All India Ekta Foundation Jharkhand

All India Ekta Foundation Jharkhand मजहब नही सिखाता आपस में बेर रखना हिंदी है हम वतन है हिंदुस्तान हमारा humanity help is best prayer

09/04/2026

ईरान में यहूदियों की आबादी लगभग 25,000 है।

ईरान में ईसाइयों की आबादी लगभग 147,940 है‌

ईरान में हिंदू आबादी लगभग 40,000 है।

मगर इतने दिनों की ईरान और अमेरिका - इज़राइल की लड़ाई में ना किसी यहूदी की माब ब्लिचिंग हुई ना इसाई की ना किसी हिन्दू की।

ईरानियों ने किसी से अपने देश का मज़हबी गीत भी गला दबाकर लाठी डंडे के ज़ोर पर नहीं गवाया...ना "अल्लाह हू अकबर" कहलवाया और मारा पीटा...!

ना किसी से देशभक्ति का सबूत मांगा , ना किसी को गद्दार कहा , ना यहूदियों से इज़राइल जाने को कहा ना ईसाईयों को अमेरिका ना हिंदुओं को नेपाल जाने को कहा...!

तेहरान में स्थित यहूदी धर्म स्थल "रफी निया सिनेगॉग" इज़राइल के हमले में क्षतिग्रस्त हुआ जो यहूदियों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक केंद्र था।

ईरान के लोग यहूदियों की मदद के लिए वहां पहुंचे, उसे पुनः बनाने का वादा किया, किसी ने नहीं कहा कि इसके नीचे हमारे इमाम की कब्र है।

ईरान में हिंदू मंदिर भी हैं, जैसे कि बंदर अब्बास में विष्णु मंदिर और तेहरान में श्री वेंकटेश्वर मंदिर मगर किसी ईरानी ने इनके ऊपर अपना धार्मिक झंडा नहीं लहराया ना डीजे बजाया ना गाना गाया ... "इसी का नाम है ईनसानियत

*ऑल इंडिया एकता फाउंडेशन झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष सह युवा कांग्रेस नेता अनीस अरबी साथ बाघमारा अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष ...
14/03/2026

*ऑल इंडिया एकता फाउंडेशन झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष सह युवा कांग्रेस नेता अनीस अरबी साथ बाघमारा अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष कांग्रेस नेता अमीर रईस ने किया कतरास थानेदार प्रवीण कुमार से शिष्टाचार मुलाकात*

कतरास।ऑल इंडिया एकता फाउंडेशन झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष सह युवा कांग्रेस नेता अनीस अरबी साथ बाघमारा अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष कांग्रेस नेता अमीर रईस ने कतरास थाना के नए थाना प्रभारी प्रवीण कुमार से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान अनीस अरबी और और अमीर रईस ने थाना प्रभारी को गुलदस्ता देकर स्वागत किया और कहा कि कतरास में सामाजिक कार्यों के आयोजन में जहां भी पुलिस प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता होगी, वहां वे हमेशा सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए तत्पर रहेंगे।

कल्पना कीजिए 2 सितंबर 2010 की एक अंधेरी रात। मौर्य एक्सप्रेस ट्रेन पश्चिम बंगाल के घने जंगलों से गुजर रही थी। ट्रेन रांच...
04/01/2026

कल्पना कीजिए 2 सितंबर 2010 की एक अंधेरी रात। मौर्य एक्सप्रेस ट्रेन पश्चिम बंगाल के घने जंगलों से गुजर रही थी। ट्रेन रांची से गोरखपुर की ओर बढ़ रही थी। इसी ट्रेन में सवार थे 35 वर्षीय रिटायर्ड गोरखा सैनिक बिष्णु प्रसाद श्रेष्ठ, जो भारतीय सेना की 8वीं गोरखा राइफल्स की 7वीं बटालियन में सेवा दे चुके थे और अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे थे। डिब्बे में सामान्य यात्री थे, किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यह यात्रा मौत और साहस के बीच की लड़ाई बन जाएगी।

अचानक ट्रेन रुकती है। अंधेरे का फायदा उठाकर 30-40 के बीच हथियारबंद डाकू ट्रेन पर चढ़ आते हैं। उनके हाथों में चाकू, तलवारें, कुल्हाड़ी और कुछ के पास पिस्तौलें थीं। पूरे डिब्बे में चीख पुकार मच जाती है। यात्री डर से सिमट जाते हैं। डाकू मोबाइल, पैसे, गहने और कीमती सामान लूटने लगते हैं। बिष्णु स्थिति को समझते हुए चुप रहते हैं और अपना वॉलेट दे देते हैं, क्योंकि वे जानते थे कि अकेले होकर सीधे टकराना उस समय सही नहीं होगा।

लेकिन तभी हालात बदल जाते हैं। डाकू एक 18 साल की लड़की को पकड़ लेते हैं, जो अपने माता पिता के साथ यात्रा कर रही थी। वे उसे घसीटने लगते हैं और उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश करते हैं। लड़की डर और बेबसी में चीख उठती है और बिष्णु की ओर देखकर कहती है, आप सैनिक हैं, मेरी रक्षा कीजिए, मुझे अपनी बहन समझिए। यह सुनते ही एक गोरखा सैनिक का खून खौल उठता है।

अगले ही पल बिष्णु अपनी कमर से पारंपरिक खुकरी निकालते हैं और अकेले ही डाकुओं पर टूट पड़ते हैं। उन्होंने एक डाकू को पकड़कर मानव ढाल बनाया और बिजली की रफ्तार से वार शुरू कर दिए। खुकरी की चमक और अचानक हुए हमले से डाकू घबरा जाते हैं। कुछ ही मिनटों में हालात पलट जाते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार तीन डाकू मारे गए और करीब आठ गंभीर रूप से घायल हुए। बाकी डाकू यह कहते हुए भाग खड़े हुए कि एक आदमी हम सब पर भारी पड़ रहा है।

इस भीषण संघर्ष में बिष्णु के बाएं हाथ पर गहरी चोट आती है और उन्हें करीब दो महीने अस्पताल में रहना पड़ता है। लड़की के गले पर हल्की खरोंच जरूर आती है, लेकिन उसकी इज्जत बच जाती है। यात्रियों का बड़ा नुकसान भी टल जाता है। बाद में पुलिस ने कई डाकुओं को पकड़ लिया और लूटा हुआ सामान बरामद किया।

इस असाधारण वीरता के लिए बिष्णु प्रसाद श्रेष्ठ को सेना मेडल और उत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया। लड़की के परिवार ने उन्हें इनाम देना चाहा, लेकिन उन्होंने विनम्रता से मना कर दिया और कहा, युद्ध में दुश्मन से लड़ना सैनिक का कर्तव्य है, लेकिन ट्रेन में डाकुओं से लड़ना एक इंसान का कर्तव्य था।

यह गोरखा सैनिकों की बहादुरी, साहस और मानवता की एक जीवित मिसाल है। जय हिंद 🇮🇳

03/12/2024
27/10/2024

झारखण्ड विधानसभा चुनाव में अपने मत का सही चुनाव करे और मतदान में जरूर भागीदार बनें

एक फटी धोती और फटी कमीज पहने एक  व्यक्ति अपनी 15-16 साल की बेटी के साथ एक बड़े होटल में पहुंचा। उन दोंनो को कुर्सी पर बै...
29/11/2023

एक फटी धोती और फटी कमीज पहने एक व्यक्ति अपनी 15-16 साल की बेटी के साथ एक बड़े होटल में पहुंचा। उन दोंनो को कुर्सी पर बैठा देख एक वेटर ने उनके सामने दो गिलास साफ ठंडे पानी के रख दिए और पूछा- आपके लिए क्या लाना है?

उस व्यक्ति ने कहा- "मैंने मेरी बेटी को वादा किया था कि यदि तुम कक्षा दस में जिले में प्रथम आओगी तो मैं तुम्हे शहर के सबसे बड़े होटल में एक डोसा खिलाऊंगा।

इसने वादा पूरा कर दिया। कृपया इसके लिए एक डोसा ले आओ।"वेटर ने पूछा- "आपके लिए क्या लाना है?" उसने कहा-"मेरे पास एक ही डोसे का पैसा है।"पूरी बात सुनकर वेटर मालिक के पास गया और पूरी कहानी बता कर कहा-"मैं इन दोनो को भर पेट नास्ता कराना चाहता हूँ।अभी मेरे पास पैसे नहीं है,इसलिए इनके बिल की रकम आप मेरी सैलेरी से काट लेना।"मालिक ने कहा- "आज हम होटल की तरफ से इस होनहार बेटी की सफलता की पार्टी देंगे।"

होटलवालों ने एक टेबल को अच्छी तरह से सजाया और बहुत ही शानदार ढंग से सभी उपस्थित ग्राहको के साथ उस गरीब बच्ची की सफलता का जश्न मनाया।मालिक ने उन्हे एक बड़े थैले में तीन डोसे और पूरे मोहल्ले में बांटने के लिए मिठाई उपहार स्वरूप पैक करके दे दी। इतना सम्मान पाकर आंखों में खुशी के आंसू लिए वे अपने घर चले गए।

समय बीतता गया और एक दिन वही लड़की I.A.S.की परीक्षा पास कर उसी शहर में कलेक्टर बनकर आई।उसने सबसे पहले उसी होटल मे एक सिपाही भेज कर कहलाया कि कलेक्टर साहिबा नास्ता करने आयेंगी। होटल मालिक ने तुरन्त एक टेबल को अच्छी तरह से सजा दिया।यह खबर सुनते ही पूरा होटल ग्राहकों से भर गया।

कलेक्टर रूपी वही लड़की होटल में मुस्कराती हुई अपने माता-पिता के साथ पहुंची।सभी उसके सम्मान में खड़े हो गए।होटल के मालिक ने उन्हे गुलदस्ता भेंट किया और आर्डर के लिए निवेदन किया।उस लड़की ने खड़े होकर होटल मालिक और उस बेटर के आगे नतमस्तक होकर कहा- "शायद आप दोनों ने मुझे पहचाना नहीं।मैं वही लड़की हूँ जिसके पिता के पास दूसरा डोसा लेने के पैसे नहीं थे और आप दोनों ने मानवता की सच्ची मिसाल पेश करते हुए,मेरे पास होने की खुशी में एक शानदार पार्टी दी थी और मेरे पूरे मोहल्ले के लिए भी मिठाई पैक करके दी थी।

आज मैं आप दोनों की बदौलत ही कलेक्टर बनी हूँ।आप दोनो का एहसान में सदैव याद रखूंगी।आज यह पार्टी मेरी तरफ से है और उपस्थित सभी ग्राहकों एवं पूरे होटल स्टाफ का बिल मैं दूंगी।कल आप दोनों को "" श्रेष्ठ नागरिक "" का सम्मान एक नागरिक मंच पर किया जायेगा।

शिक्षा-- किसी भी गरीब की गरीबी का मजाक बनाने के वजाय उसकी प्रतिभा का उचित सम्मान करें।
बेटी बचाओ।
बेटी पढाओ।

एक  #कहावत_चरितार्थ थी जो  #बचपन से ही हम सबने सुनते हुए बड़े हुए ~  #चंदा_मामा_दूर_के ,,,लेकिन चंदा मामा दूर के नही अब ...
23/08/2023

एक #कहावत_चरितार्थ थी जो #बचपन से ही हम सबने सुनते हुए बड़े हुए ~ #चंदा_मामा_दूर_के ,,,लेकिन चंदा मामा दूर के नही अब अपने घर के हो गए है। आज का दिन बहुत ही गर्व का दिन सभी भारतीय के लिए है जिसका श्रेय भारत के #चंद्रयान_3 के मिशन के #सदस्यों और #वैज्ञानिक को जाता है इनके प्रयास से आज का दिन हमलोगो को देखने को मिला और उस मुकाम पे भारत को खड़ा किया है दुनिया के चार देशों में अमेरिका,चीन , रूस चोथा देश #भारत भी शामिल है और भारत का नाम इतिहास के पन्नो में सुनहरे अक्षरों से लिखा गया है।
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All India Ekta Foundation Jharkhand Jawed Akhter Anish Arbi के और तहे दिल से मुबारकबाद

अपनी पत्नी को खो देने के बाद बिहार के एक मजदूर ने पहाड़ के बीच से रास्ता बनाने का सोचा. उसके पास न ताकत थी और न पैसा. लेक...
16/01/2023

अपनी पत्नी को खो देने के बाद बिहार के एक मजदूर ने पहाड़ के बीच से रास्ता बनाने का सोचा. उसके पास न ताकत थी और न पैसा. लेकिन अपने जुनून, जोश और जिद की बदौलत उसने इस असंभव काम को संभव बना दिया. #बिहार_का_गौरव_माउंटेन_मैन' ांझी की जयंती पर कोटि कोटि नमन 💐🙏

अशोक चक्र से सम्मानित अमर शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि !!! 🙏🙏🙏
03/01/2023

अशोक चक्र से सम्मानित अमर शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि !!! 🙏🙏🙏

 #कुली नंबर36 हूं इज्जत का खाती हूं बच्चों को बनाऊंगी अफसर 45 मर्दों के बीच अकेली कुली है संध्या भले ही मेरे सपने टूटे ह...
03/01/2023

#कुली नंबर36 हूं इज्जत का खाती हूं बच्चों को बनाऊंगी अफसर 45 मर्दों के बीच अकेली कुली है संध्या

भले ही मेरे सपने टूटे हैं लेकिन हौसले अभी जिंदा है जिंदगी ने मुझसे मेरा हमसफर छीन लिया लेकिन अब बच्चों को पढ़ा लिखाकर फौज में अफसर बनाना मेरा सपना है। इसके लिए मैं किसी के आगे हाथ नहीं
फैलाऊंगी कुली नंबर 36 हूं और इज्जत का खाती हूं यह कहना है 31 वर्षीय महिला कुली संध्या का। महिला कुली को देखकर हैरत में पड़ जाते हैं लोग मध्य प्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर कुली संध्या प्रतिदिन बूढ़ी सास और तीन बच्चों की अच्छी परवरिश का जिम्मा अपने कंधो पर लिए यात्रियों का बोझ ढो रही है। रेलवे कुली का लाइसेंस अपने नाम बनवाने के बाद बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना करते हुए साहस और मेहनत के साथ जब वह वजन लेकर प्लेटफॉर्म पर चलती है तो लोग हैरत में पड़ जाते हैं और साथ ही उसके जज्बे को सलाम करने को मजबूर भी

दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं
23/10/2022

दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं

ईद मिलादुन्नबी के पाक दिन पर गरीब एवं असहाय लोगो को खाना खिलाया गया।ऑल इंडिया एकता फाउंडेशन झारखंड प्रदेश अध्यक्ष , अनीस...
09/10/2022

ईद मिलादुन्नबी के पाक दिन पर गरीब एवं असहाय लोगो को खाना खिलाया गया।
ऑल इंडिया एकता फाउंडेशन झारखंड प्रदेश अध्यक्ष , अनीस अरबी , प्रदेश सचिव मो० आमिर राईस समाज सेवी तथा वार्ड नं 1 भावी पार्षद दिलीप दसौंधी

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