Inspired by ancient Vedic wisdom, it brings “Vasudhaiva Kutumbakam” to life—"the whole world is one family." शांतिकुंज सामाजिक और आध्यात्मिक जागृति के लिए एक अकादमी है। यह एक आध्यात्मिक रूप से चार्ज किया गया तीर्थयात्रा केंद्र है जिसने करोड़ों लोगों के जीवन को धार्मिक दिशा और लंबे समय तक चलने वाला शांति-सुख दिया है।
यहां, लगभग 24 लाख (24,00,000) गायत्री मंत्र दैनिक आध्यात्मिक साधकों द्वारा जपा जा
ता है और लगभग 1000 लोग गायत्री यज्ञ में भाग लेते हैं।
गायत्री परिवार जीवन जीने कि कला के, संस्कृति के आदर्श सिद्धांतों के आधार पर परिवार,समाज,राष्ट्र युग निर्माण करने वाले व्यक्तियों का संघ है।
वसुधैवकुटुम्बकम् की मान्यता के आदर्श का अनुकरण करते हुये हमारी प्राचीन ऋषि परम्परा का विस्तार करने वाला समूह है गायत्री परिवार।
एक संत, सुधारक, लेखक, दार्शनिक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक और दूरदर्शी युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा स्थापित यह मिशन युग के परिवर्तन के लिए एक जन आंदोलन के रूप में उभरा है।
यह एक आदर्श केंद्र है जो दिव्य आध्यात्मिक सिद्धांतों के आधार पर जनता को प्रशिक्षण प्रदान करता है। वैज्ञानिक अध्यात्म पर प्रशिक्षण यहां निशुल्क प्रदान किया जाता है।
सभी संस्कार संस्कार दिव्य भारतीय संस्कृति के अनुसार और दिव्य प्रेरणाओं के अनुसार आयोजित किए जाते हैं! ये सभी निशुल्क आयोजित किए जाते हैं।
शांतिकुंज की स्थापना ऋषि परंपराओं के पुनरुद्धार के लिए हिमालय के ऋषि सत्ताओं के मार्गदर्शन में की गई है।
AWGP since its inception has targeted all its energy and focus on awakening the divinity within the individual and bringing heaven on earth. The guiding philosophy is "Gayatri"(Righteous Knowledge) and "Yajna"(Selfless Service for the society). Clubbing the teachings of the ancient seers with modern scientific teachings we put forth the concept of "Scientific Spirituality". The modus operandi is our 100 Planned Programmes, 7 Movements, Services in times of Disaster Management and helping the masses in villages by programs on Rural Management. After industrial, scientific and economic revolutions, we are now heading towards a spiritual revolution.