14/12/2025
मित्र कुंभ 2025
✨ स्मृतियों का महासागर और संकल्पों की अनमोल धरोहर
स्थान: शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, दुर्ग
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"अभी नहीं तो कभी नहीं" - इस हृदय-स्पर्शी सत्य को जीवन देते हुए, दुर्ग पॉलीटेक्निक कॉलेज के इतिहास का वह सबसे बड़ा, सबसे गहरा पुनर्मिलन, "मित्र कुंभ 2025," अपनी स्वर्णिम यादों के साथ एक भावुक विदाई की ओर अग्रसर हुआ। यह केवल एक समारोह नहीं था; यह उन हज़ारों धड़कते दिलों का मिलन था जो वर्षों पहले कॉलेज की इन्हीं गलियों में एक लय में धड़के थे। वे जिन्होंने एक साथ ज्ञान की प्यास बुझाई और आज दुनिया के कोने-कोने में अपनी सफलता का दीप जला रहे हैं। यह मिलन सिद्ध करता है कि हमारी जड़ें कितनी मज़बूत और गहरी हैं।
⏳ आँखों में तैरती हुई स्मृतियाँ: एक मौन, मार्मिक यात्रा
समापन समारोह का सबसे मार्मिक पल वह था जब सभी पूर्व छात्रों को वर्तमान की भाग-दौड़ से एक छोटा सा विराम लेकर, अपने कॉलेज के अतीत में झाँकने का निमंत्रण दिया गया। उस पल हर आँख में एक कहानी थी: कॉलेज के पहले दिन की अनजानी सी घबराहट, विदाई के दिन का वह दग्ध कर देने वाला आँसू और करियर के पहले संघर्ष का रोमांच। उस मौन चिंतन ने सिद्ध कर दिया कि हम सब अपनी 'दुर्ग पॉलीटेक्निक माँ' से एक अटूट, आध्यात्मिक धागे से बंधे हैं।
🤝 दोस्ती का महाकुंभ: हृदय से हृदय का मिलन
"मित्र कुंभ 2025" सिर्फ़ एक उत्सव नहीं, बल्कि बिछड़े हुए दिलों को मिलाने वाला एक अविस्मरणीय, पवित्र अवसर बना। बरसों बाद जब सहपाठियों ने एक-दूसरे को देखा, तो शब्द कम पड़ गए और भावनाओं का सैलाब गले मिलकर बह निकला। कहीं वर्षों के दर्द और इंतज़ार को धोती हुई ठहाकों की गूंज थी, तो कहीं गुरुजनों के चरणों में शीश झुकाकर सम्मान देने का आँखों में नमी ला देने वाला दृश्य। इन दो दिनों में, बैच और उम्र की सभी दीवारें प्रेम के सैलाब में बह गईं और हर कोई सिर्फ़ 'दुर्ग पॉलीटेक्निक परिवार' का एक अविभाज्य अंग बन गया।
✨ भव्यता नहीं, भावना थी पहचान
यह आयोजन अपनी हृदय विदारक भावनात्मक गहराई, अनुशासन और भव्यता के लिए सदैव इतिहास के पन्नों में अमर रहेगा। "मित्र कुंभ 2025" परिवार—आयोजक समिति, अथक स्वयंसेवकों और विशेष रूप से दूर-दराज से पधारे हर एक पूर्व छात्र—के प्रति हम हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त करते हैं। आपकी उपस्थिति ने इसे मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी साझा आत्मा का उत्सव बना दिया।
हम सबने मिलकर सिर्फ़ स्मृतियों को संजोया ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक पक्का संकल्प भी लिया है: अपने प्यारे कॉलेज और वर्तमान छात्रों के भविष्य के लिए अपने अनुभव और शक्ति को समर्पित करना। यह पुनर्मिलन अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक वार्षिक तीर्थ और एल्युमिनी एसोसिएशन की अमिट शक्ति का प्रतीक बन चुका है।
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अंत में, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि "मित्र कुंभ 2025" ने साबित कर दिया कि कॉलेज के गलियारों में पनपी दोस्ती समय और दूरी के सभी बंधनों से परे है। यह एक ऐसा पवित्र बंधन है जो हमेशा हमें प्रेरित करेगा, हमारी जड़ों की याद दिलाएगा और हमें एक-दूसरे से जोड़े रखेगा।
इस भव्य, भावनात्मक आयोजन को सफल बनाने के लिए 'मित्र कुंभ 2025' परिवार का हिस्सा बनने हेतु, हृदय के अंतस्तल से आभार!
आपकी उपस्थिति, हमारा सम्मान!
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शीतल दुबे
सचिव
एलुमनी एसोसिएशन
पॉलीटेक्निक दुर्ग