National Human Rights & Social Justice Commission

National Human Rights & Social Justice Commission Dr. Mahtab Ray had a will to help needy people since his younger days. He aims to help the society f

20/11/2025
आज आधुनिक भारत के निर्माता, भारतीय संविधान के रचयिता, सदियों से शोषित एवं सामाजिक भेदभाव से उपेक्षित बहुजन समाज और महिला...
06/12/2023

आज आधुनिक भारत के निर्माता, भारतीय संविधान के रचयिता, सदियों से शोषित एवं सामाजिक भेदभाव से उपेक्षित बहुजन समाज और महिलाओं की मुक्ति के महानायक , समानता, स्वतंत्रता, भाईचारा और न्याय पर आधारित लोकतांत्रिक समाज के दार्शनिक,उद्भट विद्वान, वैज्ञानिक विचारों के अपराजेय योद्धा एवं तथागत बुद्ध के प्रज्ञा,शील और करुणा के अनुयाई बौद्धिसत्व , भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर का 66 वां परिनिर्वाण दिवस है। इस पुनीत अवसर पर उनके प्रति भारत के कृतज्ञ नागरिकों एवं बहुजन समाज के लोगों की ओर से हार्दिक श्रद्धांजलि और शत-शत नमन!
डॉ आंबेडकर एक सम्बोधि दार्शनिक थे जिन्होंने सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक क्षेत्रों में अपने कठिन प्रयत्नों एवं अपनी बहुमुखी प्रतिभा से भारत के करोड़ों बहुसंख्यक उपेक्षित मानव के लिए समतावादी- लोकतांत्रिक मार्ग को प्रशस्त किया।प्रारम्भ से ही जीवन के आशावादी अस्तित्व पहचानते हुए और अनेक कटु अनुभवों एवं छुआछूत भरी अपमानों का सामना करते हुए उन्होंने अछूत जातियों की घोर अमानवीय यातनाओं के लिए निर्मित वर्ण व्यवस्था के किले को भेद कर न केवल भारतीय संविधान सहित विशाल साहित्य भंडार की रचना की,बल्कि सम्पूर्ण भारत के अंधकारमय सामाजिक -धार्मिक जीवन को अपने प्रगतिशील ज्ञान की रोशनी से आलोकित भी किया।
उन्होंने हमारे लिए सुखी जीवन और लक्ष्य के लिए मार्गदर्शन करते हुए कहा है कि" वही व्यक्ति महान है जो मानव सेवा करते हुए सामाजिक बुराइयों का अन्त करने में सक्षम होता है और निर्धन एवं अशिक्षित लोगों का निस्वार्थ सही मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा है कि समाज में प्रत्येक व्यक्ति का मूल्यांकन उसके गुण से हो,न कि जन्म के आधार पर होना चाहिए।जन्म पर आधारित सामाजिक व्यवस्था स्वतंत्रता और समानता के भाव का विरोधी होती है। यदि आप समाज के बारे में मुझसे पूछते हैं तो मेरा आदर्श समाज वह होगा जो स्वतंत्रता,समता, भाईचारा और सामाजिक न्याय पर आधारित हो।"
हमें कर्तव्यबोध कराते हुए उन्होंने कहा है कि "हमारा महान कर्त्तव्य है कि हम प्रजातंत्र को जीवन- सम्बन्धों के मुख्य सिद्धांत के रूप में स्वीकार करें ,हमें इसके प्रति सच्चा एवं निष्ठावान होना चाहिए। प्रजातंत्र केवल सरकार का रुप नहीं है,बल्कि यह मुख्यतः एक संगठित रूप से रहन - सहन का ढंग है। यह अनिवार्यतः अपने साथ रहने वाले मनुष्यों के प्रति मान- सम्मान करने का एक ढंग है। उन्होंने मूलनिवासी बहुजन समाज के बहुसंख्यक अनुसूचित जाति/जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के शोषितों एवं अन्याय से पीड़ित लोगों का आह्वान करते हुए कहा है कि शोषितों - पीड़ितों को अपनी दासता स्वयं मिटानी है जिसके लिए शिक्षा, संगठन और संघर्ष का त्रयी सिद्धांत मूल- मंत्र है। स्वतंत्रता और मानवाधिकार किसी को उपहार में नहीं मिलते। उनके लिए सतत् संघर्ष किया जाता है।"
बाबा साहेब डॉ आंबेडकर ने धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि "मानव जीवन में धर्म एक आवश्यकता है। सदाचार ही धर्म है जिसका अर्थ है जीवन के सभी क्षेत्रों में मानव- मानव के बीच शुभ और अच्छा सम्बन्ध। बुद्ध का धम्म ही सच्चा मानव धर्म है।वह प्रज्ञा,समता और सदाचार पर आधारित है जो समाज में सुख-शांति के लिए पर्याप्त है। आदमी के लिए संस्कृति अनिवार्य है।प्रत्येक व्यक्ति को संस्कृति का जीवन विकसित करने का समुचित अवसर मिलना चाहिए। संस्कृति का जीवन मन को शुद्ध और नैतिक बनाने में सन्निहित है।"
नैतिकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा है कि "नैतिकता का आधार पूजा- पाठ करना, तीर्थस्थल भ्रमण करना, कर्मकाण्ड करना,बलि देना,हवन- यज्ञ करना,आदि नहीं है,बल्कि आदमी से आदमी के प्रति मैत्री- भाव है जो सदाचार और समता द्वारा जागृत होता है। उन्होंने कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए भौतिक उपलब्धियों की तुलना में आत्म -सम्मान अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आदमी को आत्म- सम्मान के लिए हमेशा संघर्ष करना चाहिए।"
उन्होंने साहित्यकारों को आह्वान करते हुए कहा है कि" साहित्यकार अपनी लेखनी का प्रकाश अपने आंगन में ही न रोक लें,बल्कि उसका तेज प्रकाश गांव- गांव के गहन अन्धकार को दूर करने के लिए फैलने दें।"
इस प्रकार बाबा साहेब डॉ आंबेडकर ने आधुनिक भारतीय राष्ट्र निर्माण के लिए सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक एवं धार्मिक-सांस्कृतिक चतुर्दिक पहलुओं के विकास पर बल दिया है। उनके सपनों के आधुनिक भारत का निर्माण करने के लिए हमें तन -मन- धन से उनकी शिक्षाओं और संदेशों को समाज में प्रचारित प्रसारित करने की जरूरत है। मूलनिवासी बहुजन समाज की एकता के बिना अभी भी राष्ट्र निर्माण का कार्य अधूरा है और यह तभी संभव हो सकेगा जबकि हम सांगठनिक एकता एवं संगठित संघर्षों के जरिए भारतीय संविधान में उनके द्वारा वर्णित प्रस्तावना के लक्ष्यों को हासिल कर सकेंगे।
इस अवसर पर भारत के सभी नागरिकों, छात्र- युवाओं, बुद्धिजीवियों और समाज परिवर्तन में लगे हुए सामाजिक- सांस्कृतिक कर्मियों से अपील है कि वे न सिर्फ बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के प्रति हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करें, बल्कि उनके संदेशों और विचारों के आधार पर आधुनिक भारतीय समाज और संस्कृति को बदलने में अपना- अपना महत्वपूर्ण योगदान करें। बाबा साहेब डॉ आंबेडकर के प्रति पुनः शत -शत नमन और हार्दिक श्रद्धांजलि!i
जय भीम। जय भारत।
जनता कांग्रेस पार्टी भारत द्वारा श्रद्धांजलि एवं सादर नमन....

*कभी ‘मंज़िल’ रह जाती है दूर बस एक क़दम !**पर शिखर तक पहुँचना भी कहाँ होता है कम !!*.............                       ...
03/12/2023

*कभी ‘मंज़िल’ रह जाती है दूर बस एक क़दम !*
*पर शिखर तक पहुँचना भी कहाँ होता है कम !!*............. *हर लड़ाई जीतने के लिए नहीं लड़ी जाती,कुछ लड़ाइयाँ इसलिए लड़ी जाती हैं ताकि लोगों को पता चले कि कोई था जो मैदान में डटा रहा।*
✍️ *डॉ मlहताब राय*
*राष्ट्रीय अध्यक्ष*
*जनता कांग्रेस पार्टी*

Address

Delhi
Haryana
132037

Telephone

01141636077

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when National Human Rights & Social Justice Commission posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to National Human Rights & Social Justice Commission:

Share