09/08/2026
• नमस्कार मित्रों - आप सभी को विश्व आदिवासी दिवस (International Day of the World's Indigenous Peoples) की हार्दिक शुभकामनाएं ।।
संयुक्त राष्ट्र ने 2026 इस वर्ष का Theme रखा है — " आदिवासी दाइयों का सम्मान: जीवन और कल्याण की रक्षा" (Honouring Indigenous Midwives: Safeguarding Life and Well-being)। यह थीम उन पारंपरिक दाई-माताओं और स्वास्थ्य-रक्षकों को समर्पित है, जो पीढ़ियों से आदिवासी समाज में प्रसव, स्वास्थ्य और पारंपरिक ज्ञान की रक्षक रही हैं — बिना किसी बड़े संसाधन के, केवल अपने अनुभव और परंपरा के बल पर उन्होंने अनगिनत जिंदगियाँ बचाई हैं।
आखिर यह दिन क्यों मनाया जाता है? सन् 1982 में जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की "Working group on Indigenous population" की पहली बैठक 9 अगस्त को हुई थी। इसी ऐतिहासिक बैठक की याद में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 23 दिसंबर 1994 को प्रस्ताव 49/214 पारित कर हर साल 9 अगस्त को यह दिवस मनाने की घोषणा की।
इसका उद्देश्य है — दुनिया भर के मूल निवासी यानी आदिवासी समुदायों के अधिकारों, भाषा, संस्कृति, भूमि और पहचान की रक्षा करना, और उनकी आवाज़ को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाना।।
साथ ही टंट्या भील, रानी दुर्गावती, भगवान बिरसा मुंडा, गुंडाधुर जैसे अनगिनत वीरों ने अपनी मातृभूमि, जल-जंगल-जमीन और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इन महान वीरों के संघर्ष, साहस और बलिदान को हम सदैव श्रद्धापूर्वक याद करते हैं और उनसे प्रेरणा लेते हैं।
आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराएँ, लोककला, प्रकृति के साथ संतुलन और देश के निर्माण में उनका योगदान हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व, सामूहिकता की भावना, आपसी सहयोग और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की सीख यही आदिवासी समाज की सबसे बड़ी विरासत है।
आइए, हम सब मिलकर आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करने तथा उनके समावेशी विकास का समर्थन करने का संकल्प लें। उनके गौरवशाली इतिहास और विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
समस्त देशवासियों को
विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।।
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