02/09/2026
“यज्ञो वै श्रेष्ठतमं कर्मः” यज्ञ संसार का सबसे श्रेष्ठ और उत्तम कर्म है।यह प्रसिद्ध सूक्ति शतपथ ब्राह्मण (1/7/1/5) ग्रंथ से ली गई है। वेदों और सनातन संस्कृति में यज्ञ को सभी कर्मों में सबसे ऊंचा स्थान दिया गया है। "श्रावणी पर्व" (योगीराज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) के उपलक्ष्य में आर्य समाज जमुनियांबाग अयोध्या में त्रिदिवसीय विशेष यज्ञ का शुभारंभ हुआ। जिसमें आर्य समाज के पदाधिकारीगण श्री विनय मनूचा जी(उपाध्यक्ष),श्री राजेश सिंह जी(मंत्री),श्री चुन्नू लाल गुप्ता जी,निःशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय अयोध्या के प्राचार्य एवं ब्रह्मचारीगण व पंडित माता प्रसाद त्रिपाठी राजकरण वैदिक इण्टर कालेज अयोध्या के प्रधानाचार्य,अध्यापक गण कर्मचारीगणों व छात्रों ने प्रतिभाग किया।.