17/02/2026
Riza Wellness Foundation
Health Awareness Tips
रिपोर्ट हाथ में आते ही कई मरीजों का चेहरा उतर जाता है — “डॉक्टर साहब, मेरा कोलेस्ट्रॉल 210 और Triglyceride 180 आ गया है… क्या मुझे हार्ट अटैक का खतरा है?”
ऐसा ही एक मरीज घबराया हुआ मेरे पास आया। उम्र करीब 38 वर्ष थी और चेहरे पर डर साफ दिख रहा था।
उसने कुर्सी पर बैठते ही कहा — “डॉक्टर साहब, मैं तो ठीक-ठाक था, बस हल्की गैस और थकान थी। लैब वाले ने बोला लिपिड बढ़ा है, अब क्या होगा? क्या दवा जिंदगी भर खानी पड़ेगी?” उसकी आवाज में वही डर था जो आजकल इंटरनेट पढ़कर बहुत से लोगों में आ जाता है।
मैंने उसकी रिपोर्ट देखी — Total cholesterol थोड़ा सा बढ़ा था, Triglyceride भी सीमा से थोड़ा ऊपर, बाकी सब सामान्य।
मैंने मुस्कुराकर कहा — “आपको बीमारी नहीं, सिर्फ चेतावनी मिली है।”
फिर धीरे-धीरे उसकी दिनचर्या पूछी — देर रात खाना, मीठा ज्यादा, काम के बाद कोई व्यायाम नहीं, वीकेंड पर तला-भुना और कभी-कभी शराब। असली कारण रिपोर्ट में नहीं, जीवनशैली में छिपा था।
मैंने कहा — “अगर अभी सुधार कर लिया तो दवा की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।”
मरीज अक्सर पूछते हैं —
👉 “डॉक्टर साहब, थोड़ा सा बढ़ा है तो भी इतना खतरनाक है क्या?”
मैं उन्हें बताता हूँ —
• थोड़ा बढ़ना तुरंत जानलेवा नहीं होता
• यह शरीर का अर्ली वार्निंग सिग्नल है
• असली जोखिम तब होता है जब यह सालों तक बढ़ा रहे या साथ में डायबिटीज, BP, मोटापा भी हो
आज की सबसे बड़ी समस्या बीमारी से ज्यादा panic है। लैब रिपोर्ट में एक नंबर लाल होते ही लोग मान लेते हैं कि हार्ट अटैक बस आने वाला है। जबकि सच यह है कि शरीर हमें समय रहते संकेत देता है, ताकि हम संभल जाएँ।
✅ सच्चाई:
थोड़ा बढ़ा cholesterol या triglyceride बीमारी नहीं, बल्कि मौका है —
खानपान, वजन, नींद और दिनचर्या सुधारने का।
जो लोग इस संकेत को समझ लेते हैं, वे अक्सर बिना दवा के भी सामान्य हो जाते हैं।
🔥 Lipid Profile Test:-
Lipid Profile Test खून की एक महत्वपूर्ण जाँच है, जो आपके शरीर में वसा (cholesterol और triglycerides) की मात्रा बताती है। इससे हृदय रोग, स्ट्रोक और ब्लॉकेज के खतरे का अंदाज़ा लगाया जाता है। आजकल कम उम्र में भी हार्ट अटैक बढ़ने के कारण यह टेस्ट बहुत जरूरी माना जाता है।
🔬 Lipid Profile में कौन-कौन से पैरामीटर होते हैं और उनकी Normal Range
🍁 Total Cholesterol (कुल कोलेस्ट्रॉल)
• Normal: < 200 mg/dL
• Borderline: 200–239 mg/dL
• High: ≥ 240 mg/dL
🍁 LDL Cholesterol (Bad Cholesterol)
धमनियों में जमकर ब्लॉकेज बनाता है।
• Optimal: < 100 mg/dL
• Near optimal: 100–129 mg/dL
• Borderline high: 130–159 mg/dL
• High: 160–189 mg/dL
• Very high: ≥ 190 mg/dL
🍁 HDL Cholesterol (Good Cholesterol)
दिल की सुरक्षा करता है, जितना ज्यादा उतना अच्छा।
• Low (खतरनाक):
• पुरुष: < 40 mg/dL
• महिलाएं: < 50 mg/dL
• Protective: ≥ 60 mg/dL
🍁 Triglycerides (TG)
खून में फैट का एक और रूप, ज्यादा होने पर फैटी लिवर और हार्ट रोग का खतरा।
• Normal: < 150 mg/dL
• Borderline: 150–199 mg/dL
• High: 200–499 mg/dL
• Very high: ≥ 500 mg/dL
🍁 VLDL (Very Low Density Lipoprotein)
• Normal: 5–40 mg/dL
❤️ यह टेस्ट क्यों जरूरी है
• हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा पहले से पता चलता है
• धमनियों में चर्बी जमने (Atherosclerosis) का संकेत देता है
• डायबिटीज, मोटापा, हाई BP वालों में खास जरूरी
• फैटी लिवर और मेटाबोलिक सिंड्रोम का जोखिम बताता है
वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि LDL जितना ज्यादा होगा, उतना ही ब्लॉकेज का खतरा बढ़ेगा, जबकि HDL ज्यादा होने पर सुरक्षा मिलती है।
⚠️ कितना ज्यादा हो जाये तो भी तुरंत खतरा नहीं होता?
👉 Total Cholesterol
• 200–220 mg/dL तक कई लोगों में तुरंत खतरा नहीं होता, अगर HDL अच्छा हो और LDL कम हो।
👉 LDL
• 100–130 mg/dL तक Low-risk व्यक्ति में अक्सर सुरक्षित माना जाता है।
• लेकिन यदि डायबिटीज, BP, धूम्रपान या फैमिली हिस्ट्री हो तो यही स्तर भी जोखिम बढ़ा सकता है।
👉 Triglycerides
• 150–200 mg/dL तक lifestyle सुधार से ठीक हो सकता है, तुरंत हार्ट अटैक का खतरा नहीं।
• ≥ 500 mg/dL होने पर पैंक्रियाटाइटिस (अग्नाशय की सूजन) का खतरा बढ़ जाता है।
👉 HDL
• कम HDL सबसे बड़ा छिपा खतरा है — बाकी सब ठीक होने पर भी जोखिम बढ़ सकता है।
🩺 किन लोगों को नियमित टेस्ट कराना चाहिए
• 30 वर्ष के बाद हर 1–2 साल में
• डायबिटीज / BP / मोटापा वाले
• परिवार में हार्ट रोग का इतिहास
• धूम्रपान या शराब लेने वाले
• बैठे-बैठे काम करने वाले
🔥 Triglyceride:- Bad Cholesterol
Triglyceride (TG) खून में पाया जाने वाला एक प्रकार का फैट है, जो शरीर को ऊर्जा देता है। लेकिन जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो यह धीरे-धीरे दिल, लिवर और अग्न्याशय (pancreas) को नुकसान पहुँचाने लगता है। आजकल जंक फूड, मीठा, शराब और बैठे-बैठे जीवन के कारण यह तेजी से बढ़ रहा है।
🔬 Triglyceride की Normal Range और खतरे का स्तर
• Normal: < 150 mg/dL → सुरक्षित
• Borderline High: 150–199 mg/dL → सावधानी जरूरी
• High: 200–499 mg/dL → हार्ट रोग का खतरा बढ़ता
• Very High: ≥ 500 mg/dL → बहुत खतरनाक
⚠️ कितना खतरनाक है —
🫀 1) दिल और ब्लॉकेज का खतरा
ज्यादा TG धमनियों में फैट जमा होने (Atherosclerosis) को बढ़ाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है।
👉 खासकर जब HDL कम और LDL ज्यादा हो।
🔥 2) 500 mg/dL से ऊपर — गंभीर खतरा
• अग्नाशय की सूजन (Pancreatitis) का खतरा
• अचानक तेज पेट दर्द, उल्टी, ICU तक की स्थिति
🧠 3) मेटाबोलिक सिंड्रोम का संकेत
TG ज्यादा होने का मतलब अक्सर साथ में:
• मोटापा
• डायबिटीज
• फैटी लिवर
• हाई BP
भी हो सकते हैं।
❗ कितना ज्यादा हो जाये तो भी तुरंत खतरा नहीं
• 150–200 mg/dL → तुरंत जानलेवा नहीं, lifestyle सुधार से ठीक हो सकता है
• 200–300 mg/dL → चेतावनी, भविष्य में हार्ट रोग का जोखिम
• ≥ 500 mg/dL → खतरनाक, इलाज जरूरी
• ≥ 1000 mg/dL → मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति
🧪 किन कारणों से बढ़ता है
• ज्यादा मीठा, चीनी, कोल्ड ड्रिंक
• मैदा और तला हुआ खाना
• शराब
• मोटापा
• डायबिटीज
• व्यायाम की कमी
• रात में देर से खाना
🥗 कैसे कम करें
• रोज 30–45 मिनट चलना
• वजन कम करना
• चीनी और मिठाई बंद
• शराब से दूरी
• ओमेगा-3 (अलसी, अखरोट, मछली)
• रात का खाना हल्का
Triglyceride धीरे-धीरे नुकसान करने वाला “साइलेंट खतरा” है। रिपोर्ट में थोड़ा बढ़ा हो तो डरने की जरूरत नहीं, लेकिन ज्यादा बढ़ा हो तो नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।