16/03/2026
दुखद समाचार
अपनी वरिष्ठ प्रचारिका आदरणीय रेखा दीदी का देहावसान आज 1.30 pm पर हो गया है।
ॐ शांति शांति शांति🙏🙏
दीदी के दर्शन हेतु दिल्ली कार्यालय में प्रातः 7:00 बजे तक आ सकते हैं ।
उसके बाद पार्थिव शरीर को कानपुर ले जाया जाएगा और सायं 5:00 बजे भैरव घाट कानपुर पर संस्कार रस्म पूर्ण की जाएगी ।
रेखा राजे जी का परिचय
नाम: रेखा राजे
पिता का नाम: स्वर्गीय रघुनाथ वासुदेव राजे
माता का नाम: स्वर्गीय सुमित्रा राजे
जन्मतिथि: 27 जून 1951
जन्मस्थान: पुणे, महाराष्ट्र
रेखा राजे जी एक समर्पित समाजसेविका और राष्ट्र सेविका समिति की वरिष्ठ कार्यकर्त्री हैं। आपकी प्रारंभिक शिक्षा पुणे में हुई, और आपने एम.ए. (समाजशास्त्र) तथा शिक्षा शास्त्र में बी.एड. की डिग्री कानपुर विश्वविद्यालय से प्राप्त की।
आपके भाई श्री दीपक रघुनाथ राजे दीनदयाल विद्यालय में अध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। आप बाल्यकाल से ही राष्ट्र सेविका समिति की सेविका रही हैं और 'प्रवीण वर्ग' तक शिक्षित हैं।
सेवात्मक एवं शैक्षणिक अनुभव
रेखा जी ने कानपुर के उमरबेस्ट मेंटेनेंस स्कूल तथा संत कंवर विद्या मंदिर जूनियर हाई स्कूल में कुल 14 वर्षों तक अध्यापन कार्य किया।
आपने समिति के अंतर्गत पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय रूप से कार्य किया।
स्वतंत्रता सेनानी आंदोलन में सहभागिता
सन् 1978 में आप स्वतंत्रता सेनानी आंदोलन में सक्रिय रूप से सहभागी रहीं और इसी दौरान आपको तीन माह 15 दिन की जेल की सजा भी हुई।
सन् 1982 में आपके पूज्य पिताजी का निधन हुआ।
इसके उपरांत आपने उषाताई जी के साथ उत्तर प्रदेश में प्रवास किया।
समिति में नेतृत्व भूमिका
सन् 1984 में आपको दिल्ली प्रांत की प्राचारिका के रूप में नियुक्त किया गया और दिल्ली केंद्र आपका कार्यस्थल रहा। इस कालखंड में पंजाब में आतंकवाद की शुरुआत हुई। आपने मोगा एवं जम्मू हत्याकांड जैसी घटनाओं के समय समाज में जागरूकता फैलाने एवं सहायता पहुँचाने का कार्य किया।
आपने जम्मू के छोटे शहरों में जाकर सेवा कार्य किया और वहाँ की स्थानीय सेविकाओं के सहयोग से सैनिकों को राखी बाँधने, बहनों को आतंकवाद की जानकारी देने, और अपहृत बालिकाओं की रक्षा एवं पुनर्वास का कार्य किया। संघ के स्वयंसेवकों द्वारा छुड़ाई गई बालिकाओं को सिंधुताई फाटक जी के सान्निध्य में संस्कार देकर उनका विवाह भी करवाया गया।
प्रशिक्षण एवं छात्रावास प्रबंधन
सन् 1984 से 1993 तक आपने समर्थ शिक्षा समिति, जिसकी स्थापना सिंधुताई फाटक ने की थी, उसमें सक्रिय रूप से कार्य किया।
सन् 1990 में आप उत्तर क्षेत्र की प्राचारिका बनीं और दिल्ली आपका केंद्र रहा। आपने वर्षों तक अखिल भारतीय सेवा प्रमुख का दायित्व भी निभाया।
पंजाब में उग्रवाद बढ़ने के कारण वहाँ बालिकाओं की सुरक्षा हेतु छात्रावास स्थापित किए गए। इसी प्रकार जम्मू और लद्दाख की बालिकाओं के लिए भी छात्रावास की व्यवस्था की गई।
राष्ट्रसेवा के महान संकल्प को जीवन का ध्येय बनाकर अपना सम्पूर्ण जीवन समाज और संगठन के कार्य में समर्पित करने वाली राष्ट्र सेविका समिति की वरिष्ठ प्रचारिका आ.रेखा ताई राजे जी का निधन अत्यंत दुःखद है।
जो जीवन राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित हो,
वह कभी समाप्त नहीं होता, प्रेरणा बन जाता है।
उनका त्याग, तपस्या और समर्पण हम सभी सेविकाओं के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
विनम्र श्रद्धांजलि।
ॐ शांति। 🙏🕉️