25/07/2021
"यह जाति क्यों नहीं जाती"
बड़े भाई पिंटू चौधरी की हत्या समाज के सोए हुए लोगों के लिए सबक है कि समाज के कथित उच्च वर्ग और उनकी झूठी शान को बल देने वाली हर एक चीज को दमन करें।
जो समाज और व्यक्ति समानता की बात नहीं कर सकता उनसे बड़ा नीच कोई नहीं हो सकता है।
इनके दिमाग में जाति व्यवस्था और महिला मात्र एक उपभोग की वस्तु होती है इस प्रकार की मानसिकता इनके वास्तविक चरित्र और सामाजिक व्यवहार का सुदृढ़ हिस्सा है।
और लव जेहाद पर चर्चा तो बहुत करते हैं परंतु इस जातिवाद और महिला अधिकारों के विरोधी धार्मिक आतंकवाद पर क्यों नहीं बोलते।
यह लोग यहाँ हरियाणा के खाप पंचायतो और उनके समर्थकों के जैसे हैं।
Sc/st Act जैसे कानून को और आरक्षण जैसी व्यवस्था ऐसी ही धार्मिक आतंकवादियों के खिलाफ है जो मानवअधिकारों की जगह वर्ण व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं और महिलाओं को इक उपभोग की वस्तु समझते हैं।
अगर मौजूदा सरकार में थोड़ी भी सामाजिकता बची है तो इन धार्मिक आतंकवादीयों के खिलाफ और भी सख्त कानून लाए और ऐसे लोगों को फांसी से कम कोई सज़ा मंजूर न करें।
मानवअधिकारों और महिला अधिकारों से बढ़ कर कुछ नहीं हो सकता। धर्म भी नहीं।