19/07/2023
आज एक नंदी के पैर में काफी जख्म था पीछे पैर में सूजन भी थी जिसके कारण वह चल नहीं पा रहा था सुबह से प्रयास करने के बाद नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा काफी मेहनत करने के बाद इस नदी को गौशाला भिजवाया गया। जब नंदी महाराज जाने को तैयार नहीं थे तो पूरी तरह फैल गए बड़ी मुश्किल के बाद जब उन्हें गाड़ी में डाला गया तब समझ में आया कितनी बड़ी नौटंकी कर रहे थे। सच में ईश्वर ने इन्हें बुद्धि भी दी है। नगर निगम के सभी कर्मचारियों की मेहनत को देखकर लगता है की पब्लिक उन पर जबरदस्ती चलाती है क्योंकि एक केस में ही उन्हें तीन-चार घंटे लग जाते हैं। और ऐसे कैसे रोज के पूरे ग्वालियर संभाग में 8 से 10 कंप्लेंट रहती हैं जिन्हें उन्हें पूरा करना रहता है हम सबको कोशिश करनी चाहिए की इन बेजुबानों गौमाता और नंदी का हम ध्यान रख सकें। क्योंकि यह चोट लगने पर बहुत तकलीफ में होते हैं। इनको गौशाला पहुंचाना भी बहुत मुश्किल होता है🙏🏻