04/03/2026
होली आई रे ..आई रे ..होली आई रे ...😊😊
भुने दाने से होरा भये,
होरा से फिर भई होरी।
होरी से फिर होली भई,
बांकी सब गप्प है कोरी !!
होली किसानों का त्यौहार है कैसे ..आइये जानते है होली क्या है ?
अन्न की पहली फसल के पहली बार इस्तेमाल करने की ख़ुशी में होली का त्यौहार मनाया जाता है ।
होली की तैयारी बसन्त ऋतु के आगमन से ही शुरू हो जाती है । गेंहू ,चने इत्यादि की ताजा फसल की बाली में नये दाने पड़ना , इन दानों (कच्चे होला/होरा) को भूनने के लिए लकड़ी का इंतजाम करना , इकट्ठे होकर आग जलाना, फिर उस आग मे ताजा फसलों के हरे दानों को भूनना, फिर सबके साथ मिलजुलकर खाना , नृत्य करते हुए, ढोल मजीरे के साथ खुशियों के गीत गाते हुए , सामाजिक रूढ़िवादियों को तोड़कर , बुराइयों को भूलकर अच्छाइयों को याद करते हुए, एक दूसरे को रंग-बिरंगे फूल देकर ,सारे गिले शिकवे भूलकर एक दूसरे को गले लगाना , बड़ो से आशीर्वाद प्राप्त करना और छोटो को अच्छे सुझाव देना और अच्छे विचारों का आदान प्रदान करना ..
यही तो रीति है जिसको "होला" (भुने दाने) खाने का त्यौहार अर्थात "होली "कहा जाता है ।
पुराने समय में समण एक दूसरे को फल और फूलों को उपहार के रूप में देने को अच्छा कार्य माना जाता था। फल-फूल देते हुए सारे गिले शिकवे भुलाकर, एकदूसरे के गले लगने का आनन्द ही कुछ और है ।
यही है "होली का त्यौहार" जिसमे चारो तरफ सिर्फ खुशियां ही खुशियाँ दिखती है ।
किसी महिला को जलाकर मारने को अपनी ख़ुशी बताना और उसका सम्बन्ध "होली के पर्व" से जोड़ना, किसानों को उनके मूल महोत्सव से भटकाकर , उन्हें अपनी कहानियों के साथ जोड़कर बताना, बहुत ही घटिया सोंच का परिचय है।
इन लोगों की बातों से भ्रमित न हो और न ही कभी भी ऐसी घटिया कहानियों पर विश्वास करें ।
सभी बड़े ,छोटे, साथी/मित्रो को किसानों के आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ाने वाले और सौम्यता से पुष्प इत्यादि बाँटकर मनाये जाने वाले आदिपर्व होली/होरी की हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं । 💐💐💐