23/01/2025
आई.पी.सी.फाउंडेशन ट्रस्ट एवं इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी, देवघर के संयुक्त तत्वाधान में रेडक्रॉस भवन में दो दिवसीय किडनी सम्बन्धित स्वास्थ जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ सब डिविजनल मजिस्ट्रेट देवघर सह उपाध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, देवघर श्री रवि कुमार विख्यात किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ विवेकानंद झा, चेयरमैन रेडक्रॉस श्री जितेश राजपाल, कोषाध्यक्ष श्री राजकुमार बरनवाल, द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया, तत्पश्चात कार्यकारिणी सदस्य संजय मिश्रा, सुधांशु शेखर बरनवाल, आनंद शाह, विजय प्रताप सनातन द्वारा अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए रेडक्रॉस चेयरमैन श्री जितेश राजपाल ने कहा की देवघर आज स्वास्थय के क्षेत्र में बहुत तरक्की कर चुका लेकिन वर्तमान समय में हमारे शहर में किडनी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की भारी कमी है, देवघर में ऐसे सैंकड़ों मरीज हैं जो डायलिसिस के सहारे अपना जीवन जी रहे हैं, लेकिन अगर यहां बेहतर नेफ्रोलॉजिस्ट आ जाएं तो ऐसे मरीजों की तकलीफ बहुत हद तक कम हो जाएगी । मैं डॉ विवेकानंद झा का हृदय की गहराइयों से आभार व्यक्त करता हूं की उन्होंने अपना बहुमूल्य समय हमें दिया, मैं आप तमाम लोगों को आश्वस्त करता हूं की रेडक्रॉस आम जनमानस के सेवा कार्य हेतु सदैव पूरी समर्पण और निष्ठा के साथ इसी प्रकार प्रयासरत रहेगा ।
मौके पर *एस.डी.एम देवघर सह उपाध्यक्ष रेडक्रॉस श्री रवि कुमार* ने कहा की ऐसे आयोजन करने हेतु रेडक्रॉस की पूरी टीम का बहुत बहुत आभार, निःसंदेह रेडक्रॉस द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक कार्य प्रशंसनीय हैं, जिला प्रशासन और राज्य सरकार पूर्ण रूप से जिलेवासियों को उच्च स्तरीय स्वास्थ व्यवस्था मुहैया कराने हेतु प्रयासरत है, अपने व्यस्ततम दिनचर्या से समय निकालकर इस शिविर में पूर्ण रूप से समय देने हेतु डॉ विवेकानंद झा की जितनी प्रशंसा की जाए कम होगा ।अंत में एसडीएम सर ने लोगों से किडनी से संबंधित शिकायतों की जांच कराकर इसका लाभ लेने की अपील की । डॉ विवेकानंद झा ने कहा की देवघर मेरी जन्मस्थली है और अगर यहां के लोग मुझसे लाभान्वित हो रहे हैं तो यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है, किडनी हमारे शरीर का सबसे जरूरी अंग है, यह मुख्य रूप से यूरिया, क्रिएटिनिन, एसिड जैसे नाइट्रोजनयुक्त वेस्ट मटेरियल उत्पादों से ब्लड को फिल्टर करने के लिए जिम्मेदार होती है, ये सभी टॉक्सिन्स हमारे ब्लैडर में जाते हैं और पेशाब करते समय बाहर निकल जाते हैं। लाखों लोग किडनी की कई तरह की बीमारियों के साथ जी रहे हैं और इनमें से ज्यादातर को इसका अंदाजा नहीं होता, यही वजह है कि किडनी की बीमारी को अक्सर साइलेंट किलर के रूप में जाना जाता है, किडनी खराब होने के लक्षण इतने हल्के होते हैं कि ज्यादातर लोगों को बीमारी के बढऩे तक कोई अतंर महसूस नहीं होता। जब चोट लगने , हाई ब्लड प्रेशर या फिर डायबिटीज के कारण किडनी डैमेज हो जाती हैं, तो यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को फिल्टर नहीं कर पाती, जिससे जहर का निर्माण होता है। ऐसे में किडनी ठीक से काम नहीं करती और टॉक्सिन जमा हो सकते हैं । यहां पर टॉक्सिक किडनी के कुछ संकेत दिए गए हैं, जो आपको समय रहते बता देंगे कि आपकी किडनी खराब होना शुरू हो गई है और आपको इस पर जल्द ध्यान देना चाहिए और हर मनुष्य को एक निश्चित समय के बाद अपने दोनों गुर्दों का परीक्षण भी करवाते रहना चाहिए....! वहीं धन्यवाद ज्ञापन रेडक्रॉस के श्री आनंद शाह ने किया और मंच संचालन रेड रोज स्कूल के प्राचार्य राम सेवक गुंजन ने किया। वही हेल्प डेस्क पर सृष्टि वर्मा एवं साक्षी वर्मा का योगदान सराहनीय रहा। ज्ञात हो इस स्वास्थ जांच शिविर में लगभग 65 लोगों ने अपना पंजीयन कराया जिसमे 58 लोगों ने डॉक्टर विवेकानंद झा से चिकित्सकीय सलाह लिया । आज के कार्यक्रम में उपरोक्त के अलावे मुख्य रूप से रेडक्रॉस के कार्यकारिणी सदस्य डॉ एन.सी.गांधी, अर्चना भगत, राकेश करमाहे, उमा छौछरिया, संगीता सुल्तानिया, आजीवन सदस्य अभिजीत सिंह, ज्योति, महेश लाठ, दो अनिकेत सहित अन्य लोगों की गरिमामय उपस्थिति रही !
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