Aadhar Foundation

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Aadhar Foundation was established in the year 2014 by a youthful social entrepreuner who further united gathering to contribute towards improvement of the general public with an attention on kid instruction, all encompassing kid advancement and ladies....

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18/05/2025

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01/06/2024
27/04/2024

जब नजरें झुकाने वाले नजरें मिलाने लग जाएं
तो समझ लीजिए चक्रव्यूह रचा जा चुका है

हमला कभी भी हो सकता है

09/03/2024
बच्चो, कोई आपको छुए और आपको अच्छा न लगे तो तुरंत शिकायत करो-गुड टच-बैड टच को लेकर विशेषज्ञों ने की बच्चों से बात -आधार फ...
07/03/2024

बच्चो, कोई आपको छुए और आपको अच्छा न लगे तो तुरंत शिकायत करो
-गुड टच-बैड टच को लेकर विशेषज्ञों ने की बच्चों से बात
-आधार फाउंडेशन ने किया था महिला सुरक्षा को लेकर आयोजन
ग्वालियर। देखो, बच्चो अगर आपके आस पास कोई अंकल घूम रहे हैं, या आपके साथ बैठे हैं, आपके घर में सोफे पर बैठे हैं, रास्ते में मिलते हैं या फिर स्कूल में मिलें, अगर वे आपको खराब नीयत से छुएं तो आप अपने मम्मी-पापा, मैडम, अपनी दोस्त या फिर अपनी बुआ-दीदी या फिर पुलिस अंकल या आंटी से सीधे शिकायत करें। आप सभी अभी छोटे हो, लेकिन यह समझना जरूरी है कि कौन किस तरह से हमें छू रहा है। अगर कोई आपको अचानक बिना किसी बात के जोर से जकडऩे की कोशिश करे तो तुरंत मना करो, अगर कोई आपके गाल खींचे या हाथ फेरने की कोशिश करे तो भी विरोध करो। आपके मम्मी-पापा, टीचर, अंकल-आंटी, बुआ-फूफा, मामा-मामी, मौसी-मौसा सभी आपसे प्यार करते हैं। सभी बुरे नहीं होते, लेकिन कुछ लोग बुरे भी होते हैं, जो बुरे होते हैं, उनके छूने का तरीका भी बुरा होता है, हमें उनके छूने से बुरा लगता है। बस, फिर जब भी किसी के छूने से तुम्हें बुरा लगे तो उसे डांट दो और अपने बड़ों से उसके बारे में जरूर बताओ। यह समझाइश महिला बाल विकास की सीडीपीओ रेखा तिवारी और विश्वविद्यालय थाने की ऊर्जा डेस्क प्रभारी शिखा दंडोतिया ने बच्चों को दी।
दरअसल, विश्व महिला सशक्तिकरण दिवस के उपलक्ष्य में आधार फाउंडेशन द्वारा महिला सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। 2 मार्च से 9 मार्च तक जारी रहने वाले इस विशेष सप्ताह के अंतर्गत गुरुवार को ओहदपुर स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में गुड टच-बैड टच को लेकर बच्चों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं आधार फाउंडेशन की सचिव सोनम शर्मा ने बताया कि विशेष सप्ताह के दौरान लगातार आयोजन किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में छोटे बच्चों के साथ होने वाली घटनाओं से सचेत करने के लिए छूने के तरीकों को लेकर विषय विशेषज्ञों ने मनोरंजक तरीके से बच्चों को समझाइश दी। आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में महिला बाल विकास की सीडीपीओ रेखा तिवारी और विशिष्ट अतिथि के रूप में शिखा दंडोतिया और विद्यालय की प्राचार्य शारदा भगत मौजूद थीं। कार्यक्रम का संचालन रुबीना खान ने किया। जबकि आभार प्रदर्शन शीरीन खान ने प्रकट किया। इससे पहले फाउंडेशन की सचिव ने सभी अतिथियों को मोमेंटो देकर स्वागत किया। बच्चों ने अतिथियों का स्वागत गुलाब देकर किया।
इस दौरान संस्था अध्यक्ष दिलीप शर्मा ने आधार फाउंडेशन को लेकर सभी को जानकारी दी। उन्होंने सभी को बताया कि आधार फाउंडेशन की स्थापना 2014 में की गई थी तब से लेकर अब तक ग्वालियर शहर में हमने समाज सेवा के कई कार्य किए हैं और सभी के सहयोग से भविष्य में भी करते रहेंगे। प्रदूषण के कुप्रभाव से ग्वालियर के बिगड़ते प्रदूषण की चिंता हो या भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने की बात, महिला सुरक्षा हो या बच्चों का सर्वांगीण विकास की बात हो आधार फाउंडेशन लगातार काम कर रहा है। दिलीप शर्मा ने कहा कि समाज सेवा के पथ पर हमारी यह यात्रा अनवरत जारी रहेगी।

 जीवन में विज्ञान का उतना ही महत्व है, जितना शरीर संचालन के लिए भाोजन जरूरी -राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आधार फाउंडेशन ने ...
28/02/2024



जीवन में विज्ञान का उतना ही महत्व है, जितना शरीर संचालन के लिए भाोजन जरूरी
-राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आधार फाउंडेशन ने आयोजित की कार्यशाला

ग्वालियर। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आधार फाउंडेशन के तत्वावधान में विज्ञान का हमारे जीवन में महत्व विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रो. सपन पटेल मौजूद थे। जबकि फिजिक्स विषय के शिक्षक एमएस राजपूत और गणित के शिक्षक एडवोकेट एमपी सिंह और आधार फाउंडेशन के अध्यक्ष दिलीप शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे।
अलकापुरी स्थित आधार फाउंडेशन के सभागार में बुधवार को कार्यशाला हुई। कार्यशाला की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। संस्था के कोषाध्यक्ष धर्मेन्द्र शर्मा ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन स्नेहलता गुप्ता ने और आभार प्रदर्शन प्रशांत सोनी ने किया। इस दौरान अनेक छात्र-छात्राएं, शोधार्थी एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा मौजूद थे।
मुख्य अतिथि प्रो. पटेल ने विषय पर मागदर्शन करते हुए कहा कि तरंग जब एक से दूसरे वातावरण में जाती है तो उसकी आवृति में परिवर्तन आता है। नोबल पुरस्कार विजेता सीवी रमन की इस खोज को रमन्स इफैक्ट के रूप में सब जानते हैं। जीवन में विज्ञान का उतना ही महत्व है जितना शरीर का संचालन करने के लिए भोजन जरूरी है। प्रो. पटेल ने कहा कि मैं बॉयो साइंस का विद्यार्थी रहा हूं।वर्तमान में मनोविज्ञान विषय पर भी काम कर रहा हूं। एक समय ऐसा भी था जब पूरे विश्व में मनोविज्ञान को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं थी। जबकि भारत की वैज्ञानिक दृष्टि और साहित्य को लेकर हम बात करें तो दुनिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी नालंदा में थी, जहां अनगिनत पुस्तकों में भारतीय ज्ञान एकत्रित था। अगर हम आधुनिक विज्ञान और पुरातन पौराणिक मान्यताओं को समझें तो विज्ञान ने बाद में प्रूव किया लेकिन हमारे ग्रंथ सैकड़ों वर्ष से सूर्य की दूरी को अपने श्लोक, चौपाई सहित श्रुतियों में संजोये हुए हैं। भारतीय ज्ञान कहता रहा है कि सूर्य से प्रथ्वी की दूरी 15 करोड़ किलोमीटर से अधिक है, जबकि विज्ञान ने भी लगभग इतनी ही दूरी को परिभाषित किया है। विज्ञान कितना गूढ़ है इसको भारत सिद्ध कर चुका है। अगर हम वर्तमान विज्ञान की बात करें तो हम लिविंग और नान लिविंग के बीच के लिंक के रूप में विज्ञान को मानते हैं। शरीर के भाग का 30 प्रतिशत हिस्सा सॉलिड और 70 प्रतिशत लिक्विड है। यह तत्वज्ञान वेदों में न जाने कबसे उल्लेखित है। उन्होंने कहा कि ज्ञान के मामले में भारत का कोई सानी नहीं है। लेकिन हम अन्य सभ्यताओं के गुलाम रहे, जिसने हमें हमारी विरासत से दूर कर दिया और विस्मृति होने के बाद नई पीढ़ी उस ज्ञान को समेट नहीं पा रही। अभी भी समय है, अगर कोई कोशिश शुरू करे तो वहां तक पहुंचा जा सकता है। अगर विज्ञान को जीवन शैली से जोड़ें तो शिक्षित होने के बाद हम कोई भी काम शुरू कर सकते हैं। महान वैज्ञानिक सीवी रमन की तरह अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी बस यह करे कि अपने लक्ष्य की ओर जाते समय उस बारीक बिंदु को पकड़ो और समझो जहां हमें लगता है कि अब असफल हो जाएंगे। असफलता जहां दिख रही हो, उस बिंदु पर आत्मविश्वास की चोट मारो, इससे भविष्य की राह में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में आसानी होगी और सफलता जरूर मिलेगी। इस दौरान शिक्षक एमपी सिंह ने कहा कि जैसे विपरीत परिस्थितियों में सीवी रमन ने अपने लक्ष्य को हासिल किया, वैसे ही कोई भी कर सकता है। जरूरत बस यह है कि कोई भी काम करो, इतनी शिद्दत से करो कि हमारा काम स्पेशल हो। प्रत्येक विद्यार्थी में प्रतिभा है, बस सही दिशा में प्रतिभा को लगाने की आवश्यकता है।
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22/08/2023

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ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात्।समस्त देशवासियों को नाग देवता की उपासना के पावन पर्व 'नाग पं...
21/08/2023

ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात्।
समस्त देशवासियों को नाग देवता की उपासना के पावन पर्व 'नाग पंचमी' की हार्दिक शुभकामनाएं

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