13/05/2026
झूठे FIR से निर्दोषों का होता है मानवाधिकार हनन:विशाल दफ्तुआर
•शीघ्र करेंगे राष्ट्रीय स्तर पर पहल
•आईजी विकास वैभव को लिखा पत्र
मशहूर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता और एचआरयूएफ चेयरमैन विशाल रंजन दफ्तुआर ने मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव को पत्र लिखा है।अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि बिना मुकम्मल जांच के एफआईआर दर्ज न हो।जो लोग झूठे गवाहों के दम पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाते हैं, उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई हो।
एचआरयूएफ चेयरमैन ने लिखा है कि मौजूदा दौर कलयुग का नहीं बल्कि भटयुग है।मौजूदा दौर में दुष्टों की संख्या काफी बढ़ गई है। ऐसे लोग कानून का दुरूपयोग करके बेहिचक झूठी एफआईआर और कोर्ट केस करते हैं। अब तो बनाबटी बलात्कार पीड़िता के द्वारा बलात्कार के भी केस किये जाते हैं। ऐसे झूठे FIR से निर्दोष लोग बेवजह परेशान होते हैं और कई मर्तबा "लाल कोठी" का भी दर्शन कर लेते हैं। ऐसे कुत्सित प्रयासों के द्वारा निर्दोष लोगों की मान-प्रतिष्ठा को भी रौंदा जाता है। जिससे उनके मानवाधिकारों और मौलिक अधिकारों का भी हनन होता है।
जो समझदार और काबिल थाना इंचार्ज होते हैं,वो आरोप लगाने वाले गलत लोगों की मंशा को पहले ही भांप लेते हैं और तुरतफुरत एफआईआर दर्ज नहीं करते हैं। ऐसा करना भी उनका कानूनी दायित्व है।
दरअसल छह वर्षों के बाद मगध प्रक्षेत्र के आईजी के तौर पर योगदान देने के बाद विकास वैभव ने कल एफआईआर पर एक स्टेटमेंट दिया था।
विशाल दफ्तुआर ने कहा कि निकट भविष्य में वे माननीय सुप्रीम कोर्ट,भारत सरकार एवं राज्य सरकारों को पत्र लिखेंगे कि आरोप लगाने वालों के नार्को टेस्ट की भी त्वरित व्यवस्था हो ताकि लोगों के मानवाधिकारों का संरक्षण हो और झूठे आरोपों की जिल्लत के कारण वे आत्महत्या न करें। झूठी एफआईआर और कोर्ट केस आज राष्ट्रीय स्तर पर एक भयावह कोढ़ बन गया है।