18/12/2025
*गाँधी महाविद्यालय में महिलाओं का कार्यस्थल पर यौनशौषण पर सेमिनार का आयोजन*
शहर का प्रतिष्ठित एकमात्र ऑटोनोमस एवं नेक द्वारा ग्रेड 'A' प्राप्त गाँधी वोकेशनल ऑटोनोमस कॉलेज गुना में आज 17 दिसंबर 2025 में एक महत्वपूर्ण जागरूकता सेमिनार महिलाओं का कार्यस्थल पर यौनशौषण का आयोजन किया गया। सेमिनार में विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय के संचालक एव चेयरमैन आदरणीय श्री अवधेश श्रीवास्तव जी एवं संचालिका महोदया श्रीमती ज्योति राठी जी उपस्थित रहे।
सेमिनार का प्रारम्भ संचालक मण्डल द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीपप्रज्जलित कर की गई।
इस सेमिनार में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़नए घरेलू हिंसा, महिलाओं के संवैधानिक अधिकार, पोक्सो एक्ट तथा भारतीय न्याय संहिता जैसे गंभीर एवं प्रासंगिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सेमिनार में संचालक महोदय श्री अवधेश श्रीवास्तव जी ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाला यौन शोषण एक गंभीर सामाजिक एवं कानूनी अपराध हैए जो महिलाओं की गरिमाए समानता और सुरक्षित कार्य वातावरण के अधिकार का उल्लंघन करता है। भारत का संविधान प्रत्येक महिला को सम्मानपूर्वक और भयमुक्त वातावरण में कार्य करने का अधिकार देता है।
इसी संदर्भ में आगेs संचालिका महोदया श्रीमती ज्योति राठी जी ने कहा कि यौन शोषण केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मौखिक, मानसिकए संकेतों, टिप्पणियों, अश्लील संदेशों अथवा किसी भी प्रकार के अवांछित व्यवहार के रूप में भी हो सकता है। ऐसे मामलों में चुप रहना अपराध को बढ़ावा देता है। पीड़िता को बिना भय अपनी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है और शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखना कानूनन अनिवार्य है।
इसके पश्चात बी.एड. विभाग प्रमुख डॉ. एस. एस. श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की यह नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं न्यायपूर्ण वातावरण प्रदान करें तथा कानूनों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक बनाएं।
कार्यक्रम में सहा. प्राध्यापक श्रीमती संध्या भार्गव ने बताया कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण प्रदान करने हेतु बनाया गया है। प्रत्येक संस्था में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, जिससे पीड़ित महिलाओं को त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिल सके।
सहा. प्राध्यापक श्रीमती प्रिया शाह ने सेमिनार में संविधान में महिलाओं को प्राप्त समानताए स्वतंत्रता और गरिमा के अधिकार पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि भारतीय संविधान महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार देता है और किसी भी प्रकार के भेदभाव को प्रतिबंधित करता है।
इसी क्रम में सहा. प्राध्यापक श्रीमती सुनीता तिवारी ने पोक्सो एक्ट के अंतर्गत बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों को गंभीर अपराध मानते हुए कठोर दंड का प्रावधान है। वक्ताओं ने बच्चों की सुरक्षाए रिपोर्टिंग प्रक्रिया और समाज की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया। सेमीनार में सहा. प्राध्यापक सुश्री श्रृद्धा ओझा ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की हिंसा के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
अंत में प्रशासनिक प्रमुख श्री अंकित मिश्रा ने आभार व्यक्त किया और कहा कि सभी संस्थानों, नियोक्ताओं और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाएं, नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें और कार्यस्थल को सुरक्षित बनाएं।
मंच का संचालक प्राध्यापक श्री उमेश शर्मा द्वारा दिया गया। इस अवसर पर महाविद्यालयीन समस्त स्टाफ इस अवसर पर उपस्थित रहा जिनमें डा. रीमा शर्मा, सहा. प्राध्यापक श्री आशीष अरोरा, सहा. प्राध्यापक श्री आकाश सक्सेना, सहा. प्राध्यापक श्री नारायण कुशवाह, श्री सुभ्र चक्रवर्ती एवं बड़ी संख्या में छात्र/ छात्राए उपस्थित रहें।