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वीर भोग्य वसुंधरा का,गूँज उठा जो नारा है। कहो गर्व से हम राजपूत हैँ, राजपुताना हमारा है।
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This Page is About All the Things for Rajput Actors, Rajputs Molding all About the Rajputana.

सोशल मीडिया पर सक्रिय क्षत्रियों में, एक आम जनधारणा बनती जा रही है कि लगभग सभी भारतीय समुदाय क्षत्रियों से नफरत करते है।...
23/08/2026

सोशल मीडिया पर सक्रिय क्षत्रियों में, एक आम जनधारणा बनती जा रही है कि लगभग सभी भारतीय समुदाय क्षत्रियों से नफरत करते है।

लेकिन जितना मैने देखा और जाना है। जमीनी स्तर पर अधिकतर समुदाय के लोगों का ,क्षत्रियों से अच्छा सम्बन्ध है।

राजनीतिक या व्यक्तिगत वर्चस्व के लिए, आपस में नोक झोंक चलती रहना स्वाभाविक बात है और ये हमेशा से होता आया है।

हमारे असल शत्रु वो लोग हैं।जो सामाजिक स्तर पर भी हमें अपना शत्रु मानते है और दिन- रात हमारा सामुदायिक पतन करने का षडयंत्र रचते रहते है।

क्षत्रियों को उन समुदायों और समूहों को चिह्नित करना होगा ।जो भारतीय गणतंत्र की स्टेट मशीनरी पर अपना प्रभाव स्थापित कर ऐसी नीतियाँ बना रहे हैं।

जिससे हमारा अधिक से अधिक नुकसान हो और अन्य समुदायों से हमारा टकराव बढ़े।

हमारी मुख्य लड़ाई इन्हीं महीन लोगों से है ।इनका प्रभाव घटाकर ही हमारा कल्याण संभव है।

साभार:- Rajarsh Bais

23/08/2026

मै कुछ पॉइंट लिख रहा हु उसे आप अपने आसपास रिसर्च करके देख लेना 100% सही निकलेगा

1- जिन लोगों से SC ST का कटऑफ़ भी कभी जीवन मे पार नहीँ होता वो व्यक्ति सबसे ज्यादा आरक्षण का विरोधी होगा

2- जिस व्यक्ति के पास खाने के लिए भोजन और रहने के लिए छत नहीँ होगा, वही व्यक्ति सबसे ज्यादा धर्म देश की चिंता करेगा

3- जो व्यक्ति कभी जीवन मे अपने पार्टी के सर्वोच्च लीडर से मुलाक़ात नहीँ किया होगा या मुलाक़ात भी 1 मिनट से ज्यादा नहीँ किया होगा, वो व्यक्ति पार्टी के लिए सबसे ज्यादा भावुक होगा, उसके लिए मार पिटाई तक के लिए उतारू हो जायेगा |

एक लोग थे जानकारी मे, मैंने पूछा की और क्या चल रहा लाइफ मे, तो उन्होंने जबाब दिया की " ठाकुरे बभने के लइकन के कहा नौकरी रोयता, एही से आपन दूसर काम पकड़ लिहा " | जानते है वो लड़का थर्ड डिवीजन बीए पास है और पढ़ाई इसलिए बंद कर दिया की ठाकुर ब्राह्मण लडके को नौकरी नहीँ मिल रही |

एक जानकारी मे थे तो उनके यहां बैठा था, वो ठहरे कटटर भाजपाई कटटर हिन्दू | मुझे देखते ही बोले की " का बेटवा, लागता की तुहुं JNU छाप वालन के चक़्कर मे पड़ गल हय ", मैंन हँसकर बात को टाल दिया | फिर उन्होंने कहा की मैंने अपने लडके को साफ साफ कह दिया की " बुजरो क भाई लोग कही से पढ़ाई कई ल जा या मत कर जा, लेकिन अगर JNU मे एडमिशन ले लिहल त मारके हाथ गौड़ तोड़ देब " | मैंने उनके बेटे की तरफ देखा और उसके बेटे की आँखों मे साफ साफ लिखा था की " भैया छोड़िए जाने दीजिये मेरा बाप चुतिया है " |
जानते है लडके का 12 th मे CBSE बोर्ड से 67% है और उसका बाप डिंग हाँक रहा की JNU मे एडमिशन नहीँ लेने देंगे क्यूंकि वहा जाकर अर्बन नक्सल बन जायेगा, जबकि इतने परसेंट पर JNU मे एडमिशन होगा ये सोचना भी महा पाप है, हो सकता है गेट कीपर ही झापड़ मारकर वापस कर दे |

मेरी रोज बीजेपी के किसी न किसी विधायक ब्लॉक प्रमुख या विधायकी लड़ने के इच्छुक लोगों से बात होती है, संगठन के कई लोग मुझसे जो अच्छे पदों पर जुड़े है उनसे बात होती है,वो आज तक कभी नहीँ नाराज हुए की योगी जी की खिंचाई क्यों कर रहे, उल्टा ज्यादातर लोग प्रोत्साहित ही करते है की बहुत सही बात लिखा है आपने, वो 2-4 बात अपने से भी बताते है | लेकिन जानते है योगी जी की खिंचाई करने से मुझसे सबसे ज्यादा नाराज कौन हुआ? वो लोग जो किसी पदों पर नहीँ है और पूरी उम्मीद है आजीवन शायद ही किसी पद पर पहुंच जाये |

इसी तरह इस देश का जो भी एलीट क्लास है वो विदेश मे ही रहता है या विदेश मे ही शिफ्ट हो रहा, सारे एलीट क्लास के लोगों के बच्चे विदेशो मे शिफ्ट है चाहे वो ब्योरोक्रेट्स हो बिजनेस मैंन हो क्रिकेटर हो बॉलीवुड वाले हो कोई भी |लेकिन सबसे ज्यादा देश धर्म की चिंता और देश पर गर्व उन्हें ही है जो किसी दिन बिना इलाज के मर जाये तो कोई कुत्ता तक न झाकने जाये, जिनकी डेड बॉडी किसी सरकारी अस्पताल मे ऐसे ही उठाकर पटक दी जाएगी उन्हें देश धर्म की इतनी चिंता रहती है पूछो मत |

आप लोग भी अपने अगल बगल रिसर्च करके देख सकते है, 100% ये बात सच निकलेगी 😊
✍️ सत्येंद्र गहरवार

आपके समाज की लीडरशिप किसके पास होनी चाहिए इसको आप अब ख़ुद डिसाइड कर लें। राज शेखावत जिन माननीय सांसद डॉक्टर महेश शर्मा स...
23/08/2026

आपके समाज की लीडरशिप किसके पास होनी चाहिए इसको आप अब ख़ुद डिसाइड कर लें।
राज शेखावत जिन माननीय सांसद डॉक्टर महेश शर्मा से मिले हैं, उनका नाम देश के क्षत्रिय विरोधी नेताओं को लिस्ट में शुमार है।आज जान ही लीजिए:

1) अक्टूबर २०२२, दादरी में सम्राट मिहिर भोज मूर्ति विवाद के दौरान इन्होंने खुलकर क्षत्रियों का विरोध करते हुए “गुर्जर शोध संस्थान” का अवलोकन किया और खबर फोटो के साथ छपवाई। दोनों समाजों को साथ रखने की कोशिश की जगह एंटी-क्षत्रिय स्टैंड लिया जिसमें इनका स्वयं कोई स्टेक नहीं था, क्योंकि ये इन दोनों में से किसी समुदाय से नहीं हैं ।

2)संस्कृति मंत्री रहते हुए इन्होंने ही ये शोध संस्थान बनवाया और महान सम्राट मिहिर भोज, उनके पूर्वजों और उनके वंशजों को गुज्जर घोषित करते हुए उनकी वंशजों के नाम के आगे “गुर्जर” लगा दिया, इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं बल्कि जघन्य अपराध किया। किसी भी शिलालेख में ऐसा नहीं लिखा जैसा इन्होंने वहाँ लिखवाया।

3) डॉक्टर साहब को एक अति लोकप्रिय क्षत्रिय नेता (स्व पार्टी MLA) फूटी आँखों नहीं सुहाते, उनको सत्ता से बाहर करने के लिए डॉक साब क्या क्या तरीक़े अपनाते हैं, इनके क्षेत्र के सभी राजनीति के जानकार जानते हैं। लामबंदी, पोस्टर में फोटो नहीं लगने देना, शिलापट्ट पर नाम नहीं लिखने देना, वगैरह वगैरह के तमाम आरोप हैं।

राज शेखावत या तो अनभिज्ञ हैं, या सिर्फ आपका इस्तेमाल होने दे रहे हैं। अपनी लीडरशिप सही हाथों में दीजिए, भेंड़ चाल मत चलिए। EWS में सरलीकरण की माँग कीजिए, ताकि आने वाली जनरेशन आपका धन्यवाद करे।

23/08/2026

अम्मू,मकराना ओर राज शेखावत जैसे जोकरों से समाज दूर रहे।
ये मूर्ख हर आंदोलन में समाज का मजाक बनवाते है।

मात्र एक पोस्ट और अखिलेश यादव ने जनरल कास्ट को मजबूर कर दिया ये सोचने पर कि आनेवाले चुनाव में उन्हें क्या करना है!धुरंधर...
23/08/2026

मात्र एक पोस्ट और अखिलेश यादव ने जनरल कास्ट को मजबूर कर दिया ये सोचने पर कि आनेवाले चुनाव में उन्हें क्या करना है!
धुरंधर अखिलेश यादव 🔥

22/08/2026

राजतंत्र में जब क्षत्रिय बनने का समय था। तब सब गायब थे और आज इस नेतातन्त्र में, हर दूसरा इंसान क्षत्रिय बना घूम रहा है !

UGC रोल बैक में शहीद हुए देवराज सिंह पालड़ा (OBC)..UGC रोल बैक व इस आंदोलन में लाठी खाए व केश झेले क्षत्रिय..लेकिन वाह व...
22/08/2026

UGC रोल बैक में शहीद हुए देवराज सिंह पालड़ा (OBC)..
UGC रोल बैक व इस आंदोलन में लाठी खाए व केश झेले क्षत्रिय..

लेकिन वाह वाही व लाइमलाइट ले रहे :
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक जी के साथ स्वजातिय हर्ष दुबे, मृत्युंजय पाठक और शिवा शर्मा जी...

यहाँ भी क्षत्रियो के कंधे पर #बंदूक रखकर चलाया गया ||

22/08/2026

#महाबली_महाराणा

​जो घास की रोटी खाकर भी,
था अरावली में डटा रहा,
जिसके आगे सम्राटों का,
मस्तक भी अवनत सदा रहा।
​जिसके संग परिवार चला था,
वनवासों की राहों में,
फिर भी मुख का तेज न घटा,
विपरीत समय की आहों में।
​जिसने राजभवन को त्यागा,
वन-पथ को अपना मान लिया,
जिसने फूलों की सेज छोड़,
काँटों को भी सम्मान दिया !
​जिसके चेतक की टापों से,
उछली धरती की छाती थी,
जिसके आगे मुगलों की,
सेना भी शीश झुकाती थी।
​जिसका चेतक भी स्वामी पर,
अपना सर्वस्व लुटाता था,
घायल होकर भी रण में,
स्वामी को नित्य बचाता था।
​प्राण दिये पर साथ न छोड़ा,
ऐसा अद्भुत त्याग हुआ,
स्वामी के चरणों में अर्पित,
चेतक का अनुराग हुआ।
​जिसका विचार सारे वैभव को,
तिनके की नोंक पे रखना था,
जन्मभूमि परतंत्र न हो,
जिसका बस एक ही सपना था।
​रंज मिला तो राज को त्यागा,
मान मिला तो मान नहीं,
पराधीन भूमि हो जाती,
स्वीकार किया अपमान नहीं !
​जो झुका नहीं प्रलोभन से,
न रण में जिसने हार सही,
हल्दीघाटी की माटी ने,
जिसकी थी अनुपम ढाल गही।
​संख्या कम थी, लड़े मगर,
सेना उनकी कमजोर नहीं,
लड़ा हमेशा मातृभूमि हित,
ये बात प्रखर पुरजोर रही।
​जब तक नस-नस में शोणित था,
मेवाड़ न झुकने पाया था,
राष्ट्र की रक्षा हित उसने,
रण-चंडी को शीश चढ़ाया था।
​रणभूमि में तलवारों से,
न केवल युद्ध लड़ा उसने,
पीढ़ी सीखे कुछ स्वाभिमान से,
एक अद्भुत पाठ गढ़ा उसने।
​जिसने यह सिखा दिया जीवन में,
झुक जाना कोई जीत नहीं,
स्वाभिमान से बढ़कर जग में,
दूजी कोई रीत नहीं !
​जब-जब संकट हमको घेरेगा,
जब-जब मन कमजोर पड़ेगा,
तब-तब प्रताप का जीवन-दर्पण,
स्वाभिमान का अर्थ कहेगा !
​इतिहास नही केवल था वो,
जीवित प्रेरक एक गाथा था,
उसका संग मिला जिसको,
उसका साहस बढ़ जाता था।
​जिसका ध्येय बस स्वाभिमान को,
अजर-अमर कर जाना था,
जिसने अपने पूरे जीवन में,
कभी न हार को माना था।
​वो परम प्रतापी, महावीर,
वीरों के कुल का शिरोमणि,
वह महाबली महाराणा था !

रचनाकार:- ​© मनीष रंजन कुमार | सर्वाधिकार सुरक्षित।

जंतर मंतर पर लगभग 50000 लोग पहुंचे उनमे से 1000 ठाकुर थे, बाकी सभी ब्राह्मण समाज से थे। इसीलिए हर्ष दूबे और बाकी ब्राह्म...
22/08/2026

जंतर मंतर पर लगभग 50000 लोग पहुंचे उनमे से 1000 ठाकुर थे, बाकी सभी ब्राह्मण समाज से थे। इसीलिए हर्ष दूबे और बाकी ब्राह्मण युवाओं को एक ब्राह्मण डिप्टी cm बृजेश पाठक के साथ चाय पीने का मौका मिला।

अगर ठाकुरो की संख्या ज्यादा होती तो शायद आपको भी किसी ठाकुर नेता के साथ चाय पीने का मौका मिलता।

अरे मैं कबसे कहता आ रहा हूँ, ठाकुरो तुम सिर्फ बंधुआ मजदूर हो, तुम लोगो मे राजनीति की समझ शून्य है।

आंदोलन करने गए हो आरक्षण और UGC पर, और मिडिया मे बाईट देते फिर रहे हैं, हमारे किले और हवेली वापिस करो😂😂

तुम सिर्फ संघ- भाजपा की गुलामी करो😀

22/08/2026

ना ये हिंदू की सरकार है न ये मुस्लिम की स्वार्थ की सरकार है
एक बार सुने

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