14/04/2026
भारतीय संस्कृति में गौ माता का स्थान अत्यंत पूजनीय और सम्माननीय रहा है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है— “गावो विश्वस्य मातरः” अर्थात गौ समस्त विश्व की माता है।
गौ माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है। प्राचीन समय से ही हमारे ऋषि-मुनियों ने गौ सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया है। गौ माता हमें दूध देती है, जिससे दही, घी, मक्खन जैसे अनेक पोषक पदार्थ बनते हैं। यही नहीं, गौमूत्र और गोबर भी औषधि एवं खेती के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
हमारे देश की अर्थव्यवस्था भी एक समय गौ आधारित थी। जैविक खेती में आज भी गोबर खाद और गौमूत्र का महत्व बढ़ता जा रहा है, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहती है और स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहता है।
धार्मिक दृष्टि से भी गौ माता का महत्व बहुत अधिक है। हिन्दू धर्म में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास गौ माता में माना जाता है। इसलिए गौ सेवा करना, वास्तव में ईश्वर की सेवा करने के समान माना गया है।
लेकिन आज के समय में गौ माता की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। सड़कों पर भटकती गौ माता, प्लास्टिक खाती हुई दिखाई देती है, जो हमारे समाज के लिए एक शर्म की बात है। हमें इस दिशा में सोचने और कार्य करने की आवश्यकता है।
हम सभी का कर्तव्य है कि गौ माता की रक्षा करें, उनकी सेवा करें और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाएं। अगर हर व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा प्रयास करे, तो हम गौ माता को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन दे सकते हैं।
अंत में, मैं यही कहना चाहूँगा— “जिस देश में गौ माता का सम्मान होता है,
वह देश सदैव उन्नति के मार्ग पर चलता है।”
🙏🙏जय गौ माता🙏🙏
#विक्रान्त #शर्मा