श्री सुन्दरकाण्ड पाठ मंच-हनुमान बगिया,फर्रुखाबाद (उ०प्र०)

  • Home
  • India
  • Farrukhabad
  • श्री सुन्दरकाण्ड पाठ मंच-हनुमान बगिया,फर्रुखाबाद (उ०प्र०)

श्री सुन्दरकाण्ड पाठ मंच-हनुमान बगिया,फर्रुखाबाद (उ०प्र०) Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from श्री सुन्दरकाण्ड पाठ मंच-हनुमान बगिया,फर्रुखाबाद (उ०प्र०), Nonprofit Organization, Hanuman Bagia, Farrukhabad.

हनुमान जी द्वारा अशोक वाटिका में माता सीता के दर्शन का यह दृश्य सुंदरकांड का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंश है। विभीषण जी से म...
22/04/2026

हनुमान जी द्वारा अशोक वाटिका में माता सीता के दर्शन का यह दृश्य सुंदरकांड का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंश है। विभीषण जी से माता सीता का पता जानने के बाद, हनुमान जी ने मसक समान रूप (मच्छर के समान छोटा रूप) धारण किया ताकि वे बिना किसी की नज़र में आए माता सीता को देख सकें।

उन्होंने बहुत ही छोटा रूप बनाया और अशोक के वृक्ष के पत्तों के बीच छिप गए ताकि रावण या राक्षसियां उन्हें देख न सकें।
माता सीता अशोक वृक्ष के नीचे बैठी थीं। वे बहुत दुखी (दीन) थीं और उनकी दृष्टि अपने चरणों की ओर थी, जबकि उनका मन भगवान श्री राम के ध्यान में लीन था।
माता सीता की विरह वेदना और उनकी दयनीय स्थिति देखकर हनुमान जी मन ही मन दुखी हुए और उन्हें प्रणाम किया।
वृक्ष की शाखाओं के बीच से हनुमान जी बड़ी व्याकुलता से यह विचार कर रहे थे कि वे माता का दुख कैसे दूर करें।

कपि करि हृदयँ बिचार दीन्हि मुद्रिका डारि तब।
जनु असोक अंगार दीन्ह हरषि उठि कर गहेउ।।

हनुमान जी ने हृदय में विचार करके (श्री राम जी की दी हुई) अंगूठी नीचे गिरा दी। माता सीता ने उसे हर्षित होकर हाथ में उठा लिया, लेकिन वे यह सोचकर चकित हो गईं कि यह अंगूठी यहाँ कैसे आई। माता सीता ने जब अंगूठी पर भगवान श्री राम का नाम अंकित देखा, तो उन्हें विश्वास हो गया कि यह प्रभु की ही अंगूठी है।
इसके बाद हनुमान जी ने मधुर स्वर में भगवान राम के गुणों का गान शुरू किया। यह सुनकर माता सीता का दुख कुछ कम हुआ और उन्होंने हनुमान जी को सामने आने के लिए कहा। हनुमान जी वृक्ष से नीचे आए और अपना परिचय श्री राम के दूत के रूप में दिया। पहले तो सीता जी को संदेह हुआ,

कनक भूधराकार सरीरा। समर भयंकर अतिबल बीरा॥
सीता मन भरोस तब भयऊ। पुनि लघु रूप पवनसुत लयऊ॥

लेकिन हनुमान जी के विनम्र स्वभाव और राम जी के गुणों के वर्णन ने उनका विश्वास जीत लिया।

21/04/2026
21/04/2026

आज के सुंदरकांड पाठ की एक झलक

रामचरितमानस के सुंदरकांड के अनुसार, हनुमान जी और विभीषण का मिलन लंका में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दैवीय घटना थी। हनुमान ज...
21/04/2026

रामचरितमानस के सुंदरकांड के अनुसार, हनुमान जी और विभीषण का मिलन लंका में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दैवीय घटना थी।

हनुमान जी जब माता सीता की खोज में पूरी लंका देख रहे थे, तब उन्हें एक विलक्षण भवन दिखाई दिया जो राक्षसों की नगरी में भी सात्विक प्रतीत हो रहा था:

रामायुध अंकित गृह सोभा बरनि न जाइ।
नव तुलसिका बृंद तहँ देखि हरष कपिराइ ॥

उस घर की दीवारों पर श्री राम के धनुष-बाण (राम आयुध) के चित्र बने हुए थे, जो उनकी भक्ति का प्रतीक थे। राक्षसों के घर के बाहर माँसाहार और मदिरा का वातावरण होता है, लेकिन विभीषण के घर के आँगन में सुंदर तुलसी के पौधों का समूह लहलहा रहा था। उस महल में श्री हरि का एक अलग मंदिर बना हुआ था, जो लंका के अन्य भवनों से उसे अलग बनाता था। विभीषण के भवन के ऊपर 'राम' नाम अंकित था, जिसे देखकर हनुमान जी चकित और हर्षित रह गए।

हनुमान जी जब इस घर को देखकर विचार कर रहे थे कि "राक्षसों के समूह में यहाँ सज्जन कहाँ से आ गए?", उसी समय विभीषण जी की आँख खुली:

रामा नाम तेहिं सुमिरन कीन्हा। हृदयँ हरष कपि सज्जन चीन्हा ॥
एहि सन हठि करिहउँ पहिचानी। साधु ते होइ न कारज हानी ॥

विभीषण जी ने जागते ही "राम-राम" नाम का स्मरण किया। यह सुनकर हनुमान जी अत्यंत प्रसन्न हुए और जान गए कि यहाँ कोई राम भक्त ही रहता है।

हनुमान जी को देखते ही विभीषण के मन में अपार प्रेम उमड़ आया। विभीषण ने उनसे पूछा कि "क्या आप श्री हरि के कोई भक्त हैं?" तब हनुमान जी ने अपना परिचय श्री राम के दूत के रूप में दिया।

अब मोहि भा भरोस हनुमंता। बिनु हरि कृपा मिलहिं नहिं संता ॥

इस मिलन के बाद ही विभीषण ने हनुमान जी को माता सीता का पता बताया और अशोक वाटिका जाने की पूरी युक्ति समझाई।

इसी कारण से लंका दहन के समय हनुमान जी ने विभीषण के घर को कोई क्षति नहीं पहुँचाई थी।

संकटमोचन श्री हनुमान जी के पावन सानिध्य में सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन। आइये, भक्ति के इस उपवन में प्रभु श्री राम के गुणों ...
20/04/2026

संकटमोचन श्री हनुमान जी के पावन सानिध्य में सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन। आइये, भक्ति के इस उपवन में प्रभु श्री राम के गुणों का गान करें।
🙏 जय श्री राम! जय हनुमान🙏
🚩 हनुमान बगिया 🚩

19/04/2026

जय बाबा की।
जय श्री राम।🙏🙏

19/04/2026

आज के सुंदरकांड की एक झलक।

Address

Hanuman Bagia
Farrukhabad
209625

Telephone

+919889111371

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when श्री सुन्दरकाण्ड पाठ मंच-हनुमान बगिया,फर्रुखाबाद (उ०प्र०) posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to श्री सुन्दरकाण्ड पाठ मंच-हनुमान बगिया,फर्रुखाबाद (उ०प्र०):

Share