Bhartiya Gram Vikas Samiti

Bhartiya Gram Vikas Samiti Bhartiya Gram Vikas Samiti is a social service organization working towards a better society

Bhartiya Gram Vikas Samiti is a social service organization working towards a better society.True to its name 'Bhartiya Gram Vikas Samiti' perseveres to bring in a positive change in ruler area of India, and pay back to the society which helped us.

29/09/2024
 #जैविक खेती :-देशी नुस्खों द्वारा कीटों से फसल सुरक्षा के तरीके▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️आधुनिक युग में कीटना...
24/09/2024

#जैविक खेती :-देशी नुस्खों द्वारा कीटों से फसल सुरक्षा के तरीके
▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️
आधुनिक युग में कीटनाशकों का नाम मात्र भी इस्तेमाल न करते हुए खेतीबाड़ी करना थोड़ा कठिन है, लेकिन देशी तरीकों से खेतीबाड़ी में खर्च भी बहुत कम आता है।
यह देशी चीजें आप को आपके इर्द –गिर्द ही मिल जाती हैं, बगैर किसी भाग दौड़ के, चाहे आप की फसल सब्जी की हो या अनाज की फसल हो,बगैर किसी रसायन के तैयार की जा सकती है। जिससे मानव जीवन पर कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता है, तथा उसकी कीमत भी रासायनिक फसलों से ज़्यादा मिलती है।
देशी नुस्खा (क):- सफ़ेद फिटकरी-
जब भी कोई फसल ऊपर से लेकर नीचे तक सूखने लगती है, तो समझना चाहिए कि इसकी जड़ों पर फफूंद का हमला हो चुका है। इससे बचने के लिए खेत में पानी लगाते समय ट्यूबवेल के गड्ढे में 1 किलो ग्राम सफ़ेद फिटकरी का टुकड़ा रख दें और पानी देना शुरू कर दें। वह फिटकरीयुक्त पानीपौधों कि जड़ों में लग जाएगा तथा पौधे पुनः स्वस्थ हो जाएंगे।
देशी नुस्खा (ख):- उपले कि राख तथा बुझा चूना-
उपले या चूल्हे कि राख तथा बुझा चूना, एक किलो ग्राम प्रति 25 लीटर पानी में डाल कर 5-6 घंटे के लिए रख दें, तद्उपरांत इस घोल को जितनी भी बेल (जायद) प्रजाति कि फसलों जैसे:- कद्दू, खीरा, घिया, तोरी आदि पर, इसका छिड़काव करने से लाल सूड़ी, कीड़े-मकौड़ों से छुटकारा मिल जाएगा।
देशी नुस्खा (ग):- गोमूत्र, जंगली तंबाकू,ऑक, नीम के पत्ते तथा धतूरा:-
किसी भी प्रकार कि फसल के लिए कीटनाशक कि जगह इन पाँच चीजों (प्रति 500 ग्राम) का घोल बनाकर, इन सभी को 15-20 दिन के लिए एक बर्तन में (चाहे प्लास्टिक का टब या मिट्टी का घड़ा) 20-25 लीटर पानी डाल कर रख देतें हैं। बाद में इस घोल को कपड़े से छान कर किसी भी प्रकार कि फसल के लिए कीटनाशक की जगह छिड़काव कर सकतें हैं।
देशी नुस्खा (घ):- खट्टी लस्सी, गल गल और गोबर के उपले:-
खट्टी लस्सी दो किलो, गलगल (नींबू प्रजाति) एक, गोबर के उपले तीन किलो। उपले जीतने पुरानें होंगे उतना ही अच्छा होगा। इन उपलों को 6 दिन के लिए 10-12 लीटर पानी में डाल कर रख देना चाहिए। उसके बाद इन उपलों को अलग निकाल दें, और उपले वाले पानी में दो किलो खट्टी लस्सी जो कि 15 दिन पुरानी हो तथा एक गलगल पीस कर या निचोड़ कर सारे घोल को कपड़े से छान कर एक घोलक तैयार करके,पीलिया रोग से ग्रसित फसल के ऊपर छिड़काव कर देंगे। कुछ दिनों के बाद फसल का रंग रूप देखने लायक होगा।
जानकारी जैविक खेती करने वाले किसानों के अनुभव के आधार पर है आप छोटी जगह पर उपयोग करके देखिये निश्चित ही परिणाम अच्छे मिलते है अनुभव अवश्य साझा करें।
साभार 🙏

Address

Deoria

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Bhartiya Gram Vikas Samiti posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share