाट समाज के युवा बुजुर्ग या छात्र बिल्कुल नहीं थे - थे तो विपक्षी पार्टी के गुंडे |
विपक्षी पार्टी के गुंडों द्वारा करवाए गए उपद्रव का झूटा आरोप दलजीत सिहाग भाई पर लगा और लगभग दस साल भाई ने जेल में बिताए | और जिला कोर्ट से भाई को आजीवन कारावास भी हुआ |
लेकिन अब पिछले हफ्ते हाई कोर्ट ने दलजीत भाई को बा इज्जत रिहा और सबसे झूठे मामलों से भरी कर दिया | रिहा होने के बाद लगभग दस सालों तक झूठे आरोपों के साथ जेल काट रहे भाई ने अब अपने परिवार के साथ बैठ कर राहत की साँस ली है |
यह तो ठीक वैसा ही हुआ जैसा फर्जी एससी एसटी एक्ट के मामले में विष्णु तिवारी नाम के ब्राह्मण ने लगभग बीस साल जेल में काटे और फिर बा इज्जत रिहा हुआ |
इधर दलजीत भाई ने अपनी जवानी के दस साल झूठे आरोपों के चलते जेल में गँवा दिए उधर विष्णु तिवारी ने बीस सालों की कैद के दौरान अपना परिवार खो दिया |