24/02/2026
कुछ वर्षों में भीमसेना प्रमुख एवं एसएसपी सुप्रीमो नवाब सतपाल तंवर का दर्दनाक सफर
• 2010 में भीम सेना बनाई। सुख-वैभव त्यागकर संघर्ष की राह पर निकल पड़े।
• 2016 में निशा तंवर एडवोकेट से विवाह हुआ और एक
बेटा हुआ कुंवर ओजस्वी तंवर, जो अभी पढ़ रहा है।
• 2018 में परिवार छोड़ दिया। बुजुर्ग माता-पिता को घर
अकेला छोड़कर आंदोलन करते रहे।
• 2019 में एक बेटा हुआ युवराज तंवर और उसकी मृत्यु हो गई।
• पत्नी निशा तंवर एडवोकेट डायबीटिज और हाई ब्लड प्रेशर की शिकार हो गई। पत्नी की देखरेख में और खुद को संभालने में 4 साल बीत गए।
• 2023 में एक बेटा हुआ विश्वराज तंवर, उसकी भी मृत्यु हो गई।
• दो बेटों की मृत्यु के बाद पत्नी को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या लगातार बढ़ती गई जोकि अभी भी दवाइयों पर चल रही हैं। उनकी देखरेख, कुंवर ओजस्वी तंवर को स्कूल लाने ले जाने, पत्नी को अस्पताल और कोर्ट तक लाने ले जाने आदि घरेलू कामों में समय बीत गया। निशा तंवर एडवोकेट वकालत से पैसा कमाकर नवाब सतपाल तंवर को पढ़ाती भी रही और समय समय पर समाज के आंदोलनों में भेजती रहीं। अभी नवाब सतपाल तंवर की 5 डिग्रियां चल रही हैं।
• 26 नवंबर 2025 को संविधान सुरक्षा पार्टी बनाई।
• 15 मार्च 2026 से हमेशा के लिए अपना घर छोड़ रहे हैं। पत्नी को और बच्चे को ऐसी अवस्था में अकेला छोड़ कर समाज को न्याय दिलाने की खातिर निकल रहे हैं। जिस वक्त उनको सतपाल तंवर की जरूरत है।
समर्पण • संघर्ष • त्याग
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मैनेजमेंट टीम द्वारा जारी