16/09/2026
स्वामी विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर राजेंद्र नगर साहिबाबाद द्वारा संचालित सरस्वती शिशु वाटिका, मोहन कॉलोनी संस्कार केंद्र, मोहन नगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद में मंगलवार को वार्षिकोत्सव समारोह हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के वंदन के साथ हुआ। इसके पश्चात भैया-बहनों ने देशभक्ति गीतों, सावन गीतों तथा हरियाणवी लोकगीतों सहित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, लोक परंपरा और राष्ट्रप्रेम की जीवंत झलक प्रस्तुत की। नन्हे विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों को भाव-विभोर कर दिया तथा कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्री प्रदीप गुप्ता जी, प्रांत संगठन मंत्री, विद्या भारती मेरठ प्रांत तथा मुख्य अतिथि फ्लाइंग ऑफिसर श्री विनय कुमार जी उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता श्री प्रदीप गुप्ता जी ने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक दायित्व एवं सेवा की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने भैया-बहनों को अपने जीवन में देश और समाज के प्रति समर्पित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि फ्लाइंग ऑफिसर श्री विनय कुमार जी ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बाल्यावस्था में प्राप्त संस्कार एवं जीवन-मूल्य व्यक्ति के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री कैलाश राघव जी, प्रबंधक श्री केशव कुमार गुप्ता जी, स्वामी विवेकानंद सरस्वती विद्या मंदिर, राजेंद्र नगर, साहिबाबाद के प्रधानाचार्य श्री जगदीश रघुवंशी जी, शिशु मंदिर, राजेंद्र नगर, साहिबाबाद की प्रधानाचार्या श्रीमती शीतल जी, संस्कार केंद्र प्रमुख श्री रामानंद त्यागी जी सहित विद्यालय के आचार्यगण, प्रांतीय सेवा प्रमुख देवेंद्र जी , गाजियाबाद संभाग, संस्कार केंद्र के सेवा प्रमुख श्री योगेंद्र जी और स्थानीय निवासी एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वार्षिकोत्सव ने भारतीय संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और बाल प्रतिभा का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करते हुए सभी के मन पर गहरी छाप छोड़ी।