24/01/2026
🏰 हमारी धरोहर – बावन कोठरी, तीरपन द्वार 🏰
हमारे गाँव की मिट्टी में इतिहास सांस लेता है।
यहीं खड़ा है एक पुराना किला — बावन कोठरी, तीरपन द्वार,
जो आज भले ही खंडहर बन चुका हो,
लेकिन इसकी दीवारों में आज भी
बीते युगों की कहानियाँ क़ैद हैं।
कभी यह किला शक्ति, सुरक्षा और शान का प्रतीक रहा होगा।
आज टूटी ईंटें, झाड़ियाँ और सन्नाटा जरूर है,
पर इसकी खामोशी भी बहुत कुछ कहती है।
यह सिर्फ़ एक खंडहर नहीं,
बल्कि हमारी पहचान,
हमारे पूर्वजों की विरासत
और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सीख है।
धरोहरें मिटती नहीं,
बस उन्हें समझने वाली आँखें चाहिए।