Support Yadav Regiment Movement Hanumangarh

Support Yadav Regiment Movement Hanumangarh Movement for an important cause
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16/06/2018
Yadav Boys Page

जयहिंद ।🇮🇳

एक #वीर_अहीर_योद्धा से जब #कारगिल_युद्ध की दिल दहला देने वाली स्टोरी सुनी तो अंतरात्मा से सिर्फ यही निकला - हे कृष्णवंशी #योगेन्द्र_सिंह_यादव जी आपको और आपकी वीरता को मेरा लाखों-लाख सलाम !

जब साल 1999 में युद्ध के आदेश पर जब हमने चढ़ाई शुरू की तो दुश्मन हजारों फीट ऊपर बंकरों में बैठा था। एक ऑफिसर, 1 जेसीओ और 19 जवानों के साथ हमने पहाड़ी पर चढ़ना शुरू किया तो दुश्मन ने हमला कर दिया। हमारे साथी शहीद हो रहे थे। हमें घातक प्लाटून में चुना गया था। जिसे तुरंत और तेजी से हमला करने के लिए जाना जाता है। हमारे कमांडिंग ऑफिसर ने तय किया कि हम बिल्कुल खड़ी चट्टान के सहारे चढ़कर चोटी तक पहुंचेंगे। दुश्मन को जरा भी अंदाजा नहीं था कि हम इस रास्ते से आ सकते हैं।

ऊपर पहुंचते ही दुश्मनों पर धावा बोला और उनके बंकरों को तबाह कर डाला। लेकिन तब हम केवल सात जवान बचे थे। कुछ ही दूर दुश्मन का दूसरा बड़ा बंकर दिख रहा था। उन्होंने फायरिंग की और ग्रेनेड फेंके, लेकिन हमने चुप रहने का फैसला लिया। हम फायर करते तो उन्हें हमारी लोकेशन का पता चल जाता। वह वहां ग्रेनेड फेंक देते। आधे घंटे बाद भी हमारी तरफ से कोई हरकत नहीं दिखी तो दुश्मन ने समझा कि या तो हम मारे गए या हमारी गोलियां खत्म हो चुकी हैं। लगभग 10 से 12 पाकिस्तानी सैनिक अल्ला हु अकबर का नारा लगाते हुए हमारी ओर आए। वे हमसे 100 मीटर दूर थे कि हमने उन पर अलग-अलग जगहों से एक बार में काउंटर अटैक किया। उनमें बाकी सब मारे गए, लेकिन एक सैनिक बचकर भाग निकला।

यह भागा हुआ पाकिस्तानी सैनिक बहुत घातक निकला।उसने अपने साथियों को हमारी लोकेशन और संख्या बता दी। उसके बाद जो होने वाला था, उससे हम वाकिफ नहीं थे। उन्होंने पूरे हथियारों के साथ आगे बढ़कर हमला बोला और एक मोर्टार का टुकड़ा मेरे नाक के ऊपर जा लगा। मेरा पूरा चेहरा सुन्न हो गया था। पानी की तरह खून बहने लगा। मेरा साथी मेरे पास आया और बताया कि हमारे बाकी साथी मारे जा चुके हैं। मैंने उसे फर्स्ट एड देने को कहा। जैसे ही उसने पट्टी निकाली और मेरे चेहरे की ओर हाथ बढ़ाया, एक गोली उसके सिर को चीरती हुई निकल गई। इससे पहले कि मैं संभल पाता, एक गोली ने मेरा कंधा फाड़ दिया। मैं जमीन पर बेसुध गिर पड़ा। मुझे लगा अब सब खत्म हो चुका है। मेरे सारे साथी मारे जा चुके थे। अब ये लोग मुझे मार देंगे।

पाकिस्तानी सैनिक हमारे पास आए और मेरे मरे हुए साथियों पर फायरिंग करने लगे। मुझे साफ दिख रहा था कि कैसे उनके शरीर गोली लगने से उछल रही थी। फिर एक पाकिस्तानी सैनिक मेरे पास आया और मुझ पर गोलियां चलानी शुरू की। उसने मेरे कंधे और पैरों पर गोलियां चलाईं। कुछ देर बाद फिर एक दुश्मन मेरे पास आया और मेरे पैर में गोली दागी। मैं बेसुध होने का ढोंग किए पड़ा रहा। उसने जब मेरे सीने पर बंदूक तानी तो मुझे लगा अब मैं गया। लेकिन होना कुछ और ही था। दरअसल, जब मैं ऊपर चढ़ रहा तो मेरी पीछे की जेब फट गई और मैंने अपना पर्स शर्ट की आगे की जेब में डाल दिया। इस पर्स में पांच-पांच के कुछ सिक्के थे जो इकट्ठे होकर एक दूसरे पर चढ़े हुए थे। जैसे ही दुश्मन ने मेरे दिल से बंदूक सटाकर गोली चलाई, गोली सिक्कों पर लगी। धक्का इतना तेज था कि मैंने सोचा अब मरा कि तब मरा।

कुछ मिनट बाद मेरी आंख खुली तो मैंने देखा पाकिस्तान के कुछ सैनिक वहीं खड़े थे। वे अपने साथियों को मैसेज दे रहे थे कि हमने पहाड़ी पर कब्जा कर लिया है। अगर वे सच में इस पहाड़ी पर दुबारा कब्जा कर लेते तो हमारे नीचे से आ रहे बाकी साथी भी मारे जाते। तभी मुझे अपने सामने ग्रेनेड दिखा। मैंने तुरंत उठाकर उनकी ओर फेंका। धमाके में उन तीनों के परखच्चे उड़ गए। मेरा एक हाथ बिल्कुल लटक रहा था। मुझे लगा, यह टूट कर गिरेगा। मैंने इसे झटका देकर तोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं निकला। मैनें उस लटकते हाथ को कमर के पीछे बेल्ट से बांध दिया और वहां लगी सारी बंदूकों को ऊपर की ओर लगाना शुरू किया।

जैसे ही बाकी पाकिस्तानी सैनिक आने लगे, मैंने "बार्डर" फिल्म की तरह एक एक कर सारी बंदूकों से फायर करना शुरू कर दिया। बारी बारी मैं हर पोजिशन पर जाता और एक हाथ से फायरिंग करता। दुश्मन को लगा कि भारत की एक और बटालियन ऊपर पहुंच चुकी है। इससे वे लोग कुछ ही देर बाद पीछे हट गए। मेरी हालत ऐसी थी कि मैं चलकर नीचे नहीं जा सकता था। मुझे वहां एक नाली सी जाती हुई दिखी। मैं घिसटते हुए वहां गया और नीचे फिसलता चला गया। एक टाइम तो ऐसा लगा कि मैं पाकिस्तान की ओर आ चुका हूं, लेकिन नीचे मुझे मेरे साथी दिखे और मैंने उन्हें आवाज लगाई। वे मेरे पास आए और मैंने उन्हें दुश्मन की असली पोजिशन बताई। मुझे नीचे बेस हॉस्पिटल के लिए भेजकर हमारी सेना ने तुरंत ऑपरेशन शुरू किया और टाइगर हिल को अपने कब्जे में ले लिया।
ईश्वर को कुछ और ही मंजुर था इसलिये आज हम आपके सामने अपनी शान और जान 'सेना की वर्दी' को पहने गर्व से खड़े हैं अन्यथा मरने के लिये तो सिर्फ एक ही गोली काफी होती है ।

यह शब्द है #योगेंद्र_सिंह_यादव के । 18 ग्रेनेडियर में एक सिपाही के तौर पर भर्ती परमवीर चक्र विजेता सूबेदार योगेंद्र सिंह यादव की शादी के महज 15 दिन बाद ही उन्हें कारगिल पहुंचने का आदेश मिला था । महज 19 साल की उम्र में परमवीर चक्र पाने वाले यादव सबसे युवा सैनिक है । उनकी वीरता को हम प्रणाम करते है .....

िन्द
#वंदेमातरम

16/06/2018

Yadav Boys Page

वतन के रखवाले जांबाज भारतीय फौजी राम निवास यादव शहीद
"जय यादव" "जय माधव"

जब जब वतन को लहू की जरुरत पड़ी
तब सबसे पहले यदुवंश ने हामी भरी है

सदा से राष्ट्र भक्त है यदुवंश एक बार फिर से मातृभूमी के मान-सम्मान के लिए #यदुवंशी_योद्धा_राम_निवास_यादव जम्मू कश्मीर के सांबा सेक्टर के बलिया पोस्ट पर अमर शहीद।

राष्ट्र पर बलिदान होना यदुवंशी परम्परा है , परिपाटी है ये परम्परा वीर क्षत्राणी अहीराणी की कोख़ से पैदा होती है, वीर अहीराणी के संस्कारों की बदौलत ही राष्ट्र-रक्षा हेतु समस्त यदुवंशी सर्वोच्च बलिदान के लिए सदा तत्पर रहते हैं i एक बार फिर से साबित हुआ कि मातृभूमि के मान-सम्मान के लिए यदुवंशी वीर माताएँ/वीरांगनायें/ बहनें/ पुत्रियाँ अपने पुत्रों/सुहाग/भाइयों के सर्वस्व बलिदान पर गर्व करती रहेंगी और राष्ट्र-रक्षा में "त्रीरंगा बाणा" पहने हुए यदुवंशी हुतात्माओं के माथे पर ख़ुशी से तिलक करती रहेंगी i नीम का थाना क्षेत्र के लाल योद्धा "राव रामनिवास जी यादव"की शहादत पर उनकी वीरांगना पत्नी वीर अहीराणी भगवती देवी जी ने कहा कि मुझे मेरे वीर पति की शहादत पर गर्व है इसलिए उनको आंसुओं से नहीं बल्कि सम्मान के साथ विदा करुँगी i मैंने पति देश को दे दिया है और पुत्र भी देश रक्षा के लिए फौज में भेज दिया है , अब एक पुत्री मेरे पास है उसको भी राष्ट्र को अर्पित करते हुए सेना में भेजूंगी वाह अहीराणी वाह बहुत खूब हे वीर नारी हे अहीराणी शत-शत नमन आप को, हे वीर माता नमन आप को, हे क्षत्राणी नमन आप को, हे वीर अहीराणी अब तो अहीर रेजिमेंट ले कर ही रहेंगे क्योंकि हे वीर माता आप के त्याग और आप के जाये हुए वीर अहीर पुत्रों की राष्ट्र-भक्ति और सर्वोच्च बलिदान के लिए सिर्फ और सिर्फ एक ही सच्ची श्रधांजलि हो सकती है अब तो अहीर रेजिमेंट ही है हमारा सम्मान।

।। राष्ट्र रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट हक्क है हमारा राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए ।।

आभार - विजय छैया अहीर
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फोटो में वीर अहीराणी श्रद्धेय भगवती देवी जी क्षत्राणी अपने पति शहीद वीर अहीर राम निवास यादव को अंतिम बार विदा करते हुए।

31/05/2018

जयहिंद 🇮🇳

वतन को लहू की ज़रुरत पड़ी
सब से पहले हमने हामी भरी
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30 मई ---आज शहादत दिवस है मध्यप्रदेश के निमाड़ के वीर यदुवंशी योद्धा व् परम बलिदानी अमर शहीद राजेंद्र सिंह जी यादव ,सेना मैडल का जो आज ही के दिन 30 मई 1999 में जूझे थे करगिल के रण-खेतों में माँ भारती की आन-बान-शान के लिए i एक बार फिर क्षत्रिय अहीर मातृभूमि की रक्षा के लिए "हरावल" में थे और कारगिल के 527 शहीदों में सबसे ज्यादा शहादत भी मेरी मर्द कौम ने ही दी i लेकिन आज भी कंधे पर नाम "अहीर" नहीं है ---शहादत को शत-शत नमन , जय हिन्द जय भारत i
सिंहनी के जाये शेर अहीर I
रणबांके हैं वीर अहीर II
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II शूरवीरों में अति शूरवीर अहीर II
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव "अजीत" (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

29/05/2018

जय माधव

+++ जय अहीरगढ़ " छत्तीसा " +++
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दिनांक 27 मई 2018 को अहीर रेजिमेंट जन-जागरण दल का कारवाँ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नामी अहीर क्षेत्र “छत्तीसा” व् परमवीर योद्धा सूबेदार योगेन्द्र सिंह जी की जन्मभूमि ठीकाणे “नौरंगाबाद (औरंगाबाद अहीर)” में पहुंचा i पंचायत का आयोजन मुकेश जी प्रधान के अग्रज सरपंच साहब ने किया था और मुख्य उद्देश्य अहीर रेजिमेंट हेतु अलख जगाना और राष्ट्र महानायक राजा राव तुला सिंह जी बहादुर की प्रतिमा की स्थापना के लिए चर्चा था i छत्तीसे की समस्त अहीर सरदारी ने शिरकत करते हुए कौमी मुद्दे पर अपनी सहमति व् भागेदारी की मोहर ठोक दी i फिल्मकार रवि जी , खलीफा भगवत स्वरुप जी , सन्यासी स्वामी हरीश मुनि जी, डाबर-18 के सरदार राव त्रिभुवन सिंह जी, राव अमर सिंह जी खैरा, यादव इतिहासकार अनिल सिंह जी दौलतपुर, प्रमोद जी व् राजकुमार जी कापसहेड़ा , अध्यक्ष भारतीय यादव महासभा श्री भगवान जी मुंडका , राव रामदत्त जी , कारगिल के योद्धा फौजी मुकेश जी , सुकुमार जी मदुरै से , समाजसेवी राव लाल सिंह जी खरखडी जटमल , पूर्वांचल से श्री छत्ती सिंह जी , राव रामफूल सिंह जी ठीकाणा बास पदम् का , युवा क्रांतिकारी चौधरी गार्गेय सिंह जी इस्माइलपुर चौबिशा , समाजसेवी चिरंजीलाल जी आदि साथियों व् छत्तीसे की समस्त अहीर सरदारी ने अहीर पंचायत में शिरकत करते हुए “अहीर रेजिमेंट” की अलख जगाई i साथ में “अहीर खांडा” यानि अहीर दल खड़ा करने और अहीर रेजिमेंट के लिए “नेग” प्रथा का आह्वान भी किया गया जिसको पंचायत में पूर्ण समर्थन मिला i
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II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह यादव (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

02/05/2018

बढ़ते रहो

राम राम जी,
मैं चिरंजीव राव अहीर समाज की 125 साल पुरानी माँग अहीर रेजिमेंट को लेकर 6 मई 2018 रविवार प्रातः 10 बजे से रात तक बीएमजी मॉल रेवाड़ी में एक दिवसीय हस्ताक्षर अभियान चला रहा हूँ। मैं सर्व समाज से भी आवाह्न करता हूँ कि इसको सिर्फ अहीर समाज की माँग के तौर पर ना लेकर सैनिको की खान और देश को सबसे ज्यादा सैनिक देने वाली क़ौम के सम्मान के रूप में ले। आज़ादी से पहले 1857 की क्रांति सबसे ज्यादा अहीर सैनिकों के खून से रंगी गई फिर प्रथम विश्व युद्ध, दूसरा विश्व युद्ध, 1948 बड़गांव, 1961 गोवा लिबरेशन,1962 रेज़ांगला,1965 हाजीपीर, 1967 नाथू ला,1971 जैसलमेर, 1984 आपरेशन मेघदूत,1987 श्रीलंका,1999 टाइगर हिल- कारगिल, 2001 संसद हमला, अक्षरधाम हमला व 26/11 मुंबई हमला ; इन सभी मोर्चो पर अहीरों के खून ने भारती माँ के चरणों मे अपना लहू अर्पित किया हैं इसलिए उन सैनिको के कंधों पर #अहीर लिखने का हक़ बनता हैं। मैं सभी से अपील करता हूँ कि जिनकी वजह से हम चैन की नींद सो पा रहे हैं उन सैनिको के हौसले और जोश के लिए इस ऐतिहासिक हवन रूपी कार्य में हिस्सा लेकर आहुति डालने का कार्य करे।
जय यादव
जय माधव

26/03/2018

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08/12/2017

Delhi Pradesh Yadav Mahasabha

62-71 के युद्ध मे दुश्मन सेना पाकिस्तान और चीन की लड़ाई में छक्के छुड़ा देने वाला 99 साल के जांबाज मेजर हरिदास यादव इस दुनिया से रुखसत हुए महोबा जिले के धुरठ गांव निवासी उनकी बीरता के गुणगान कर गौरवान्वित हो रहे है ऐसे वीर देशभक्त सेनानी को
शैल्यूट शत शत नमन जय हिंद

18/11/2017

Delhi Pradesh Yadav Mahasabha

Salute to our Brave Soldiers.
Nov 18, 1962: Battle of Rezang la. When 120 brave Indian Army Soldiers (Yadav-13 Kumaon) defeated 5,000 Chinese army troops. Unparalleled bravery

17/11/2017

Delhi Pradesh Yadav Mahasabha


We want ahir regiment

23/10/2017

Ahir Regiment & Ahirwal Rifles

+++ यदुवंशी जंगी-ठीकाणा “मोहलड़ा” +++
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दिनांक: 22 अक्टूबरः 2017 को अहीर रेजिमेंट जन-जागरण अभियान का कारवाँ “रेजांगला योद्धा अमर शहीद राव राकेश जी ” की जन्मभूमि वीर भूमि अहीरवाल के “महला ” गोत्र के बड़े यदुवंशी ठीकाणे “मोहलड़ा “ पहुँचा और अहीर रेजिमेंट के लिए अलख जगाई गयी i इस प्रसिद्द जंगी-ठी काणे को राव मोहन सिंह जी महला ने बसाया था और आज महला के साथ खोस्या व् आफरिया गोत्र भी यहाँ आबाद है i किसी दौर में जब ये सिर्फ 50 यदुवंशियों की बस्ती थी तब भी इस गाँव के 10 रण-बाँकुरे अहीर नेताजी सुभाष की अगुवायी वाली आज़ाद हिन्द फौज में देश की आजादी के लिए लड़े थे और राष्ट्र-भक्त कौम अहीर का नाम रौशन किया था i अपने बुजुर्गों के शौर्यवान पराक्रमी परम्परा को आज भी यहाँ नस्लें पीढ़ी-दर-पीढ़ी निभाती चली आ रही है i अपने क्षात्र-धर्म , राष्ट्र-धर्म को निभाते हुए इस गाँव के रण-बाँकुरे अमर शहीद राकेश राव जी वीरगति को प्राप्त हुए जिनका शहीदी-स्मारक गाँव और कौम के लिए प्रेरणा-पुंज बना हुआ है i इस गाँव के हर यदुवंशी परिवार में फौजी मौजूद है और देश की फौज के हर हिस्से में यानी कुमाँऊ रेजिमेंट, ग्रेनेडियर्स , तोपखाना, आर्म्ड कोर आदि में यदुवंश गौरव को बढ़ा रहे हैं i इस वीर ग्राम के पानी व् मिटटी की तासीर और पुरखों की असाधारण सैनिक-परम्परा की बदौलत आज की युवा नस्ल बेहद ही जंगजू और उच्च-कोटि की है i गाँव में बड़ा ज़बरदस्त एका है और कौम के लिए कुछ कर गुजरने का बेहद ज़ज़्बा है i गाँव में शहीद-स्मारक, खेल-नर्सरी है और सदा खेल-प्रतियोगिताएं चलती रहती हैं i गाँव के बुजुर्ग फौजी नौजवान पीढ़ी को खेल की कोचिंग देते हैं जिसके फलस्वरूप यहाँ के बच्चे ऊँची कद-काठी के हैं और बेरोज़गारी न के बराबर है i वीर-भूमि अहीरवाल का ये जंगी-ठीकाणा समस्त कौम व् अहीरवाल के लिए एक प्रेरणा-पुंज है i गाँव के सरपंच साहब व् ग्राम-वासियों ने रेजिमेंट के मुद्दे पर पूरे समर्थन का भरोषा दिया i उपस्थित अहीर-सरदारी ने “अहीर खाप” की परम्परा को फिर से खड़ा करने का बीड़ा उठाया व् अहीर रेजिमेंट निर्माण के लिए प्रण लिया i कौमी-पंचायत में गाँव के कप्तान राव शेर सिंह जी, राव बद्री जी राव राजवीर सिंह जी व् उनके अनुज अजीत राव जी , मास्टर कृष्ण जी, कप्तान राव महावीर सिंह जी, सरपंच बिरेन्द्र सिंह जी , विक्रम सिंह जी रामपुर व् आस-पास के कई गाँव के गढ़ी रुथल,रातां,सराय बहादुर आदि अहीर ठीकाणों के सरपंच साहेबान व् मौजिज अहीर सरदार , राव रामफूल जी “बास पदम का “,नौजवां जीतू अहीरवाल जी,JP राव जी डहीणा , मंजीत सिंह जी मिसरी, CP राव जी बलावा ,रवि राव जी नांगल आदि की जोशीली टीम व् अहीर कौम के सरदारों ने कौमी-पंचायत में में शिरकत करी i सभा में अहीर रेजिमेंट के लिए प्रण लिया गया , दहेज़ आदि कुरीतियों को खत्म करने व् अहीरवाल के पौशाक व् परम्पराओं को जिंदा रखने का फैसला लिया गया i अहीरवाल के हर गाँव में खेल स्टेडियम और संगठन बनाने पर जोर दिया गया i
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II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

21/10/2017
Ahirwal Regiment

Ahirwal Regiment

रण-बाँकुरे यदुवंशी जिन्होंने अपनी दिलावरी से विश्व-युद्धों में विभिन्न मोर्चों पर बहादुरी के मैडल जीते और कौम यदुवंश का नाम रोशन किया :
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1. कप्तान राव उमराव सिंह जी , विक्टोरिया क्रॉस , पूरी दुनिया के तोपखाना रेजिमेंट के इकलोते विक्टोरिया क्रॉस विजेता, ठीकाणा -पलड़ा , मोर्चा – द्वितीय विश्व-युद्ध , बर्मा का मोर्चा
2 . सूबेदार राव मातादीन सिंह जी , जॉर्ज क्रॉस , IOM , ठीकाणा -घिलोठ
3. सूबेदार राव निहाल सिंह जी , IDSM , ठीकाणा - कोसली
4. जमादार राव भैरों सिंह जी , IDSM , ठीकाणा - कनीना
5 . सूबेदार मेजर राव सूरत सिंह जी , मिलिट्री क्रॉस, ठीकाणा - मंदोला
6. सूबेदार मेजर राव छाजू राम सिंह जी , IOM , ठीकाणा - कनीना
7. सूबेदार राव बुधराम सिंह जी , IOM , ठीकाणा - कनीना
8 . सूबेदार मेजर राव भवानी सिंह जी , IDSM , IOM , ठीकाणा - कनीना , इन को दो बार बहादुरी के लिए mention-in-despatch भी मिला था
9. नायक राव जगमाल सिंह जी , IOM , ठीकाणा - डहीणा
10 . मेजर राव उमराव सिंह जी , IDSM , ठीकाणा -कोसली
11.हवालदार राव छैलू राम सिंह जी , IDSM , ठीकाणा - मोहिदिनपुर
12. सरदार बहादुर कप्तान राव शिव सहाय सिंह जी , OBI , ठीकाणा -कोसली
13 . हवालदार राव देवा राम सिंह जी , IDSM , ठीकाणा --मिसरी
14 . नायक राव रघुनाथ सिंह जी , मिलिट्री क्रॉस, ठीकाना -जैतपुर
15 . नायक राव धनीराम सिंह जी , मिलिट्री क्रॉस , ठीकाणा –दिनोद

शत-शत नमन इन महावीरों की मर्दानगी को ,कौम के जंगी इतिहास को इन ने अपने खून से लिखा है i
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II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

03/10/2017
Ahirwal Regiment

Ahirwal Regiment

+++ सहारणवास –- लादूवास -- बहोतवास अहीर – बंगड़वा +++
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दिनांक: 1 अक्टूबरः 2017 को अहीर रेजिमेंट जन-जागरण अभियान का कारवाँ वीर भूमि अहीरवाल के “सुल्तानिया” गोत्र के बड़े यदुवंशी ठीकाणे “सहारणवास “ पहुँचा और अमर शहीद राव विजयपाल सिंह जी को श्रधांजलि अर्पित करने के बाद अहीर रेजिमेंट के लिए अलख जगाई गयी i इस के पश्चात् कारवाँ “लादूवास, बहोतवास अहीर व् बंगड़वा “ में पहुँचा और अहीर रेजिमेंट के लिए जन-जागरण किया i इन सब ठीकाणों की अहीर-सरदारी ने “अहीर खाप” की परम्परा को फिर से खड़ा करने का बीड़ा उठाया व् अहीर रेजिमेंट निर्माण के लिए प्रण लिया i कौमी-पंचायत की अध्यक्षता सन्यासी स्वामी हरीश मुनि जी “खवास्पुर” ने करी व् कर्नल राव घीसाराम जी “जाहिदपुर ” , राव रामफूल जी “बास पदम का “,राव सतपाल सिंह जी “जुड्डी”, राव जीतू अहीरवाल, राव धीरज नुणीवाल, राव श्री चन्दजी “ख्वासपुर”, सूबेदार राव लक्ष्मी नारायण जी “जाहिदपुर”, आदि अहीर सरदारों ने कौमी-पंचायत में में शिरकत करी i सभा में अहीरवाल रेजिमेंट के लिए प्रण लिया गया , दहेज़,शराब, जुआ , मृत्युभोज आदि कुरीतियों को खत्म करने का फैसला लिया गया i अहीरवाल के हर गाँव में खेल स्टेडियम और संगठन बनाने पर जोर दिया गया i
शहर-ऐ-रेवाड़ी में भी इसी रोज़ अहीर रेजिमेंट के लिए एक बड़ी सभा अहीर रेजिमेंट हेतु यादव कल्याण परिषद् ,रेवाड़ी ने आयोजित करी जहाँ प्रसिद्द साहित्यकार राव सत्यवीर सिंह जी “नहाडिया” ने सैन्य-परम्परा को बनाये रखने के लिए सब को शपथ दिलवाई i इस सभा के मुख्य अतिथि हरियाणा के कैबिनट मंत्री राव नरबीर सिंह जी व् जनरल उग्रसेन जी यादव थे i
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II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीरवाल रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, अहिरवाल

03/10/2017
वीर भूमि अहीरवाल

वीर भूमि अहीरवाल

दिनांक: 1 अक्टूबरः 2017 को अहीर रेजिमेंट जन-जागरण अभियान का कारवाँ वीर भूमि अहीरवाल के “सुल्तानिया” गोत्र के बड़े यदुवंशी ठीकाणे “सहारणवास “ पहुँचा और अमर शहीद राव विजयपाल सिंह जी को श्रधांजलि अर्पित करने के बाद अहीर रेजिमेंट के लिए अलख जगाई गयी i इस के पश्चात् कारवाँ “लादूवास, बहोतवास अहीर व् बंगड़वा “ में पहुँचा और अहीर रेजिमेंट के लिए जन-जागरण किया i इन सब ठीकाणों की अहीर-सरदारी ने “अहीर खाप” की परम्परा को फिर से खड़ा करने का बीड़ा उठाया व् अहीर रेजिमेंट निर्माण के लिए प्रण लिया i कौमी-पंचायत की अध्यक्षता सन्यासी स्वामी हरीश मुनि जी “खवास्पुर” ने करी व् कर्नल राव घीसाराम जी “जाहिदपुर ” , राव रामफूल जी “बास पदम का “,राव सतपाल सिंह जी “जुड्डी”, राव जीतू अहीरवाल, राव धीरज नुणीवाल, राव श्री चन्दजी “ख्वासपुर”, सूबेदार राव लक्ष्मी नारायण जी “जाहिदपुर”, आदि अहीर सरदारों ने कौमी-पंचायत में में शिरकत करी i सभा में अहीर रेजिमेंट के लिए प्रण लिया गया , दहेज़,शराब, जुआ , मृत्युभोज आदि कुरीतियों को खत्म करने का फैसला लिया गया i अहीरवाल के हर गाँव में खेल स्टेडियम और संगठन बनाने पर जोर दिया गया i
शहर-ऐ-रेवाड़ी में भी इसी रोज़ अहीर रेजिमेंट के लिए एक बड़ी सभा अहीर रेजिमेंट हेतु यादव कल्याण परिषद् ,रेवाड़ी ने आयोजित करी जहाँ प्रसिद्द साहित्यकार राव सत्यवीर सिंह जी “नहाडिया” ने सैन्य-परम्परा को बनाये रखने के लिए सब को शपथ दिलवाई i इस सभा के मुख्य अतिथि हरियाणा के कैबिनट मंत्री राव नरबीर सिंह जी व् जनरल उग्रसेन जी यादव थे i
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II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,
अहीरवाल रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II .........................

23/09/2017
Ahirwal Regiment

वीर अहीर

वतन को लहू की ज़रुरत पड़ी
सब से पहले हमने हामी भरी .
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आज 1965 के भारत-पाक जंग का युद्ध-विराम हुआ था ,माँ भारती पर अपने शीश अर्पित करने वाले व लहू बहाने वाले तमाम सैनिकों को शत-शत नमन i 1965 में रण-खेतों में यदुवंशियों ने भी अपना राष्ट्र-धर्म व क्षत्रिय-धर्म निभाते हुए अपने लाल-लहू से रण-भूमि को सिंचित किया i 1965 के महानतम जंगी मोर्चे यानी "हाजी पीर" पर दादा किशन की जय का रण-घोष हुआ और बैरियों के दिल दहल गये थे क्योंकि " हाजी पीर पर, चढ़ गये थे वीर अहीर " -----52 वर्ष पहले, 28 अगस्त 1965 के दिन हाजी पीर के रण-खेतों में वीर अहीरों का जंगी नारा " दादा किशन की जय" गूँजा और दिन-दहाड़े हाजी पीर पर चढ़ गये थे छोरे अहीरों के i अजेय हाजी पीर पर वीर अहीर , अपने सरदार सूबेदार आफरिया राव अर्जुन सिंह जी "गढ़ी बोलनी "और सूबेदार राव श्रीचंद सिंह जी की ललकार पर पाकिस्तानी फौज के पठानों पर चढ़ गये थे और सुबह 10 बजे खून से लथपथ यदुवंशियों ने हाजी पीर की पर तिरंगा फ़हरा दिया था i रण-बँके अहीरों ने शहादत दी ,राव उमराव सिंह जी वीर चक्र जैसे मर्दों ने 1965 की जंग के सबसे अहम मोर्चे को अपने खून से रंग दिया i जब सिक्खों,डोगरों,जाटों से हाजी पीर का मोर्चा न टूटा, तो मेजर रंजीत सिंह दयाल ने अपने अहीरों को ललकारा , उस भीषण चढाई पर ,कीचड़ में सने भीगे हुए अहीर दिन-दहाड़े हाजी पीर पर पाकिस्तानी पठानों पर चढ़ गये , गुत्थम-गुत्था की आमने-सामने की लड़ाई में पठान भाग खड़े हुए i फिर वो अपने बाकी पलटनों को बुला लाये और हाजी-पीर को हिन्दुस्तान से वापिस लेने के लिए हमले-पर हमले करते रहे ,लेकिन अहीर डटे रहे i मुट्ठी भर अहीर उस मोर्चे पर खून से लथपथ घायल अवस्था में हर पाकिस्तानी हमले को तोड़ते रहे और दुश्मन को तबाह कर दिया i 1947 के बाद उड़ी-पुंछ मार्ग फिर से खुल गया था i इस विजय ने हिंदुस्तान की फतेह के रास्ते खोल दिए i आज हर जगह पर हाजी पीर फतेह का फोटो है , लेकिन देखिये दुर्भाग्य , मेरी मर्द कौम का कहीं जिक्र नहीं है i जब तक पृथक अहीर रेजिमेंट न होगी , तब तक अहीर-शौर्य को इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिलेगा i सूबेदार राव अर्जुन सिंह जी और उसके मर्द अहीरों को शत-शत नमन i
*****शूरवीरों में अति शूरवीर : वीर अहीर ******
II वीर भोग्या वसुंधरा II
II राष्ट्र-सेवा हमारा जन्मसिद्ध धर्म है -- अहीर रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II
(फोटो में हाजी पीर पर वीर अहीर तिरंगा लहराते हुए )..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

03/09/2017

Delhi Pradesh Yadav Mahasabha

छत्तीसगढ़ के इतिहास मे पहली बार राजधानी रायपुर मे 24 सितंबर 2017 को ऐतिहासिक यादव महासम्मेलन एव अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन वी.आईं.पी.रोड स्थित अग्रसेन धाम रायपुर मे आयोजन किया गया है। यादव महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ः-
1.यादव समाज छत्तीसगढ़ मे सामाजिक एकता स्थापित कर राजनैतिक लक्ष्य को प्राप्त को प्राप्त करना.
2.यादव समाज छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक विकास के लिये नया रायपुर मे 5 एकड़ जमीन सर्व सुविधा युक्त छात्रावास निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन से प्राप्त करना.
*आमंत्रण*
छत्तीसगढ़ के समस्त यादव भाई राष्ट्रीय अधिवेशन एवं सम्मेलन मे सादर आमंत्रित हैं।। * विनीत*
जगनीक यादव - संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष युवा यादव महासभा छत्तीसगढ़ एवं समस्त पदाधिकारी सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य यादव महासभा

01/09/2017

Delhi Pradesh Yadav Mahasabha

अखिल भारतीय यादव महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरुजी आदरणीय उदय प्रताप सिंह यादव जी एवम यूपी पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय बड़े भैया अखिलेश यादव जी एवम प्रमोद चौधरी जी राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा यादव महासभा के आदरणीय दिनेश यादव जी एवम राष्ट्रीय महासचिव आदरणीय मनोज यादव जी और हमारे मध्य प्रदेश के लाडले युवा दिलों की धड़कन बड़े भैया अखिल भारतीय युवा यादव महासभा मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय मनोज यादव जी ने भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को अहीर रेजिमेंट की मांग को लेकर किया
जय माधव जय यादव
अखिलेश भैया जिंदाबाद

31/08/2017

Delhi Pradesh Yadav Mahasabha

****गाँव अहीरों वाली ढाणी में अहीर रेजीमेंट के लिये पोस्टकार्ड अभियान ****
आज तारीख 30-08-2017 को गाँव अहीरों वाली ढाणी, तहसील अबोहर,जिला फाजिल्का, पंजाब में अहीर रेजीमेंट जनजागरण सभा का आयोजन किया गया । जिसमें अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा व युवा यादव महासभा के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड अभियान कार्यक्रम किया गया। कौम यदुवंश के सम्मानित सदस्यों को अहीर समाज के साथ हो रहे ऐतिहासिक अन्याय को खत्म करने के लिये सेना में अहीर रेजीमेंट की मांग के बारे में जानकारी दी व इस आन्दोलन से जुड़ने के लिये प्रेरित किया। कार्यक्रम में यादव सभा अबोहर से प्रधान रणवीर सिंह यादव, रामनिवास यादव, मिट्ठु सिंह यादव, राव सतपाल सिंह, श्रीलाल यादव व सुखवीर सिंह यादव (सरपंच अहीरों वाली ढाणी), श्री मती सावित्री देवी(सरपंच शेरगढ), सन्तराम यादव(पूर्व सरपंच शेरगढ), मास्टर रामकिशन यादव, त्रिलोक यादव, राजकुमार यादव, कृष्ण कुमार यादव, रणजीत सिंह यादव , नरेश यादव, राधेश्याम यादव, विजय यादव, राजीव यादव आदि बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी यदुवंशियों ने एक स्वर में अहीर रेजीमेंट के लिये संघर्ष करने का संकल्प लिया ।
"अहीर रेजीमेंट हक है हमारा"
Regards -
Rao Satpal Singh
Abohar Punjab

20/08/2017
Ahirwal Regiment

Ahirwal Regiment

अहीरवाल रेजिमेंट जन-जागरण अभियान का कारवाँ दिनांकः 20 अगस्त 2017 को वीर भूमि अहीरवाल के ऐतिहासिक ठीकाणे “जाहिदपुर” पहुंचा और अहीर रेजिमेंट के लिए अलख जगाई गयी i इस के बाद कारवाँ अहीरों के ठीकाणे “बहोतवास भोंदू ” में पहुंचा जहाँ यदुवंशियों में रेजिमेंट की अलख जगाई i इसके पश्चात ये कारवाँ रेजांगला के रण-बाँकुरे शहीद राव दीपचन्द जी की जन्मभूमि ठीकाणे “बेरली खुर्द ” में पहुंचा और पंचायत में रेजिमेंट के लिए अलख जगाई गयी i राव हरी सिंह जी आर्य उर्फ़ स्वामी हरीश मुनि जी , कर्नल घीसाराम जी ,राव रामफूल सिंह जी , राव सतपाल सिंह जी जुड्डी , राव बिजेन्द्र सिंह जी नूरगढ़ , राव राजपाल सिंह जी जुड्डी ,सूबेदार राव निरंजन सिंह जी सुरेहली, बॉक्सिंग खिलाडी व् कोच बहिन ममता राव व उनके पति राव खज़ान सिंह जी राव जी का नांगल, फौजी राव श्रीचन्द जी खवासपुर आदि गणमान्य यादवी-सरदारों ने ग्राम-वासियों को अहीर रेजिमेंट के मुद्दे से जोड़ा i सम्पूर्ण अहीरवाल क्षेत्र में अब इस मुद्दे की अलख ज़ोर-शोर से जगाई जा रही है i सभी ठीकाणों के मौज़िज़ यदुवंशी-सरदारों की अगुवाई में ये प्रण लिया गया कि अब हर यादव-परिवार के उत्सव में अहीर रेजिमेंट रुपी यज्ञ के लिए कुछ दान-राशी नेग के रूप में ली जायेगी और इस नयी रीति का हर गाँव में आगाज़ होगा i साथ ही ये प्रण लिया गया कि यदुवंश की पुरानी खापों को फिर से खड़ा किया जायेगा, अहीरवाल की संस्कृति और पहनावे का प्रचार किया जायेगा i
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II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीरवाल रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

17/08/2017
Ahirwal Regiment

जयहिन्द

अहीर रेजिमेंट जन-जागरण अभियान का कारवाँ दिनांकः 15 अगस्त 2017 को वीर भूमि अहीरवाल के ऐतिहासिक ठीकाणे “पलड़ा” पहुंचा और दुनिया के तोपखाने के एकलौते “विक्टोरिया क्रॉस” विजेता कप्तान राव उमराव सिंह जी , रेजांगला के रण-बाँकुरे शहीद राव रतन सिंह जी, आजाद हिन्द फौज के वीर सेनानी राव नेकीराम सिंह जी को की प्रतिमाओं को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ अहीर रेजिमेंट के लिए अलख जगाई गयी i इस के बाद कारवाँ अहीरों के ठीकाणे “खेडी-खातीवास” में पहुंचा जहाँ यदुवंशियों के कई ठीकाणों की सरदारी में रेजिमेंट की अलख जगाई गी i इसके पश्चात ये कारवाँ यदुवंश के ठीकाणे “पाटोदा ” में पहुंचा और अमर शहीद राव जीतेन्द्र सिंह जी के शहीदी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पंचायत में रेजिमेंट के लिए अलख जगाई गयी i राव हरी सिंह जी आर्य उर्फ़ स्वामी हरीश मुनि जी , राव रामफूल सिंह जी , आफरिया राव गढ़ी बोलनी वाले , फौजी राव श्रीचन्द जी खवासपुर आदि गणमान्य यादवी-सरदारों ने ग्राम-वासियों को अहीर रेजिमेंट के मुद्दे से जोड़ा i सम्पूर्ण अहीरवाल क्षेत्र में अब इस मुद्दे की अलख ज़ोर-शोर से जगाई जा रही है i सभी ठीकाणों के मौज़िज़ यदुवंशी-सरदारों की अगुवाई में ये प्रण लिया गया कि अब हर यादव-परिवार के उत्सव में अहीर रेजिमेंट रुपी यज्ञ के लिए कुछ दान-राशी नेग के रूप में ली जायेगी और इस नयी रीति का हर गाँव में आगाज़ होगा i साथ ही ये प्रण लिया गया कि यदुवंश की पुरानी खापों को फिर से खड़ा किया जायेगा, अहीरवाल की संस्कृति और पहनावे का प्रचार किया जायेगा i
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*****शूरवीरों में अति शूरवीर : वीर अहीर ******
II वीर भोग्या वसुन्धरा II
II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीरवाल रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
डॉक्टर ईश्वर सिंह (09215730160)
यादव अस्पताल , रेवाड़ी, हरियाणा

16/08/2017

Great... JaiHind

++++आज़ाद भारत में India gate पर सबसे पहले तिरंगा फ़हराने वाले (वाइसराय लार्ड माउंटबेटन के ADC) ब्रिगेडियर हुकुम सिंह यादव++++
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के एक यदुवंशी अहीर ज़मींदार परिवार में जन्में हुकुम सिंह यादव उर्फ़ चौधरी हुकुम सिंह यादव भारत के अंतिम अँगरेज़ वाइसराय लार्ड माउंटबेटन के ADC थे और सबसे पहले तिरंगा भी उन ने ही फ़हराया था आज़ाद भारत में i
1935 में हुकुम सिंह यादव पड़ाई पूरी करने के लिए मसूरी के जाने माने स्कूल Woodstock School आ गए।
इसके बाद हुकुम सिंह यादव Indian Artillery के Royal Regiment mein posted हुए।
अपने मेहनत, ईमानदारी के कारण चौधरी हुकुम सिंह यादव मात्र 20 वर्ष की आयु में Captain की रैंक हासिल करली।
और 1942 में पहले भारतीय बने जिन्हें as an instructor appoint किया गया था Gunnery में।
आखिरकार वो दिन आगया। 15 अगस्त का वो दिन था और भारत गुलामी की ज़ंजीरें तोड़ जश्न-ए-आज़ादी मना रहा था।
India gate पर लाखों की तादाद में पहूँचे आज़ादी का उत्सव मनाने को।
इसी बीच वाइसराय लार्ड माउंटबेटन को झंडा फहराना था। पर वाइसराय लार्ड माउंटबेटन ने इसका सम्मान ब्रिगेडियर हुकुम सिंह यादव को दिया।
भारतीय सेना में ब्रिगेडियर हुकुम सिंह यादव सबसे सम्मानित अफ़सरों में से एक है तथा इन्हें इनके अतुलनीय योगदान, बहादुरी के लिए जाना जाता है।
सन् 1947 में ब्रिगेडियर चौधरी हुकुम सिंह यादव ने British Lady Ann Connorton से धूमधाम से विवाह किया।
चौधरी साहब और Lady Ann Connorton की प्रेमकथा बड़ी ही रोचक थी।
एसा कहा जाता है कि Lady Ann Connorton वाइसराय लार्ड माउंटबेटन के ही स्टाफ़ में अफ़सर थीं।
Lady Ann Connorton, चौधरी हुकुम सिंह यादव के तीखे नयन-नक्श, गोरा रंग, बुलंद आवाज़ और सरल स्वभाव से बहुत प्रभावित थी और 1947 में धूमधाम और हिन्दू रिती रिवा़जों के साथ चौधरी साहब और Lady Ann Connorton का विवाह हो गया। चौधरी साहब की एक पुत्री Lady Maya Singh Yadav Woodstock School में शिक्षिका हैं।
ब्रिगेडियर हुकुम सिंह ने अपनी पूरी उम्र भारतीय सेना में निष्ठा और ईमानदारी से गुज़ार दी।
सन् 1968 में हुकुम सिंह यादव ने रिटायरमेंट ले लिया लेकिन रिटायरमेंट के बाद भी वे समाजसेवा से जुड़े रहे।
हुकुम सिंह यादव एक अच्छे writer भी रहे हैं और कई प्रसिद्ध Novels इनहोंने लिखे जैसे 'Against the Rising Sun' , 'British lions and Indian Tigers' etc.
चौधरी साहब ने वन रैंक वन पैंशन, विदवा पैंशन सहित आदि कई कल्याणकारी schemes के लिए आवाज़ बुलंद की थी और इससे कई लाख Millitary के और Civil Pensioners को फायदा पहूँचा था।
वर्ष 2005 में ब्रिगेडियर हुकुम सिंह यादव का स्वर्गवास हो गया।
भारतवर्ष के इन शूरवीर योद्धा को एक सलाम।
***वीर अहीर अजीत है अभीत है***
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14/08/2017
Ahirwal Regiment

Ahirwal Regiment

+++ अहीर रेजिमेंट कौमी- अश्वमेध यज्ञ है +++
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अहीर रेजिमेंट जन-जागरण अभियान का कारवाँ आज ऐतिहासिक शहर “झज्जर” पहुंचा और भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक यदुकुल भूषण अहीरवाल नरेश राव राजा तुला सिंह जी बहादुर की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ अहीर रेजिमेंट के लिए अलख जगाई गयी i इस के बाद कारवाँ अहीरों के “झाडोदिया” गोत्र के सैन्य-परम्परा के प्रसिद्द ठीकाणे “खेड़ी खुम्मार “ में पहुंचा i इसके पश्चात ये कारवाँ यदुवंश के ऐतिहासिक ठीकाणे “जहाजगढ़” में पहुंचा और अमर शहीद राव किशन चंद जी “शौर्य चक्र” के शहीदी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पंचायत में रेजिमेंट के लिए अलख जगाई गयी i राव हरी सिंह जी आर्य उर्फ़ स्वामी हरीश मुनि जी , राव रामफूल सिंह जी , राव सतपाल सिंह जी जुड्डी , सूबेदार राव राजपाल सिंह जी जुड्डी, मास्टर राव बिजेंद्र सिंह जी नूरगढ़, फौजी राव श्रीचन्द जी खवासपुर आदि गणमान्य यादवी-सरदारों ने ग्राम-वासियों को अहीर रेजिमेंट के मुद्दे से जोड़ा i सम्पूर्ण अहीरवाल क्षेत्र में अब इस मुद्दे की अलख ज़ोर-शोर से जगाई जा रही है i सभी ठीकाणों के मौज़िज़ यदुवंशी-सरदारों की अगुवाई में ये प्रण लिया गया कि अब हर यादव-परिवार के उत्सव में अहीर रेजिमेंट रुपी यज्ञ के लिए कुछ दान-राशी नेग के रूप में ली जायेगी और इस नयी रीति का हर गाँव में आगाज़ होगा i
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II राष्ट्र-रक्षा परम धर्म है,अहीरवाल रेजिमेंट राष्ट्र-रक्षा हेतु बलिदान के लिए II ..........................
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