27/08/2026
रिजल्ट नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ मजाक है! 😡👇
इस बार UPTET में करीब 80% अभ्यर्थियों का पास होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
आखिर परीक्षा का स्तर इतना आसान क्यों रखा गया? क्या परीक्षा का उद्देश्य सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ लोगों को पास दिखाना है, या वास्तव में योग्य शिक्षकों का चयन करना?सच तो यह है कि इस आसान पेपर और रिजल्ट की असली खुशी सिर्फ पहले से कार्यरत (शिक्षामित्र/तदर्थ) शिक्षकों को है, जिनकी नौकरी पर खतरा था। सरकार ने पेपर आसान करके उन्हें तो पास करा दिया ताकि उनकी कुर्सी बची रहे, लेकिन नए युवाओं के भविष्य का क्या?
लाखों की भीड़ बढ़ाकर कंपटीशन को और मुश्किल बना दिया गया है। नया 'शिक्षा चयन आयोग' सिर्फ फाइलों और वादों में ही बना है, धरातल पर उसका कोई वजूद नहीं दिख रहा। जब तक नई शिक्षक भर्ती (Super TET) का विज्ञापन नहीं आता, तब तक ये डिग्रियां और सर्टिफिकेट सिर्फ रद्दी के टुकड़े हैं।
बाकी, नए अभ्यर्थी अब अगले सावन की प्रतीक्षा करें, कांवड़ यात्रा की तैयारी करें, और दशहरा-सरस्वती पूजा के पंडालों में समय काटें🤣। क्योंकि साहेब के राज में रोजगार तो नहीं, सिर्फ 'तारीख पर तारीख' और पात्रता परीक्षाओं का झुनझुना मिलने वाला है! ForUPYouth