16/06/2026
🚩 सुभाषित संग्रह 🚩
योगियों के द्वारा भगवान् के विषय में दूसरी व्याख्या है, " वह जो कर्म और प्रतिकर्म से अनासक्त और अप्रभावित हैं, वे जिन्हें आश्रय की आवश्यकता नहीं है, जो सभी के और प्रत्येक के आश्रय हैं- वे ईश्वर हैं | " योगियों के द्वारा अन्य व्याख्या है कि यह ब्रह्माण्ड अनेकानेक इलेक्ट्रान, प्रोटोन और पोजीट्रोन का समन्वय है और इसके परम नियन्त्रक ईश्वर हैं |
श्री श्रीआनन्दमुर्तिजी |
' सुभाषित संग्रह ' ," मनुष्यों के भगवान् " ,( एकविंश-खण्ड ) पृष्ठ-226
🌹बाबा नाम केवलम् |🌹
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